सीजी न्यूज ऑनलाइन 22 जून। बिलासपुर – कटनी रेलवे आउटर पर शुक्रवार की सुबह एक बड़ा रेल हादसा सामने आया है, जहाँ रीवा-बिलासपुर एक्सप्रेस के यात्रियों के साथ लूट और मारपीट की वारदात हुई। दुर्ग की रहने वाली एक युवती ने बताया कि लुटेरों ने न सिर्फ उसका मोबाइल और पर्स छीना, बल्कि विरोध करने पर उसकी आंख पर मुक्के से वार किया गया।यह दृश्य है शुक्रवार सुबह का, जब कटनी आउटर पर अचानक रीवा-बिलासपुर एक्सप्रेस रुकी। ट्रेन के एस-1 से एस-5 कोच में मौजूद यात्रियों के लिए ये ठहराव एक भयावह अनुभव बन गया।
एक गिरोह ने योजनाबद्ध तरीके से कोच में घुसकर यात्रियों से लूटपाट और मारपीट शुरू कर दी। दुर्ग की रहने वाली ज्योत्सना, जो ट्रेन में यात्रा कर रही थीं, उनसे मोबाइल और पर्स छीना गया। विरोध करने पर बदमाशों ने उनकी आंख पर मुक्के से वार किया, जिससे उन्हें गंभीर चोटें आईं।
घटना के बाद पीड़ित जब बिलासपुर स्टेशन पर पहुंचीं, तो उन्होंने जीआरपी से मदद की गुहार लगाई। लेकिन एक घंटे के इंतज़ार के बाद पहुंचे जीआरपी प्रभारी ने केवल औपचारिक बातें कहकर शिकायत को हल्के में टाल दिया।
घटना से आहत ज्योत्सना ने रेल मंत्रालय और प्रधानमंत्री से सोशल मीडिया के माध्यम से न्याय की गुहार लगाई है। उन्होंने यह भी बताया कि घटना के तुरंत बाद उन्होंने रेलवे हेल्पलाइन नंबर 139 पर कॉल किया, लेकिन उन्हें कोई मदद नहीं मिली। कुछ देर बाद उन्हें बस इतना कहा गया कि अगले स्टेशन पर सुरक्षा कर्मी भेजे जाएंगे — जो कभी नहीं आए।
कटनी रेलवे आउटर पर हुई यह लूटपाट की घटना न केवल यात्रियों की सुरक्षा पर सवाल खड़े करती है, बल्कि रेलवे की आपातकालीन प्रतिक्रिया प्रणाली की भी पोल खोलती है। पीड़ितों को न्याय कब मिलेगा ये सवाल अब जनता के साथ सरकार और रेल प्रशासन के सामने भी है।

