दुर्ग 21 सितंबर । हेमचंद यादव विश्वविद्यालय दुर्ग द्वारा पीएचडी प्रवेश परीक्षा दिसंबर 2023 में प्रस्तावित है। यह जानकारी देते हुए विश्वविद्यालय के अधिष्ठाता छात्र कल्याण, डाॅ. प्रशांत श्रीवास्तव ने बताया कि आज विश्वविद्यालय की कुलपति, डाॅ. अरूणा पल्टा ने विश्वविद्यालय के परीक्षा विभाग के समस्त अधिकारियों की बैठक लेकर पीएचडी प्रवेश परीक्षा 2023 के आयोजन संबंधी आवश्यक दिशा निर्देश दिये। डाॅ. पल्टा ने अधिकारियों से कहा कि प्रत्येक विषय में मान्यता प्राप्त शोध निर्देशकों के पास उपलब्ध रिक्त सीटों की वर्गवार जानकारी संग्रहित कर उसके अनुसार पीएचडी प्रवेश परीक्षा आयोजित की जाये। डाॅ. पल्टा ने बताया कि विश्वविद्यालय में उपलब्ध आकाड़ों के अनुसार 19 विषयों में पीएचडी प्रवेश परीक्षा आयोजित किये जाने का प्रस्ताव है। इन 19 विषयों में अर्थशास्त्र गृहविज्ञान, समाजशास्त्र, इतिहास, राजनीति शास्त्र, भूगोल, अंग्रेजी, हिन्दी, मनोविज्ञान, शिक्षा, वाणिज्य, भौतिक, रसायन, वनस्पतिशास्त्र प्राणी शास्त्र, भूगर्भ शास्त्र, गणित, माइक्रोबायलाॅजी, बायोटेक्नोलाॅजी शामिल हैं।
विश्वविद्यालय की पीएचडी सेल प्रभारी, डाॅ. प्रीता लाल के अनुसार दिसंबर माह में प्रस्तावित पीएचडी प्रवेश परीक्षा 2023 का आयोजन यूजीसी द्वारा 07 नवंबर 2022 को प्रकाशित भारत के राजपत्र में उल्लेखित नियमों के अनुसार किया जायेगा। इसके अनुसार प्रवेष परीक्षा में 50 प्रतिशत प्रश्न रिसर्च मेथोडोलाॅजी पर तथा 50 प्रतिशत प्रश्न संबंधित शोध विषय से पूछे जायेंगे। प्रवेष परीक्षा में 50 प्रतिशत से अधिक अंक प्राप्त करने वाले अभ्यर्थी साक्षात्कार के लिए बुलाये जाने हेतु पात्र होंगे। यूजीसी द्वारा लिये गये निर्णय के अनुसार प्राप्तांकों में अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति, अन्य पिछड़ा वर्ग दिव्यांग, आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के उम्मीदवारों को प्रवेश परीक्षा के अंकों में 05 प्रतिशत अंकों की छूट की अनुमति दी जायेगी।
विश्वविद्यालय में उपलब्ध रिक्त पीएचडी सीटों की संख्या के आधार पर ही अभ्यार्थियों को साक्षात्कार के लिए बुलाया जायेगा। यूजीसी के नियमानुसार प्रवेष परीक्षा के लिखित प्रश्न पत्र हेतु प्रतिशत तथा मौखिक/साक्षात्कार हेतु 30 प्रतिशत अंकों का महत्व दिया जायेगा। डाॅ. लाल ने बताया कि पीएचडी प्रवेश परीक्षा 2023 के आयोजन के संबंध में अगामी कुछ दिनों में विश्वविद्यालय अधिसूचना जारी करेगा।

