दुर्ग 6 जून । प्लास्टिक प्रदूषण हमारे दैनिक जीवन की सबसे बड़ी समस्या है। इस समस्या का निदान हमें स्वयं ही करने का प्रयास करना होगा। ये उद्गार हेमचंद यादव विश्वविद्यालय दुर्ग की कुलपति, डाॅ. अरूणा पल्टा ने आज व्यक्त किये। डाॅ. पल्टा 05 जून विश्व पर्यावरण दिवस पर विश्वविद्यालय परिसर स्थित टैगोर हाॅल में आयोजित समारोह के मुख्य अतिथि के रूप में बड़ी संख्या में उपस्थित छात्र-छात्राओं, प्राध्यापकों, शोधार्थियों कर्मचारियों आदि को संबोधित कर रही थी। डाॅ. पल्टा ने कहा कि यथा संभव हम स्वयं अपने दिनचर्या से प्लास्टिक का उपयोग कम से कम करने का प्रयास करें। उच्च गुणवत्ता वाले प्लास्टिक का ही प्रयोग करे। बाजार में खाद्य सामाग्री अथवा सब्जी आदि लेने हेतु घर से स्वयं कपड़े का थैला साथ में लेकर जाये। इससे बड़ी मात्रा में पालीथीन के उपयोग पर नियंत्रण करने में सहायता मिलेगी।
समारोह में मुख्य वक्ता के रूप में संयुक्त राष्ट्रसंघ द्वारा वर्ष 2023 हेतु विश्व पर्यावरण दिवस की मुख्य थीम प्लास्टिक प्रदूषण को रोकना विषय पर पावर प्वाइंट प्रस्तुतिकरण देते हुए शासकीय डीबी गर्ल्स काॅलेज, रायपुर की प्राध्यापक, डाॅ. उषा किरण अग्रवाल ने प्लास्टिक के प्रयोग से होने वाला प्रदूषण एवं एक आम व्यक्ति द्वारा प्लास्टिक प्रदूषण को कम करने के उपायों की सारगर्भित जानकारी दी। लगभग 50 से रंगीन स्लाईड के माध्यम से डाॅ. अग्रवाल ने प्लास्टिक की उत्पत्ति प्लास्टिक से हानि तथा उससे बचाव का रोचक प्रस्तुतिकरण किया। कार्यक्रम का संचालन विश्वविद्यालय के अधिष्ठाता छात्र कल्याण, डाॅ. प्रशांत श्रीवास्तव तथा धन्यवाद ज्ञापन कुलसचिव, भूपेन्द्र कुलदीप ने किया।

इस अवसर पर कुलसचिव भूपेन्द्र कुलदीप ने भी अपने विचार व्यक्त किये। विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर विश्वविद्यालय द्वारा ’’चहके पंछी अभियान’’ की भी शुरूआत कुलपति डाॅ. पल्टा द्वारा अन्य अतिथियों की उपस्थिति में की गई। इस अभियान के तहत विश्वविद्यालय परिसर में पक्षियों के लिए जल एवं अन्न की व्यवस्था कई स्थानों पर की जायेगी। इसका दायित्व विश्वविद्यालय के कर्मचारियों को सौंपा गया हैं। इसी प्रकार विश्वविद्यालय ने इस बार पर्यावरण के क्षेत्र में उल्लेखनीय कार्य करने तथा एक हजार से अधिक पौधा रोपण तथा रोपित पौधो के संरक्षण हेतु विश्वविद्यालय के दैनिक वेतन भोगी कर्मचारी मुकेश पांडे को वृक्ष मित्र पुरस्कार से सम्मानित किया।
विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर नियमित छात्र-छात्राओं हेतु छत्तीसगढ़ में पर्यावरणीय प्रबंधन विषय पर आयोजित विश्वविद्यालय स्तरीय निबंध प्रतियोगिता में शैलदेवी महाविद्यालय, अण्डा के देवकांत साहू प्रथम, सुमन विश्वकर्मा द्वितीय, भिलाई महिला महाविद्यालय की तृप्ति नायर तृतीय, शासकीय जेएलएन महाविद्यालय, डोंगरगढ़ की अनाम अंजुम अंसारी चतुर्थ तथा स्वामी स्वरूपानंद महाविद्यालय, भिलाई की शोधछात्रा श्रीमती संयुक्ता पाढ़ी पंचम रही।आम जनमानस हेतु आयोजित निबंध प्रतियोगिता में शासकीय वा.वा. पाटणकर कन्या महाविद्यालय, दुर्ग के प्रयोगशाला तकनीशियन उत्तम कुमार देषमुख प्रथम, कान्फ्लूएंस काॅलेज, राजनांदगांव की श्रीमती मंजुलता साहू द्वितीय, शासकीय माध्यमिक शाला इन्दावनी, चिखला राजनांदगांव के ष्िाक्षक, श्री रोषन लाल देवांगन तृतीय, लींगवारा बेरला बेमेतरा के दीपक कुमार परघनिया चतुर्थ तथा भिलाई काॅलेज आॅफ आईटी जामुल की सहायक प्राध्यापक, सृजेता मेहरचंदानी ने पंचम स्थाना प्राप्त किया। सभी विजेताओं को कुलपति, डाॅ. पल्टा ने स्मृतिचिन्ह एवं उत्कृष्टता प्रमाणपत्र देकर पुरस्कृत किया। इस अवसर पर विश्वविद्यालय के समस्त अधिकारी कर्मचारी एवं विभिन्न महाविद्यालयों के प्राध्यापक एवं शोधार्थी उपस्थित थें।

