बगैर आवेदन पंचायत सचिव ने जारी कर दी एनओसी 🛑 और हो गया फर्जीवाड़ा, 16 महीने बाद भी नहीं दर्ज की गयी FIR

बगैर आवेदन पंचायत सचिव ने जारी कर दी एनओसी 🛑 और हो गया फर्जीवाड़ा, 16 महीने बाद भी नहीं दर्ज की गयी FIR



सीजी न्यूज आनलाईन, 18 मई। दुर्ग जिले की ग्राम पंचायत चिंगरी अंतर्गत एक अवैध कब्जाधारी ने पंचायत के लेटरपैड पर फर्जीवाड़ा किया और बाकायदा उसे तहसील न्यायालय में जमा भी कर दिया, इसकी पड़ताल के बाद सचिव ने बयान दर्ज कराया कि वह फर्जी लेटर पेड है जिसमें सील साइन का दुरुपयोग हुआ है। इस बात को पंचायत प्रस्ताव में भी लिया गया और एफआईआर के लिए 16 महीने पहले अंडा थाने में आवेदन दिया गया था लेकिन मामले में आज पर्यंत एफआईआर नहीं हो सकी है। यहां पुलिस प्रशासन के रवैये पर शिकायतकर्ता ने सवाल खड़े किए हैं।
शिकायतकर्ता खोमेंद्र साहू ने CGNewsonline को बताया कि उन्होंने बिंदुवार तरीके से जांच की मांग पुलिस अधीक्षक दुर्ग और जनपद पंचायत सीईओ, जिला कलेक्टर सहित मुख्य सचिव गृह विभाग से की लेकिन आज तक कार्रवाई नहीं हो सकी है।


पंचायत सचिव की भूमिका पर सवाल


मुख्य कार्यपालन अधिकारी जनपद पंचायत दुर्ग से ग्राम पंचायत चिंगरी के सचिव कुलेश्वर साहू द्वारा पंचायत अधिनियमों का उल्लंघन कर “एनओसी फर्जीवाड़ा” में मिलीभगत करने पर कार्यवाही हेतु आवेदन भी दिया गया है।

शिकायतकर्ता ने बताया कि ग्राम पंचायत चिंगरी सचिव कुलेश्वर साहू ने बिना किसी प्रस्ताव के ग्राम पंचायत अंडा को बिना किसी आवेदक एक अनापत्ति प्रमाण पत्र दिसंबर 2019 में जारी किया था जो कि अंडा पंचायत को प्राप्त ही नहीं हुआ है। एनओसी जारी करने के बाद इस अनापत्ति प्रमाण पत्र में गांव के संजय साहू पिता हृदय राम साहू द्वारा फर्जीवाड़ा कर अपने आपको मकान के नाम से एनओसी जारी कर लिया। इसके संबंध में थाने में एफआईआर के लिए आवेदन भी हुआ है।


सचिव द्वारा तहसील न्यायालय अंडा थाना एवं जनपद पंचायत को दिए गए बयान में बताया गया कि यह अनापत्ति प्रमाण पत्र अंडा पंचायत के लिए जारी किया गया था।उसका पंचायत के आवक जावक में भी उल्लेख है। इस मामले की बिंदुवार जांच की मांग करते हुए सचिव के विरुद्ध कठोर कार्रवाई की मांग की है।
9 महीने बाद संभाग आयुक्त कार्यालय में अपील दायर
अवैध कब्जाधारी के निर्माण को पंचायत के संरक्षण के कारण अभी तक हटाया नहीं जा सका है। जून 2023 में उक्त मामले पर एसडीएम न्यायालय में अपील खारिज की जा चुकी है। संबंधित के विरुद्ध कार्रवाई तेज होने पर 9 महीने के बाद संभाग आयुक्त कार्यालय में पुनः अपील दायर किया गया है।
आपको बता दें कि एनओसी फर्जीवाड़ा मामले में पुलिस इसे न्यायालय में प्रक्रियाधीन बताती है। अवैध मकान को बचाने के लिए संभाग आयुक्त के न्यायालय में प्रकरण चल रहा है जबकि फर्जीवाड़ा मामले को थाने में विवेचनाधीन ही रखा गया है। 16 महीने बीतने के बाद भी पुलिस इस मामले पर किसी नतीजे पर नहीं पहुंच पाई है जबकि शिकायतकर्ता अपना बयान दर्ज करा चुके हैं।


आपसी वैमनस्यता बता झाड़ रहे हैं पल्ला


शिकायतकर्ता ने बताया कि वह पहले कंप्यूटर ऑपरेटर था। गांव में पंचायत सचिव ने उसे नौकरी से निकाल दिया और उसकी जगह दूसरे को रख लिया। काम नहीं होने पर उसने अखबार बांटने का काम शुरू किया। अवैध कब्जाधारी भी अखबार बांटने का काम करता है। दोनों व्यावसायिक रूप से एक ही काम करते हैं और थाना में इसी दृष्टिकोण से मामले को देखा जा रहा है।
शिकायतकर्ता को मलाल है कि उसने पंचायत में भ्रष्टाचार और फर्जीवाड़ा को उजागर किया है। उसका आरोप है कि गांव में अवैध कब्जा किया जा रहा है और उसमें सचिव की मिली भगत साफ जाहिर हो रही है‌ फिर भी कोई कार्रवाई नहीं की जा रही और वह न्याय के लिए भटक रहा है।