NJCS की बैठक बेनतीजा, मैनेजमेंट का दो टूक “अफॉर्डेबिलिटी क्लॉज़ से बाहर नहीं जा सकते”

NJCS की बैठक बेनतीजा, मैनेजमेंट का दो टूक “अफॉर्डेबिलिटी क्लॉज़ से बाहर नहीं जा सकते”


🔴CLC को भेजे जाएंगे मिनट्स, यूनियनें नाराज़

भिलाईनगर, 09 दिसंबर। नेशनल जॉइंट कमेटी फॉर स्टील (NJCS) की आज हुई महत्वपूर्ण बैठक किसी भी ठोस परिणाम के बिना समाप्त हो गई। कर्मचारियों की उम्मीदों के विपरीत मैनेजमेंट ने न तो एरियर पर कोई रुख बदला और न ही HRA, पर्क्स या इंक्रीमेंट से जुड़े मुद्दों पर कोई सकारात्मक बात कही।

बैठक की शुरुआत से ही उम्मीद थी कि पिछली कई बैठकों की तुलना में इस बार कोई ठोस निर्णय निकल सकता है, लेकिन मैनेजमेंट ने स्पष्ट कर दिया कि वे अफॉर्डेबिलिटी क्लॉज़ से बाहर जाकर कोई प्रतिबद्धता नहीं दे सकते। उन्होंने यह भी कहा कि सीएलसी (केंद्रीय श्रम आयुक्त) के निर्देश के अनुसार मीटिंग बुला ली गई, इसलिए बैठक आयोजित कर दी गई, लेकिन किसी भी आर्थिक मुद्दे पर रियायत देना फिलहाल संभव नहीं है।

HRA और अन्य मांगों पर भी चुप्पी

यूनियनों की ओर से बार-बार उठाए जाने के बावजूद मैनेजमेंट ने एचआरए, Extra Increment, तथा 28% Perks जैसे प्रमुख मुद्दों पर चर्चा करने से भी परहेज़ किया।
यूनियन नेताओं के मुताबिक मैनेजमेंट का रुख अत्यंत निराशाजनक रहा और उन्होंने कर्मचारियों की मांगों को गंभीरता से लेने के बजाय प्रक्रिया मात्र को पूरा किया।

सीएलसी को भेजे जाएंगे मिनट्स

बैठक के अंत में मैनेजमेंट ने यह भी कहा कि वे बैठक का विस्तृत मिनिट्स तैयार कर सीएलसी को भेज देंगे, जिसके बाद अगली कार्यवाही सीएलसी के निर्देशों पर निर्भर करेगी।
यूनियनों का मानना है कि मैनेजमेंट बातचीत को सिर्फ औपचारिकता बना रहा है और कोई वास्तविक समाधान देने के मूड में नहीं है।

यूनियनों में नाराज़गी, कर्मचारियों में बढ़ी बेचैनी

यूनियनों का कहना है कि लगातार बैठकों के बावजूद न तो एरियर, न एचआरए और न ही पर्क्स पर कोई सकारात्मक प्रस्ताव मिल रहा है। इससे कर्मचारियों में गहरी नाराज़गी उत्पन्न हो रही है।

कुछ यूनियन प्रतिनिधियों ने यह भी संकेत दिया कि अगर मैनेजमेंट इसी तरह टालमटोल करता रहा, तो व्यापक विरोध या आंदोलनात्मक कदम उठाने की संभावना बढ़ जाएगी।

आगे की स्थिति सीएलसी की कार्यवाही पर निर्भर

अब सभी की निगाहें सीएलसी पर टिकी हैं कि वह मैनेजमेंट की रिपोर्ट पर क्या निर्देश देता है। यदि सीएलसी दबाव नहीं बनाता है, तो वेतन समझौता प्रक्रिया और लंबी खिंच सकती है।
आज NJCS सब कमेटी की बैठक में इंटक से हरजीत सिंह, एटक से विद्यासागर गिरी, सीटू से विश्वरूप बनर्जी, एचएमएस से राजेंद्र सिंह, बीएमएस से डी के पांडे प्रबंधन से ईडी एचआर पवन कुमार, ईडी फाइनेंस प्रवीण निगम, ईडी एच आर राजीव पांडेय उपस्थित थे।