विलुप्तप्राय कला व शिल्पकला कार्यशाला में तीजन बच्चों को समझायेंगी पंडवानी
भिलाई नगर 24 सितंबर I भारतीय सांस्कृतिक निधि (इंटेक) की विरासत शिक्षा व संचार सेवा (HEC) के सहयोग से दुर्ग-भिलाई अध्याय द्वारा विलुप्तप्राय कला व शिल्पकला कार्यशालाओं की श्रंखला के अतर्गत 26 सितम्बर को एक कार्यशाला का ऑनलाइन आयोजन किया गया है I इस कार्यशाला में पद्मविभूषण श्रीमती तीजन बाई दुर्ग-भिलाई व बालोद जिले के स्कूलों के 150 से अधिक बच्चों व शिक्षकों को पंडवानी की लोकगायन परंपरा के विषय में बतायेंगी I वे इस अवसर पर बच्चों के प्रश्नों का उत्तर भी देंगी I कार्यशाला में तीजन बाई की प्रस्तुतियों का प्रदर्शन भी किया जावेगा। प्रसिद्द साहित्यकार व लोक-कला विशेषज्ञ डॉ परदेशी राम वर्मा ‘पंडवानी का ऐतिहासिक व साँकृतिक पक्ष’ विषय पर व्याख्यान देंगे I इन्टेक की विरासत शिक्षा व संचार सेवा (HEC) प्रमुख निदेशक पूर्णिमा दत्त भी अपने विचार व्यक्त करेंगीं I डॉ डी एन शर्मा संयोजक दुर्ग-भिलाई अध्याय इंटेक ने यह जानकारी दी।

