सीजी न्यूज ऑनलाइन 08 सितंबर। राज्य सरकार छत्तीसगढ़ में पुलिस आयुक्त प्रणाली लागू करने का खाका लगभग तैयार कर चुकी है। सरकार नई व्यवस्था लागू होने से पहले पुलिस कमिश्नर सिस्टम के कामकाज को भी पूरी तरह स्पष्ट करना चाहती है। पुलिस कमिश्नरी प्रणाली को क्रियान्वित करने की सरकार की तरफ से उलटी गिनती शुरू हो चुकी है। सत्ता के गलियारे से लेकर पीएचक्यू में चर्चा जोरों पर हैं कि कमिश्नर की कुर्सी किसे मिलेगी। आईपीएस रतनलाल डांगी को दौड़ में सबसे आगे माना जा रहा है। हालांकि कमिश्नर की रेस में बद्रीनारायण मीणा, डॉ. संजीव शुक्ला, राम गोपाल गर्ग और दीपक कुमार झा के नामों की भी चर्चा हो रही है। आखिरी समय में ऊंट किस करवट बैठेगा यह तो वक्त ही बताएगा।
अतिरिक्त पुलिस आयुक्त डीआईजी रैंक में जिन अफसरों के नाम दौड़ में शामिल बताए जा रहे हैं उनमें सदानंद कुमार, गिरिजाशंकर जायसवाल और डॉ.
संतोष कुमार सिंह शामिल हैं। पुलिस उप आयुक्त एसपी रैंक पदों के लिए जितेंद्र शुक्ला, शलभ कुमार सिन्हा, चंद्रमोहन सिंह और त्रिलोक बंसल के नामों की चर्चा छिड़ी हुई है। राजधानी रायपुर में पुलिस कमिश्नर सिस्टम लागू होते ही आईपीएस अफसरों की अदला-बदली भी होनी है। छत्तीसगढ़ के आधा दर्जन जिलों में
एसपी के पद पर काबिज आईपीएस अफसरों के तबादले की भी चर्चा होने लगी है। हालांकि अभी दिल्ली दूर है। पुलिस कमिश्नर सिस्टम लागू होने में तकरीबन एक महीने का समय है। तब तक तो यह मानकर चलिए कि जिन आईपीएस अफसरों के तबादले की चर्चा हो रही है, फिलहाल अपनी जगह पर कायम रहेंगे। चर्चा जब आईपीएस अफसरों के तबादले की छिड़ ही चुकी है तो यह बताना भी जरुरी है, इसमें किस रैंक के अफसर आएंगे। छत्तीसगढ़ के आठ जिलों में पुलिस अधीक्षक के पद पर काबिज आईपीएस व सीनियर आईपीएस के अलावा छत्तीसगढ़ सशस्त्र बल बटालियन के अलावा पीएचक्यू में उप पुलिस अधीक्षक व डीआईजी रैंक पर नई नियुक्ति भी हो सकती है।
इन जिलों के SP के ट्रांसफर होने की चर्चा
पुलिस आयुक्त सिस्टम लागू होने के साथ ही पुलिस अधीक्षकों के तबादले की भी चर्चा होने लगी है। कोरबा, रायगढ़, महासमुंद, राजनादगांव व धमतरी जिले को शामिल बताया जा रहा है। रायपुर, बिलासपुर और दुर्ग के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक विजय अग्रवाल फिलहाल अपने पद पर बने रहेंगे ऐसा सूत्र बता रहे हैं अब समय ही बताया कि किसको क्या मिलता है लेकिन चर्चाओं का दौर शुरू हो गया है।

