170 वार्ड के लिए औसतन हर वार्ड से पांच उम्मीदवार, दस के मामले न्यायालय में विचाराधीन
भिलाई नगर, 5 दिसंबर। भिलाई, रिसाली, भिलाई-चरोदा और जामुल निकाय चुनाव में कुल 170 वार्डों के लिए चुनाव मैदान में 914 उम्मीदवार मैदान में हैं। 6 दिसंबर की दोपहर 3 बजे तक नाम वापसी के बाद चुनावी रण में डँटे वास्तविक योद्धाओं की जानकारी सार्वजनिक हो सकेगी। अब तक चारों निकायों में मौजूद उम्मीदवारों के द्वारा चुनाव आयोग के समक्ष दाखिल नामांकन के आधार पर यह सामने आया है कि 914 उम्मीदवारों में 10 लोग ऐसे हैं जिनके खिलाफ न्यायालय में आपराधिक मामले विचाराधीन हैं जबकि आपराधिक पृष्ठभूमि वाले 15 उम्मीदवार इस बार पार्षद बनने रण में उतर चुके हैं। न्यायालय में विचाराधीन दस मामलों में से छः मामले भिलाई के वार्डों में किस्मत आजमा रहे प्रत्याशियों के हैं जबकि 15 आपराधिक पृष्ठभूमि के हैं, हालांकि उनके पूर्व लंबित मामलों में उन्हें दोषमुक्त किया जा चुका है। मिली जानकारी के अनुसार कल स्क्रूटनी के दौरान रिसाली निगम में वार्ड 3 से अधिकृत प्रत्याशी अंजू यादव का नामांकन खारिज हो गया क्योंकि उन्होंने मध्यप्रदेश का जाति प्रमाण पत्र प्रस्तुत किया था जिसे अमान्य किया गया है। ऐसी स्थिति में उस वार्ड से भाजपा ने दूसरी प्रत्याशी लक्ष्मी चंदा के नाम पर बी-फॉर्म जमा किया है। इसके आलावा वार्ड 32 नेवईभाटा से हेमिन चतुर्वेदी का भी नामांकन खारिज हुआ।
विदित हो कि भिलाई, रिसाली और भिलाई-चरोदा निगम और जामुल पालिका में आपराधिक पृष्ठभूमि वाले कुल 15 उम्मीदवार मैदान में हैं और इनमें 8 उम्मीदवार ऐसे भी हैं, जिनके खिलाफ अलग-अलग थानों में मारपीट समेत अन्य गंभीर धाराओं में प्रकरण दर्ज थे लेकिन न्यायिक ट्रायल के बाद उन्हें दोष मुक्त करार दिया गया है। इसके चलते फिलहाल उनके विरुद्ध कोई भी मामला विचाराधीन नहीं है जबकि तीन पूर्व पार्षदों के खिलाफ कोर्ट में मामले अब भी लंबित हैं। ये तीनों भिलाई निकाय से उम्मीदवार हैं। 9 प्रत्याशी ऐसे हैं, जो आपराधिक पृष्ठभूमि से आते हैं। पूर्व में उनके खिलाफ अपराध दर्ज हुए, लेकिन बाद में कोर्ट से दोषमुक्त भी हो गए। लंबित मामलों में शासकीय कार्य में बाधा, मारपीट जैसे अपराध शामिल हैं। रिसाली निगम और जामुल पालिका में दो-दो जबकि भिलाई-चरोदा में एक प्रत्याशी के खिलाफ अपराध दर्ज है।

