CG में पटवारियों की बेमियादी हड़ताल शुरू, राजस्व मंत्री बोले- मुझे जानकारी नहीं

CG में पटवारियों की बेमियादी हड़ताल शुरू, राजस्व मंत्री बोले- मुझे जानकारी नहीं


🛑PV ऐप की तकनीकी दिक्कतों, कार्रवाई और लंबित मांगों को लेकर आंदोलन; धान खरीदी से पहले बढ़ सकती है प्रशासन की परेशानी

सीजी न्यूज ऑनलाइन, 13 अक्टूबर 2026। छत्तीसगढ़ में राजस्व पटवारी संघ ने अपनी विभिन्न मांगों को लेकर मंगलवार से अनिश्चितकालीन हड़ताल शुरू कर दी है। PV ऐप के जरिए फसलों के भौतिक सत्यापन में आ रही तकनीकी और व्यावहारिक परेशानियों, पटवारियों के खिलाफ की जा रही कार्रवाई तथा लंबे समय से लंबित वेतन विसंगति और पदोन्नति जैसे मुद्दों को लेकर पटवारियों ने आंदोलन का रास्ता चुना है। खास बात यह है कि हड़ताल शुरू होने से पहले ज्ञापन सौंपे जाने के बावजूद प्रदेश के राजस्व मंत्री टंकराम वर्मा ने सोमवार को कहा कि उन्हें इस हड़ताल की जानकारी नहीं है।

डिजिटल क्रॉप सर्वे जरूरी, सरकार का सहयोग करें पटवारी : मंत्री

पटवारियों की प्रस्तावित हड़ताल के संबंध में राजस्व मंत्री टंकराम वर्मा ने सोमवार को बातचीत में कहा कि उन्हें इस आंदोलन के बारे में कोई जानकारी नहीं है और फिलहाल पटवारी संघ के प्रतिनिधियों से उनकी चर्चा भी नहीं हुई है। मंत्री के अनुसार, हड़ताल की सूचना देने के लिए भी अब तक कोई उनके पास नहीं आया है।

मंत्री वर्मा ने डिजिटल क्रॉप सर्वे को धान खरीदी में पारदर्शिता बनाए रखने के लिए जरूरी बताया। उन्होंने कहा कि इस व्यवस्था का उद्देश्य बाहर से धान लाकर बेचने और खरीदी में होने वाली संभावित गड़बड़ियों पर रोक लगाना है। पिछले वर्ष 14 हजार गांवों में डिजिटल क्रॉप सर्वे कराया गया था, जबकि इस साल 19 हजार गांवों में सर्वे का काम चल रहा है। उनके मुताबिक, अब तक 1 करोड़ 90 लाख खसरों का सर्वे पूरा हो चुका है और करीब 95 प्रतिशत कार्य पूर्ण हो गया है।

मंत्री ने कहा कि राजस्व अमला ईमानदारी से काम कर रहा है और धान खरीदी के मद्देनजर इस प्रक्रिया को पूरा करना जरूरी है। उन्होंने पटवारियों से सरकार का सहयोग करने की अपील की।

PV ऐप की खामियों से नाराज पटवारी संघ

राजस्व पटवारी संघ के प्रदेश अध्यक्ष कमलेश तिवारी के मुताबिक, PV ऐप के माध्यम से फसलों के भौतिक सत्यापन के दौरान कई तरह की तकनीकी और जमीनी समस्याएं सामने आ रही हैं। संघ ने इन दिक्कतों से शासन और विभागीय अधिकारियों को पहले भी अवगत कराया था, लेकिन अब तक उनका कोई ठोस समाधान नहीं किया गया है।

संघ का कहना है कि समस्याओं का निराकरण किए बिना पटवारियों से काम कराने का दबाव बनाया जा रहा है। इसी मुद्दे पर असंतोष बढ़ने के बाद संघ ने आंदोलन का निर्णय लिया। हड़ताल की जानकारी देने के लिए सोमवार, 12 अक्टूबर को कलेक्टर को लिखित ज्ञापन भी सौंपा गया था।

तबादलों, नोटिस और निलंबन की कार्रवाई पर भी आक्रोश

पटवारी संघ ने PV ऐप के बहिष्कार को लेकर की गई विभागीय कार्रवाई पर कड़ा विरोध जताया है। संघ के अनुसार, बलौदाबाजार जिले में संघ पदाधिकारियों और अन्य पटवारियों के तबादले किए गए तथा कारण बताओ नोटिस जारी किए गए। वहीं महासमुंद जिले में पटवारियों के निलंबन की कार्रवाई भी की गई है।

संघ ने इन कार्रवाइयों को पूर्वाग्रह और द्वेष से प्रेरित बताते हुए संबंधित आदेशों को तत्काल निरस्त करने की मांग की है। पटवारी संघ का कहना है कि समस्याओं का समाधान करने के बजाय कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई से असंतोष और बढ़ रहा है।

पहले से कई जिम्मेदारियां, फिर भी काम का दबाव

संघ ने बताया कि पटवारी पहले से ही कई महत्वपूर्ण शासकीय कार्यों का निर्वहन कर रहे हैं। इनमें डिजिटल क्रॉप सर्वे, एग्रीस्टैक पंजीयन, किसान पंजीयन, बकेट क्लेम, जनगणना के प्रथम चरण, लघु सिंचाई संगणना, रेलवे और राष्ट्रीय राजमार्ग के लिए सर्वे, आय-जाति-निवास प्रमाण पत्र, स्वामित्व योजना तथा सेवा संकल्प शिविर जैसे काम शामिल हैं।

संघ का तर्क है कि इन तमाम जिम्मेदारियों के बीच PV ऐप से जुड़ी व्यावहारिक समस्याओं का समाधान किए बिना अतिरिक्त दबाव बनाना उचित नहीं है। पटवारियों ने कार्यप्रणाली को सुचारु बनाने के लिए तकनीकी दिक्कतों का निराकरण करने की मांग की है।

वेतन विसंगति दूर करने और पदोन्नति की मांग

पटवारी संघ ने लंबे समय से लंबित वेतन विसंगति दूर करने और पदोन्नति के अधिकार से जुड़े मामलों पर भी सरकार से तत्काल सकारात्मक निर्णय लेने की मांग की है। संघ का कहना है कि कर्मचारियों की जायज मांगों को लगातार लंबित रखा जा रहा है। इन मामलों के निराकरण में अनावश्यक देरी के लिए जिम्मेदार अधिकारियों पर भी कार्रवाई की मांग की गई है।

राजस्व सेवाओं पर पड़ सकता है असर

राजस्व पटवारी संघ ने स्पष्ट किया है कि PV ऐप की समस्याओं का समाधान, पटवारियों के खिलाफ की गई कार्रवाई को निरस्त करने और लंबित मांगों पर सकारात्मक निर्णय होने तक आंदोलन जारी रहेगा। मंगलवार, 13 अक्टूबर से शुरू हुई अनिश्चितकालीन हड़ताल के कारण राजस्व विभाग से जुड़े कामकाज प्रभावित होने की आशंका है।

ऐसे में धान खरीदी के महत्वपूर्ण दौर में डिजिटल क्रॉप सर्वे और अन्य राजस्व संबंधी कार्यों को लेकर प्रशासन के सामने चुनौती खड़ी हो सकती है। अब देखना होगा कि सरकार और पटवारी संघ के बीच बातचीत से इस गतिरोध का समाधान निकलता है या हड़ताल लंबी खिंचती है।