भिलाई नगर, 8 सितंबर। NEET यूजी एग्जाम में कोटा से पढ़ाई कर चुकी तनिष्का ने टॉप किया है। उसे 720 में से 715 नंबर मिले हैं। वह मूलतः हरियाणा की रहने वाली है।
तनिष्का ने बताया कि लॉकडाउन के दौरान कॉन्फिडेंस में थोड़ी कमी आई पर पेरेंट्स और टीचर्स की मदद से उन्होंने इस मुश्किल समय को संभाल लिया। ये उनके लिए बूस्टर डोज की तरह था। NEET में दिल्ली के आशीष बत्रा को दूसरी रैंक और कर्नाटक के ऋषिकेश नागभूषण गंगुले को तीसरी रैंक मिली है। ऑल इंडिया टॉपर तनिष्का ने कहा कि मैं बचपन से ही डॉक्टर बनना चाहती हूं क्योंकि यह एक ऐसा क्षेत्र है जिसमें आप दूसरों की मदद करके खुद को स्थापित कर सकते हैं। मैंने 11वीं क्लास से तैयारी शुरू कर दी थी लेकिन लॉकडाउन की वजह से ऑफलाइन स्टडी नहीं हो पाई। उस वक्त उसे काफी प्रॉब्लम आई, कॉन्फिडेंस भी थोड़ा डाउन हो गया था फिर 12वीं में ऑफलाइन स्टडी के दौरान टीचर से प्रॉब्लम्स के सॉल्यूशन समझे और कॉन्फिडेंस बिल्डअप हुआ। पेरेंट्स ने कभी मुझे पढ़ाई को लेकर दबाव नहीं बनाया बल्कि हमेशा मोटिवेट किया। कोचिंग और स्कूल के अलावा वह हर दिन 6-7 घंटे सेल्फ स्टडी करती थी। हर दिन जो पढ़ाया जा रहा है उसका रिवीजन करना बहुत जरूरी है। जैसे-जैसे आप पढे़ंगे वैसे-वैसे आपको रिवीजन करना चाहिए, यही सक्सेस का मूल मंत्र है। तनिष्का के माता-पिता ने बताया कि वह कैंसर स्पेशलिस्ट बनाना चाहती है। तनिष्का ने 12वीं 98.6 और 10वीं 96.4 प्रतिशत अंकों के साथ पास की है। जेईई मेन्स में 99.50 पर्सेटाइल हासिल किया। तनिष्का दिल्ली एम्स से कार्डियो, न्यूरो या ऑन्कोलॉजी में स्पेशलाइजेशन करना चाहती हैं। उनके पिता कृष्ण कुमार गवर्नमेंट टीचर और मां सरिता कुमारी भी सरकारी स्कूल में लेक्चरर हैं। तीन भाई-बहनों में सबसे बड़ी तनिष्का का परिवार हरियाणा के नारनौल में रहता है।

