स्नातक प्रथम वर्ष सभी संकायों में पर्यावरण अध्ययन एवं मानव अधिकार के परीक्षा में पूछे जाएंगे वस्तुनिष्ठ प्रश्न, उत्तर देना होगा ओएमआर शीट पर, वार्षिक परीक्षा 13 मार्च से

स्नातक प्रथम वर्ष सभी संकायों में पर्यावरण अध्ययन एवं मानव अधिकार के परीक्षा में पूछे जाएंगे वस्तुनिष्ठ प्रश्न, उत्तर देना होगा ओएमआर शीट पर, वार्षिक परीक्षा 13 मार्च से


दुर्ग 10 फरवरी हेमचंद यादव विश्वविद्यालय दुर्ग में स्नातक प्रथम वर्ष में सभी संकायों मे बीए, बीकाॅम, बीएससी, तथा बीसीए, आदि में पर्यावरण अध्ययन एवं मानव अधिकार के प्रश्न पत्र की परीक्षा वस्तुनिष्ठ पद्धति से आयोजित की जायेगी। यह जानकारी देते हुए विश्वविद्यालय के परीक्षा उपकुलसचिव, डाॅ. राजमणि पटेल ने बताया कि वस्तुनिष्ठ पद्धति से परीक्षा कराने हेतु राज्यपाल की अध्यक्षता वाली समन्वय समिति से विश्वविद्यालय को अनुमति प्राप्त हो चुकी हैं। परीक्षा पद्धति को वस्तुनिष्ठ रूप से कराने हेतु विभिन्न छात्र-छात्राओं ने विश्वविद्यालय प्रशासन से आग्रह किया था। छात्र संगठनों का यह मानना है कि सभी प्रतियोगी परीक्षाएं वस्तुनिष्ठ प्रकार के पद्धति से आयोजित होती है, परन्तु विश्वविद्यालय की परीक्षा में दीर्घ उत्तरीय प्रश्न प्रणाली होने के कारण विद्यार्थियों को सीमित समय में प्रश्नों के उत्तर देने का अभ्यास नहीं हो पाता। यही कारण है कि अभी प्रायोगिक तौर पर सभी संकायों के केवल प्रथम वर्ष की पर्यावरण अध्ययन एवं मानव अधिकार के प्रश्न पत्र को वस्तुनिष्ठ परीक्षा पद्धति से आयोजित किया जायेगा।
ऐसे विद्यार्थी जो किसी कारणवश प्रथम वर्ष में पर्यावरण अध्ययन एवं मानव अधिकार के प्रश्न पत्र को उत्तीर्ण नहीं कर पाये थें और अब स्नातक स्तर के द्वितीय अथवा तृतीय वर्ष के परीक्षा के साथ यह प्रश्न पत्र उत्तीर्ण करना चाहते हैं उन्हें पुरानी पद्धति अर्थात दीर्घ उत्तरीय प्रश्नों के के उत्तर देने होंगे। डाॅ. राजमणि पटेल ने बताया कि प्रथम वर्ष की सभी संकायों की पर्यावरण अध्ययन एवं मानव अधिकार के प्रश्न पत्र में कुल 75 प्रश्न होंगे जिनके कुल अंक 75 होंगे। विद्यार्थियों को 75 प्रश्नों को हल करने के लिए कुल तीन घंटे की समय अवधि प्रदान की जायेगी। डाॅ. पटेल ने जानकारी दी कि विद्यार्थियों को इन 75 प्रश्नों के उत्तर प्रतियोगी परीक्षाओं की तरह ओएमआर शीट पर देने होंगे। इन ओएमआर शीट का मूल्यांकन भी कम्पयूटरीकृत प्रणाली से किया जायेगा। जिससे जल्दी परीक्षा परिणाम जारी करने में मदद मिलेगी। उल्लेखनीय है कि स्नातक स्तर की वार्षिक परीक्षाएं 13 मार्च से आरंभ हो रही हैं। जो मई माह तक चलने की संभावना हैं। वर्तमान में स्नातक स्तर की लगभग 50 प्रतिशत से अधिक प्रायोगिक परीक्षाएं समाप्त हो चुकी हैं, तथा 20 फरवरी तक लगभग सभी प्रायोगिक परीक्षाएं सम्पन्न हो जाने की आषा है