🔴याचिकाकर्ता दी लास्ट वॉर्निंग
CJI Suryakant News: सुप्रीम कोर्ट ने लहसुन-प्याज में तामसिक तत्व पर रिसर्च कराने की याचिका खारिज कर कर दी है. हालांकि, याचिका खारिज करने से पहले सीजेआई सूर्यकांत ने याचिकाकर्ता को खूब फटकार लगाई. उन्होंने याचिका को फालतू बताया और चेताया कि आगे से ऐसी याचिका लाने पर एक्शन होगा.
सुप्रीम कोर्ट में लहसुन-प्याज वाली याचिका पर सीजेआई सूर्यकांत का माथा ठनक गया. सुप्रीम कोर्ट में सोमवार को लहसुन-प्याज में तामसिक तत्व की रिसर्च कराने की मांग को लेकर याचिका आई थी. इसमें सुप्रीम कोर्ट से रिसर्च के लिए आदेश देने की गुहार लगाई गई थी. जैसे ही सीजेआई सूर्यकांत को यह बात पता चली, वह नाराज हो गए. उन्होंने लगे हाथ याचिकाकर्तो को चेता दिया और इस याचिका को फालतू बताया. उन्होंने इस याचिका पर सुनवाई करने से भी इनकार कर दिया.
दरअसल, सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को अनुच्छेद 32 के तहत दायर उस याचिका पर सुनवाई से इनकार कर दिया, जिसमें प्याज और लहसुन में ‘तामसिक’ या नकारात्मक तत्वों पर रिसर्च कराने और एक कमेटी गठित करने के निर्देश देने की मांग की गई थी.
CJI सूर्यकांत ने लगाई फटकार
सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई के दौरान सीजेआई सूर्यकांत ने कड़े शब्दों में याचिकाकर्ता से पूछा कि आखिर आप जैन समुदाय की भावनाओं को क्यों आहत करना चाहते हैं. इस पर स्वयं पेश हुए याचिकाकर्ता ने कहा कि यह मुद्दा काफी आम है और हाल ही में गुजरात हाईकोर्ट में एक मामले में खाने में प्याज होने की वजह से तलाक भी हुआ था. यह सुनते ही सीजेआई और भड़क गए.
अगली बार फालतू याचिका लेकर मत आना’
चीफ जस्टिस सूर्यकांत ने याचिकाकर्ता को फटकार लगाते हुए कड़ी टिप्पणी की और कहा अगली बार अगर आप इस तरह की फालतू (frivolous) याचिका लेकर आए, तो आपको पता चल जाएगा कि हम क्या करेंगे. इसके बाद सुप्रीम कोर्ट ने इस याचिका पर सुनवाई करने से साफ तौर पर इनकार कर दिया.
वहीं एक अन्य याचिका पर सुनवाई के दौरान सीजेआई ने याचिकाकर्ता को फटकार लगाई कि क्या हमारे पास बंगाल के अलावा और कोई काम नहीं है? सुप्रीम कोर्ट में आज यानी सोमवार को पश्चिम बंगाल SIR का मुद्दा उठा. इतना ही नहीं, सुनवाई के दौरान CAA आवेदकों की याचिका का भी जिक्र था. इसे देखते ही सीजेआई सूर्यकांत भड़क गए. उन्होंने साफ-साफ लहजे में कह दिया कि क्या सुप्रीम कोर्ट के पास पश्चिम बंगाल के अलावा और कोई काम नहीं है. हालांकि, उन्होंने याचिका रिजेक्ट नहीं की. अब इस मामले की पर कल यानी मंगलवार को सुनवाई होगी. चलिए जानते हैं कि आखिर सुप्रीम कोर्ट में असल में हुआ क्या.

