प्राकृतिक कृषि ही किसानों की आय दोगुनी करने का एकमात्र विकल्प, इससे धरती, पानी, पर्यावरण और मानव सुरक्षित गुजरात के राज्यपाल से सीजी न्यूज़ ऑनलाइन की लंबी चर्चा


प्राकृतिक कृषि ही किसानों की आय दोगुनी करने का एकमात्र विकल्प, इससे धरती, पानी, पर्यावरण और मानव सुरक्षित

गुजरात के राज्यपाल से सीजी न्यूज़ ऑनलाइन की लंबी चर्चा

भिलाई नगर 29 नवंबर। गुजरात के राज्यपाल आचार्य देवव्रत ने अपने तीन दिवसीय भिलाई प्रवास के दौरान एक भारत श्रेष्ठ भारत अभियान के संबंध में  चर्चा करते हुए कहा कि   प्रधानमंत्री  ने समग्र भारत के उत्थान और विकास की दृष्टि से लोगों में एक जन चेतना जागृत करने का अभियान चलाया है। कि लोगों में अपने राष्ट्र के प्रति, देश के प्रति एक गौरव की बात और इसी बात को ध्यान में रखते हुए उन्होंने स्टैचू ऑफ यूनिटी गुजरात में लौह पुरुष सरदार वल्लभभाई की प्रतिमा स्थापित की । पूरे भारतवर्ष के गांव-गांव के किसान के जो औजार हैं उनका लोहा लेकर उस प्रतिमा को स्थापित करते हुए सोच बनाई थी कि भारत एकता के सूत्र में बंधे भारतीय लोक सांस्कृतिक मूल्य स्थिरता का भाव उसमें बधे है एक भारत श्रेष्ठ भारत का उनका नारा के हम समस्त भारतवासी एकता के सूत्र में बंधे। सब मिल जुलकर के इस राष्ट्र को प्रगति और उत्थान की दिशा में आगे लेकर के जाए और उसे दृष्टि में देखता हूं कि गुजरात उनकी जन्मभूमि भी है और कर्मभूमि भी है  गुजरात में उनके कार्यकाल में जो उन्नति के सोपान तय किए हैं वह पूरे देश और विश्व के लिए एक मॉडल बन गया है।  छत्तीसगढ़ को पिछले 2 दिन से मैं जो देख रहा हूं यहां पर और आप लोगों ने जैसा मुझे बताया कि  रायपुर भिलाई का ऐसा क्षेत्र है कि जब से यहां पर यह  इस्पात संयंत्र स्थापित हुआ है तो पूरा देश के कोने-कोने से लोग यहां पर निवास करते हैं और लोगों में जो एकता भाव बने भाव अपनापन समावेशी सांस्कृतिक रूप से जुड़े हुए । तो यह भारत की एक विशेषता रही है। विभिन्न भाषाओं के होते हुए विभिन्न धर्मों से संबंध रखते हुए यहां की संस्कृति तथा समावेशी संस्कृति रही है और यही विचारधारा   हमारे संविधान का पालन करते हुए हमें और उन्नति की ओर ले जा सकती है और इसी विचार के श्रेष्ठ भारत एक भारत का सपना भी साकार हुआ है ।

 निश्चित रूप से देश के लिए गर्व की बात है प्रधानमंत्री के नेतृत्व में कोरोना कॉल में मजबूती के साथ में लड़ाई लड़ी गई इतना बड़ा सघन आबादी वाला देश जिसमें 135 करोड़ लोग हैं इतनी बड़ी संख्या के लोगों का टीकाकरण जितना व्यवस्थित ढंग से समय अवधि से पहले टीकाकरण हुआ है और निशुल्क टीकाकरण हुआ है भारत की केंद्र सरकार की ओर से हम सबको को महत्व पूर्ण साबित होगा और मैं पूरे देश की जनता से अपील करता हूं कि हम सब का कर्तव्य है भारत सरकार ने दो-दो वैक्सीन कम अवधि से पहले हमें उपलब्ध कराएं और एक्सपर्ट की बात कहते हैं कि कोरोनावायरस लड़ने में केवल वैक्सीन ही सबसे बड़ा हमारा सहारा बन सकती है तो हम सब लोगों में जागृति पैदा करें और लोगों को प्रेरित करें अधिक से अधिक टीकाकरण हो जल्दी से हो ताकि इस बीमारी से निजात पाया जा सके। 

