सीजी न्यूज ऑनलाइन 16 सितंबर । नेशनल काफ्रेडेशन आफ आफिसर्स एसोसिएशन की नेशनल एक्सीक्यूटिव काउंसिल की बैठक एन.सी.ओ.ए. के अध्यक्ष नरेन्द्र बंछोर की अध्यक्षता में पालक्काड़, केरल में सम्पन्न हुई। एन.सी.ओ.ए. की इस बैठक की अध्यक्षता कर रहे एनसीओए के कार्यकारी अध्यक्ष नरेन्द्र कुमार बंछोर ने बताया कि इस महत्वपूर्ण बैठक में देश के सार्वजनिक क्षेत्र के सभी उपक्रमों के अधिकारियों से जुड़े मुद्दों पर विस्तृत चर्चा की गयी। इस बैठक में महासचिव जी अनिल कुमार, चेयरमेन गर्वनिंग काउंसिल वी.के. तोमर, संरक्षक एच एम मल्लेश, संगठन सचिव कुसुमा राजशेखर, सचिव महिला कल्याण गीता सुनातकरी, सलाहकार बी. थामस, कोषाध्यक्ष सुनील कुमार उपस्थित रहेे।
पीएसयू अधिकारियों को केन्द्र सरकार के अधिकारियों के समकक्ष टैक्स छूट देने की मांग एन.सी.ओ.ए. नेशनल एक्सीक्यूटिव काउंसिल की इस बैठक में काउंसिल ने केन्द्र शासन के द्वारा बी.एस.एन.एल. व एम.टी.एन.एल. के पुर्नउद्धार हेतु किये जा रहे प्रयासों की प्रशंसा की तथा अन्य सार्वजनिक उपक्रमों के प्रस्तावित निजीकरण के प्रयासों पर अपनी असहमति जताते हुए इससे राष्ट्र को होने वाली संभावित क्षति पर भी सारगर्भित चर्चा की। इस बैठक में केन्द्र सरकार के कार्मिकों की तुलना में सार्वजनिक क्षेत्र के कार्मिकों पर टैक्स के अधिक भार के कारण उत्पन्न भेदभाव को समाप्त करने की मांग पर चर्चा हुई।
विदित हो कि केन्द्रीय कार्मिकों को आवास के लिए नोशनल परक्यूसीट टैक्स, कार लोन,, एजुकेशन लोन, होम लोन इत्यादि पर टैक्स में अधिक छूट प्राप्त है। जबकि सार्वजनिक क्षेत्र के कार्मिकों को इन सभी मदों पर टैक्स में समान छूट प्राप्त नहीं है।
निजीकरण की बजाए मेगा स्टील पीएसयू बनाने का सुझाव
एनसीओए अध्यक्ष ने बताया कि इस्पात क्षेत्र को रणनीतिक क्षेत्र में रखने हेतु तथा इस्पात क्षेत्र केे सभी सार्वजनिक उपक्रमों का रणनीतिक विलय करके एक मेगा इस्पात कंपनी के गठन करने हेतु केन्द्र सरकार से आग्रह किया जा चुका है एवं इस हेतु सभी केन्द्रीय मंत्रियों से पत्राचार किया गया है व नई सरकार के गठन के बाद कुछ केन्द्रीय मंत्रियों को ज्ञापन भी दिया गया है। वर्तमान में राष्ट्रीय इस्पात निगम लिमिटेड का प्रचालन बड़ी कठिनाई से हो रहा है एवं अधिकारियों के वेतन में भी कमी की गयी है। एनसीओए ने इस विषय पर संज्ञान लेते हुए केन्द्र सरकार से आरआईएनएल को शीघ्र वित्तीय मदद करने का अनुरोध किया है।
एनसीओए का मानना है कि इस्पात क्षेत्र के राष्ट्र के तीन महत्वपूर्ण सार्वजनिक उपक्रमों क्रमशः नगरनार स्टील प्लांट, आरआईएनएल एवं एफएसएनएल को विनिवेश करने के बजाए इन कंपनियों को सेल के साथ मिलाकर एक मेगा पीएसयू बनाने की रखी मांग। यह मेगा पीएसयू राष्ट्र हित में होने के साथ ही राष्ट्र के समग्र विकास में एक मील का पत्थर साबित होगा। इस संदर्भ में ज्ञात हो कि भारत सरकार द्वारा इस तरह के रणनीतिक विलय बैंको में किया गया जहां इसका बेहतर परिणाम प्राप्त हुआ। इस्पात क्षेत्र में सेल के अलावा राष्ट्रीय इस्पात निगम, मेकॉन, नगरनार स्टील प्लांट, मॉइल, एफ.एस.एन.एल., इत्यादि कंपनियां इस्पात मंत्रालय के अधीन कार्यरत हैं। जिनके संविलियन से एक विशाल इस्पात उत्पादक कंपनी का निर्माण किया जा सकता है। जिससे इन अलग-अलग कंपनियों के पास उपलब्ध संसाधनों का अधिक दक्षता से दोहन किया जा सकता है, जिससे प्रस्तावित मेगा पी.एस.यू. अत्यंत ही उत्पादक एवं लाभजनक होगा।

