🔴सीसीटीवी फुटेज और तकनीकी साक्ष्यों से चिन्हित किए गए संभावित रास्ते, सोशल मीडिया के जरिए भी मांगी गई थी आम लोगों से मदद
भिलाई/दुर्ग, 15 सितंबर 2026। सातवीं वाहिनी छत्तीसगढ़ सशस्त्र बल, भिलाई एवं जिला बल दुर्ग के संयुक्त तत्वावधान में संचालित ‘ऑपरेशन खेमू’ के सफलतापूर्वक संपन्न होने पर 15 सितंबर 2026 को सम्मान समारोह आयोजित किया गया। इस अभियान में तकनीकी संसाधनों, सीसीटीवी फुटेज और आम नागरिकों के सहयोग से पुलिस श्वान ‘खेमू’ को सकुशल बरामद करने में सफलता मिली।
समारोह में सेनानी श्रीमती निवेदिता पॉल (रा.पु.से.), उप सेनानी श्रीमती प्रज्ञा मेश्राम (रा.पु.से.), उप सेनानी श्रीमती सबा अंजुम, सहायक सेनानी इंद्रसेन बंजारे एवं सहायक सेनानी संदीप मोरे सहित सातवीं वाहिनी और साइबर सेल, जिला दुर्ग के अधिकारी-कर्मचारी मौजूद रहे।
सीसीटीवी और तकनीकी साक्ष्यों से तलाश को मिली दिशा
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक दुर्ग विजय अग्रवाल के मार्गदर्शन में साइबर सेल ने ऑपरेशन के दौरान उपलब्ध तकनीकी संसाधनों का प्रभावी इस्तेमाल किया। विभिन्न स्थानों पर लगे सीसीटीवी कैमरों से प्राप्त फुटेज का संकलन और बारीकी से विश्लेषण किया गया।

तकनीकी साक्ष्यों और सीसीटीवी फुटेज के आधार पर पुलिस श्वान खेमू के संभावित आवागमन मार्गों को चिन्हित किया गया। इसके बाद ट्रैकर डॉग टीम के साथ समन्वय कर चिन्हित रास्तों पर व्यवस्थित तरीके से तलाश अभियान चलाया गया।
सोशल मीडिया के जरिए मांगी गई आम लोगों से मदद
खेमू की तलाश में पुलिस ने उसका फोटो सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म और विभिन्न व्हाट्सऐप ग्रुपों में भी व्यापक रूप से प्रसारित किया। पुलिस की इस पहल से आम नागरिकों तक जानकारी पहुंची और लोगों से महत्वपूर्ण सूचनाएं प्राप्त हुईं।
तकनीकी जांच और जनसहयोग से मिली सूचनाओं को आपस में जोड़ते हुए पुलिस टीम ने अभियान को आगे बढ़ाया और अंततः पुलिस श्वान खेमू को सकुशल बरामद कर लिया।
साइबर सेल की टीम का विशेष योगदान
ऑपरेशन की सफलता में साइबर सेल, जिला दुर्ग के सहायक उप निरीक्षक सुरेश पांडे, प्रधान आरक्षक प्रेम सिंह, आरक्षक विश्वजीत सिंह, आरक्षक राजू राणा एवं आरक्षक चंदन भास्कर का विशेष योगदान रहा।
टीम ने तकनीकी सूचनाओं का संकलन, सीसीटीवी फुटेज का विश्लेषण और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर खेमू के संभावित आवागमन मार्गों का निर्धारण करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
डॉग लवर एसोसिएशन और नागरिकों ने भी दिया साथ
अभियान में डॉग लवर एसोसिएशन, नगर निगम और आम नागरिकों ने भी पुलिस टीम को आवश्यक सहयोग दिया। इस दौरान के. अनुप कुमार और अमित दुबे सहित अन्य सहयोगियों द्वारा उपलब्ध कराई गई महत्वपूर्ण सूचनाओं से भी तलाश अभियान को मदद मिली।
सहयोगियों का किया गया सम्मान
सम्मान समारोह में सेनानी निवेदिता पॉल ने ऑपरेशन खेमू की सफलता में योगदान देने वाले पुलिस अधिकारी-कर्मचारियों, साइबर सेल के सदस्यों, डॉग लवर एसोसिएशन के प्रतिनिधियों, नगर निगम कर्मियों और आम नागरिकों के प्रयासों की सराहना की।
उन्होंने कहा कि तकनीक, पुलिस टीम के समन्वित प्रयास और आम नागरिकों के सहयोग से अभियान को सफल बनाया जा सका। ऑपरेशन खेमू इस बात का उदाहरण रहा कि पुलिस की तकनीकी क्षमता और जनसहयोग मिलकर किसी चुनौतीपूर्ण तलाश अभियान को सफलता तक पहुंचा सकते हैं।