भिलाई के इस्पात संयंत्र की जानकारी पाठ्यक्रम में बेटा थोड़ा सा डिस्टर्ब मत कर बहुत देर से कर रहा है यह तो बन नहीं रहा हैबहुत परेशानदी जाती है और आज तक भी यह मन में भावना थी कि जिस प्रकार से इस संयंत्र में प्रतिष्ठा पाई है उसे जरूर देखना चाहिए तो आज मैंने पूरा भ्रमण भिलाई इस्पात संयंत्र का किया और वहां के निदेशक  सभी बड़े उच्च अधिकारी दो अलग-अलग विभाग संभालते हैं उनके साथ सामूहिक मेरी एक बैठक भी हुई और उन्होंने  प्रेजेंटेशन भी उसकी दिखाएं और जानकर मुझे प्रसन्नता हुई के संयंत्र के क्षेत्र में सबसे बड़ा योगदान दे भारतीय रेलवे के लिए जो रेल बनाने का काम पटरी बनाने का काम है वह अभूतपूर्व जहां पर हो रहा है और उसी के साथ मुझे जानकारी दी हमारे जो समुद्री जहाज है सेना को उसके निर्माण में भी जो स्टील का प्रयोग होता है और विशेष धातु के साथ उसको भी बना जाता है  बताया कि रॉकेट जो भेजे जाते हैं उसके निर्माण में भी जिस लोहे का प्रयोग होता है इस्पात संयंत्र के सौजन्य हो रहा है। यहां पर अनेक सामाजिक कार्यक्रम भी जो चलाए जाते हैं जहां पर बच्चों की शिक्षा के रूप में कार्यक्रम है। कोरोनावायरस के दौरान बताया कि ऑक्सीजन की आवश्यकता पड़ी तो भिलाई इस्पात संयंत्र के सौजन्य से भारी मात्रा में ऑक्सीजन का निर्माण करके मानवता की भलाई के लिए अनेक प्रदेशों में भेजा गया है और करोना  में भी यहां के लोगों ने एक दूसरे की मदद की है जो इस प्रकार से यह संयंत्र निश्चित रूप से राष्ट्र विकास में और अपने उद्देश्य में एक सफल कार्यक्रम चला रहा है यह सब लोग बधाई के पात्र हैं।

