तीसरी लहर की संभावना पर जिले में स्वास्थ्य विभाग की तैयारी पूर्ण, 1 हज़ार ऑक्सीजन बेड तैयार, रोकथाम के लिए किए जा रहे हैं टेस्ट

तीसरी लहर की संभावना पर जिले में स्वास्थ्य विभाग की तैयारी पूर्ण, 1 हज़ार ऑक्सीजन बेड तैयार, रोकथाम के लिए किए जा रहे हैं टेस्ट


तीसरी लहर की संभावना पर जिले में स्वास्थ्य विभाग की तैयारी पूर्ण, 1 हज़ार ऑक्सीजन बेड तैयार, रोकथाम के लिए किए जा रहे हैं टेस्ट

दुर्ग 7 सितंबर । नागपुर में थर्ड वे की दस्तक के साथ जिले में भी कोरोना महामारी की तीसरी लहर से निपटने के लिए सभी तैयारियां जिला स्वास्थ्य विभाग के द्वारा  पूरी कर ली गई है। तीसरी रहर से बचाव के लिए रोकथाम एवं उपचार दोनों ही स्तर पर स्वास्थ्य विभाग द्वारा सारी व्यवस्थाएं कर ली गई है। कोविड-19 की जिला नोडल अधिकारी एवं डिप्टी कलेक्टर प्रियंका वर्मा ने बताया कि थर्ड वेव की आशंकाओं के बीच जिला स्वास्थ्य विभाग के द्वारा दूसरी लहर से सबक लेते हुए सुरक्षा एवं बचाव के लिए सारी व्यवस्थाएं बना ली गई है। जिले में वर्तमान समय में करीब एक हजार ऑक्सीजन बेड की व्यवस्था बना ली गई है । जिसके तहत चंदूलाल चंद्राकर कोविड-19 इंटर में 600 बेड जिला अस्पताल दुर्ग में 350 बिस्तर एवं आयुष अस्पताल में 40 बिस्तर तैयार किए जा चुके हैं । इसके अलावा ऑक्सीजन की कमी को देखते हुए जिला अस्पताल में ऑक्सीजन प्लांट लग चुका है । चंदूलाल चंद्राकर केयर सेंटर एवं आयुष अस्पताल में ऑक्सीजन प्लांट लगाया जा रहा है। इसके अलावा पाटन के ग्राम झीट अस्पताल में भी कुछ बिस्तरों की तैयारी पूर्ण हो चुकी है । शीघ्र ही उसका कार्य पूर्ण हो जाएगा। उन्होंने बताया कि जिले के प्रत्येक सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र आइसोलेशन के लिए व्यवस्था बनाई गई है । उन्होंने बताए की रोकथाम के लिए भी रेलवे स्टेशन एवं जिले की सीमा में प्रत्येक दिन कोविड-19 का टेस्ट भी किया जा रहा है। जांच के साथ-साथ प्रत्येक पीड़ित के संपर्क में प्रत्यक्ष एवं अप्रत्यक्ष तौर पर आने वाले लोगों की कांटेक्ट प्रेसिंग भी की जा रही हैं । आवश्यकता  पड़ने पर जिला स्वास्थ्य विभाग के द्वारा माइक्रो कंटेंटमेंट ज़ोन भी आवश्यकता पड़ने पर बनाए जा रहे हैं। कोविड-19 के प्रभाव को कम करने के लिए प्रत्येक स्तर पर जिला स्वास्थ्य विभाग के द्वारा कार्य किया जा रहा है।