ऑनलाइन ट्रेडिंग, IPO के नाम पर BSP सेवानिवृत्त अधिकारी से 28.50 लाख की ठगी

ऑनलाइन ट्रेडिंग, IPO के नाम पर BSP सेवानिवृत्त अधिकारी से 28.50 लाख की ठगी


🛑व्हाट्सएप ग्रुप के जरिए 90% मुनाफे का झांसा, SNW एप में दिखाया फर्जी लाभ

भिलाईनगर, 11 जनवरी 2026। ऑनलाइन ट्रेडिंग और आईपीओ में भारी मुनाफे का प्रलोभन देकर साइबर ठगों ने भिलाई स्टील प्लांट से सेवानिवृत्त एक अधिकारी से 28 लाख 50 हजार रुपये की ठगी कर ली। पीड़ित की शिकायत पर थाना भिलाई नगर में आरोपियों के विरुद्ध धारा 318(4) बीएनएस के तहत अपराध पंजीबद्ध कर विवेचना शुरू कर दी गई है।

भिलाई नगर पुलिस ने बताया कि पीड़ित आर. राजू (61 वर्ष) पिता के.जी. राघवन, निवासी सेक्टर-07, सड़क-41, क्वार्टर नंबर 06/A, भिलाई नगर हैं। वे वर्ष 2024 में बीएसपी से सीनियर मैनेजर के पद से सेवानिवृत्त हुए थे।

व्हाट्सएप कॉल से शुरू हुआ ठगी का खेल

पीड़ित ने पुलिस को बताया कि 17 सितंबर 2025 को उनके मोबाइल पर एक व्हाट्सएप कॉल आया। कॉल करने वाली महिला ने स्वयं को इंस्टीट्यूशनल स्टॉक ब्रोकर की असिस्टेंट बताते हुए अधिक मुनाफे का झांसा दिया। इसके बाद उन्हें “K-999 Financial Freedom Club” नामक व्हाट्सएप ग्रुप में जोड़ा गया, जिसमें करीब 59 सदस्य शामिल थे।

पहले लाभ देकर बनाया भरोसा

ग्रुप के माध्यम से टाटा, रिलायंस, मारुति सहित अन्य कंपनियों के शेयरों में ऑनलाइन ट्रेडिंग कराई गई। प्रारंभिक ट्रेडिंग में पीड़ित को लाभ भी मिला, जिससे उनका भरोसा बढ़ गया। कुछ राशि उनके आईडीबीआई बैंक खाते में भी जमा कराई गई।

IPO निवेश के नाम पर बड़ी रकम की ठगी

इसके बाद आरोपियों द्वारा EXELSoft Technologies Limited कंपनी के आईपीओ में निवेश कर 90 प्रतिशत मुनाफा और दो दिन में करोड़ों रुपये मिलने का दावा किया गया। इसके लिए पीड़ित का HNW अकाउंट SNW एप में बनाया गया, जिसमें बड़ी रकम दिखाई जाने लगी।

आरोपियों के निर्देश पर पीड़ित ने Axis Neo Corporate Bank और Axis Bank के बताए गए खातों में RTGS के माध्यम से कुल 28.50 लाख रुपये जमा कराए।

राशि निकासी असंभव, ग्रुप बंद

SNW एप में करीब 1.70 करोड़ रुपये दिखाई देने लगे, लेकिन जब पीड़ित ने राशि निकालने का प्रयास किया तो निकासी संभव नहीं हो पाई। कुछ ही समय बाद व्हाट्सएप ग्रुप बंद हो गया और संबंधित मोबाइल नंबर भी बंद मिलने लगे।

साइबर हेल्पलाइन में शिकायत, जांच जारी

ठगी का अहसास होने पर पीड़ित ने 07 जनवरी 2026 को साइबर हेल्पलाइन 1930 पर शिकायत दर्ज कराई। इसके बाद थाना भिलाई नगर में मामला दर्ज किया गया है। पुलिस द्वारा बैंक खातों, मोबाइल नंबरों, एप और डिजिटल ट्रांजेक्शन की जांच की जा रही है।