नौकरी तलाश रहे युवक की मजबूरी का पड़ोसी ने उठाया फायदा, छत्तीसगढ़ सशस्त्र बल का अधिकारी बनकर ठगे 20 लाख रुपए, खाद्य विभाग में जॉइनिंग का थमाया था फर्जी लेटर

नौकरी तलाश रहे युवक की मजबूरी का पड़ोसी ने उठाया फायदा, छत्तीसगढ़ सशस्त्र बल का अधिकारी बनकर ठगे 20 लाख रुपए, खाद्य विभाग में जॉइनिंग का थमाया था फर्जी लेटर


भिलाई नगर 16 जून । नेवई थाना क्षेत्र के अंतर्गत छत्तीसगढ़ सशस्त्र बल का अधिकारी बनकर पड़ोसी युवक से नौकरी लगने के नाम पर ठगी का मामला प्रकाश में आया है आरोपी द्वारा युवक को फ़ूड डिपार्टमेंट में नौकरी दिलाने का झासा देकर 20 लाख रुपए ठग लिए। नेवई पुलिस के द्वारा मामला दर्ज कर विवेचना में लिया है।
नेवई पुलिस ने बताया कि सीएएफ का बड़ा अधिकारी बनकर नौकरी तलाश रहे पड़ोसी युवक का मजबूरी का फायदा उठाते हुए अपना शिकार बना लिया। बनेवई पुलिस ने बताया कि सुयश पटेल (26 वर्ष) 187/जी रिसाली सेक्टर में रहता है। उसके पिता भिलाई स्टील प्लांट से रिटायर्ड कर्मचारी हैं। सुयश कोरोना के बाद से नौकरी की तलाश कर रहा था। इसका फायदा पड़ोस में रहने वाले पवन कुमार ढिंडे ने उठा लिया। पवन ने खुद को पुलिस विभाग (सीएएफ) का अधिकारी बताया। उनके घर में कई साल से आना जाना था, इसलिए वो लोग उसका विश्वास भी करते थे।पवन बातचीत के दौरान कहा कि उसकी खाद्य विभाग में अधिकारियों से अच्छी जान पहचान है, यदि किसी की नौकरी लगाना होगा तो बताना। पवन के साथ एक सुनील पटेल नाम का व्यक्ति भी आया था।
पवन ने उसका परिचय अपने अधिकारी के रूप में कराया था। उसने बताया कि सुनील पटेल की विभाग के बड़े अधिकारियों और मंत्रालय में अच्छी पकड़ है। वो वहां किसी की भी नौकरी लगवा सकते हैं।
इस पर सुयश के पिता ने दोनों से अपने बेटे सुयश की नौकरी लगाने की बात कही। इस पर उन्होंने कहा कि खाद्य विभाग में वैकेन्सी खाली है। यदि वो उसमें करना चाहते हैं तो वो करवा देंगे। इसके लिए 20 लाख रुपए लगेंगे।
सुयश के पिता उनकी डिमांड पर राजी हो गए। 13 मई 2023 को सुनील पटेल और पवन ढिंडे फिर उनके घर आये। इसके बाद उन्होंने सुयश के पिता से अलग-अलग किस्तों में 20 लाख रुपए ले लिए, लेकिन नौकरी नहीं लगवाई।
पवन और सुनील इतने शातिर थे कि उन्होंने खाद्य विभाग में ज्वाइनिंग और ट्रेनिंग का फर्जी लेटर भी बनवा डाला और सुयश को वॉट्सऐप भी किया। इसके बाद जब उन्होंने उस ज्वाइनिंग लेटर के बारे में पता किया तो उसे फर्जी बताया गया। इसके बाद वो लोग नेवई थाने पहुंचे। पुलिस ने उनकी शिकायत पर ठगी व अन्य धाराओं के तहत मामला दर्ज कर लिया है।