 प्रधानमंत्री  नरेंद्र मोदी भारत  को समृद्ध देखना चाहते हैं खुशहाल देखना चाहते सोच के साथ पिछले कई वर्षों से लगातार उन्होंने किसानों के कल्याण के लिए कई योजनाएं प्रारंभ की है कृषि कल्याण योजना, कृषि बीमा योजना उसके साथ प्रधानमंत्री ने सहकारिता विभाग प्रारंभ किया है जो गृह मंत्री अमित शाह  के पास भारत के छोटे किसानो के लिए बहुत बड़ा अभियान है।  अकेले गुजरात में लगभग 100 एसपीओ हमने निर्माण किए हैं एक एसपीओ में 300 किसान शामिल है।  भारत सरकार का सहकारिता विभाग आर्थिक सहयोग देकर उन को संगठित कर रहा है। जो किसान छोटे-छोटे है जिनके पास एक से 2 एकड़ 3 एकड़ 5 एकड़ जमीन है तो वह अपना उत्पादन दूर बेचने चले जाते हैं तो उनके खर्च ज्यादा आता है परंतु 300 किसान एकत्रित होकर  उत्पाद विक्रय करते हैं। खरीददार व्यापारी उन्हें 3 दिनों के भीतर ही उनके बैंक खातों में भुगतान कर देता है । ऐसी योजनाएं चलाई जा रही है । किसानों की प्रगति का रास्ता खोलते के साथ  प्रधानमंत्री  ने लगातार अभियान चला कि हम भारत के किसान को खुशहाल देखना चाहते हैं । 2022 तक आए तो गुनाहों को लेकर की सारी योजनाएं उनका यह भी निर्णय कि हम भारत को प्राकृतिक कृषि प्रधान देश की ओर बढ़ाएं । इस समय क्या हो रहा है पर्यावरण दूषित होता है दूषित होता है धरती की उर्वरक क्षमता भी कम हो रही है और किसान की लागत भी बढ़ रही है और उत्पादन कम होने से आए भी कम हो रही है। उनका विचार है कि प्राकृतिक खेती उससे उत्पादन भी कम नहीं होगा पर्यावरण भी सुरक्षित होगा पानी भी बचेगा। गाय आधारित होने से गाय भी बचेगी और ऐसा आहार जब लोग भी खाएंगे तो उनका स्वास्थ्य भी सुरक्षित रहेगा। स्वागत कम होने से किसान की आय भी बढ़ेगी आपकी जानकारी के लिए बता हिमाचल प्रदेश के गवर्नर मैंने वही प्राकृतिक खेती का मिशन शुरू किया लगभग डेढ़ लाख के साथ हिमाचल प्रदेश में प्राकृतिक खेती करना शुरू हो चुके। वाह कृषि विभाग की बैठक में विश्लेषण किया गया कि प्राकृतिक खेती के बाद  हिमाचल प्रदेश के किसान की आय 27% बढ़ गई है और लागत 56% कम हो गई है। इस प्रकार से किसान के आय दोगुनी हो गई है। अब यही मिशन  गुजरात में शुरू किया है। गुजरात में शुरू किया है और गुजरात में 2 लाख किसानों ने प्राकृतिक खेती को करना प्रारंभ कर दिया है। 2 ला किसानों ने घर में 200000 गाय भी बांध ली है। प्रदेश सरकार एक गाय के पीछे प्रतिमाह ₹900 खर्च भी दे रही है और इस समय गुजरात में ढाई हजार किसानों का प्रशिक्षण भी चल रहा है। हम किसानों को प्रशिक्षक बना रहे हैं । जिससे कि वह वे गांव-गांव में जाकर अन्य किसानों को भी प्राकृतिक खेती के लिए प्रशिक्षित कर सके पूरे गुजरात में मजबूती से अभियान चलाए कि किसान प्राकृतिक खेती के लिए प्रेरित हो सकें प्राकृतिक खेती निश्चित रूप से कल्याणकारी सिद्ध होगी। रासायनिक खेती के दुष्परिणाम हमारे सामने हैं। प्राकृतिक खेती में उसके विपरीत सुखद ही परिणाम मिले हैं 2 दिनों से  छत्तीसगढ़ के किसानों के बीच में लगभग चार-पांच सौ किसानों ने भाग लिया और यह सारी जानकारी किसानों को दी है। और वहां के किसानों ने निर्णय लिया है कि मेरा जो  गुरुकुल कुरुक्षेत्र में एग्रीकल्चर फार्म है 200 एकड़ में पिछले कई वर्षों से में प्राकृतिक खेती करता हूं एक बूंद भी यूरिया, डीएपी कीटनाशक नहीं डालता और मेरा उत्पादन रासायनिक खेती करने वालों से ज्यादा है लागत मेरी शून्य के बराबर है। यही वह  रास्ता है । जो प्रधानमंत्री प्राकृतिक खेती की ओर बढ़ रहे हैं। इससे जहर मुक्त आहार मिलेगा जो लोग आज दुगनी कीमत देकर खरीदने को तैयार है। लेकिन मिल नहीं पा रहा लोगों में जागृति पैदा हुई कि रसायनिक मुक्त आहार का ही सेवन करें क्योंकि इसी से इम्यूनिटी बढ़ेगी। कोरोना काल में जिसकी इम्यूनिटी रहेगी वहीं इस महामारी से लड़ पाएगा और जो प्राकृतिक आहार खाएगा वही इम्यूनिटी बड़ा पाएगा बंधुओं को मेरा निवेदन है कि प्राकृतिक कृषि के पूरे सिस्टम को समझें और इसकी ओर बढ़े एक अभियान पूरे देश में आगे चलने वाला है कि जिससे किसानों को प्राकृतिक खेती की ओर प्रेरित किया जा सके  इसका मूल कारण क्या है कि सारी दुनिया ग्लोबल वॉर्मिंग से जूझ रहे । प्राकृतिक जीवन की बहुत बड़ी आवश्यकता है कहीं पर भी पानी नहीं पी सकते। धरती में कीटनाशक डीएपी यूरिया रासायनिक खेती के माध्यम मिल रहा है। प्राकृतिक खेती में पानी की मात्रा बहुत कम लगती है। और पानी भी प्रदूषित नहीं होगा। इस समय सवा लाख करोड़ रूपया यूरिया पर सब्सिडी भारत सरकार दे रही है और इसे किसान भी खरीदता है लगभग 2000 करोड रुपए का खर्चा भारत सरकार और किसान यूरिया पर कर रही है उसके बदले में जमीन जो माता है और हम माता धरती पर जहर डाल रहे हैं और उसका दुष्परिणाम भी दिख रहा है। ऐसी स्थिति में जब विकल्प है हमारे पास प्राकृतिक खेती के रूप में है किसानों को हम लोगों को प्राकृतिक खेती के लिए प्रेरित करना चाहिए।