सीजी न्यूज ऑनलाइन, 20 जून 2026 । NEET-UG 2026 के री-एग्जाम से ठीक एक दिन पहले एक 18 वर्षीय छात्र को बड़ा झटका लगा। नागपुर के अब्दुल्लाह मोहम्मद तालिब को एडमिट कार्ड में एग्जाम सेंटर अबू धाबी (UAE) दिखा, जबकि उन्होंने महाराष्ट्र के ही सेंटर्स चुने थे।
छात्र ने एक महीने से री-एग्जाम की तैयारी की थी। कल (19 जून) रात को एडमिट कार्ड डाउनलोड करने पर उन्हें पता चला कि उनका सेंटर अबू धाबी इंडियन स्कूल है। अब्दुल्लाह के पास पासपोर्ट भी नहीं है और परिवार के पास विदेश भेजने के पैसे या समय नहीं था। परिवार के अनुसार, उन्होंने एडमिट कार्ड डाउनलोड करते ही रोना शुरू कर दिया और परीक्षा देने से इनकार कर दिया।
क्या हुआ था?
अब्दुल्लाह ने रजिस्ट्रेशन के समय नागपुर, भंडारा और वर्धा जैसे महाराष्ट्र के सेंटर्स चुने थे। NTA ने एडमिट कार्ड में अबू धाबी सेंटर अलॉट कर दिया। छात्र का परिवार NTA हेल्पलाइन से संपर्क किया, लेकिन शुरू में कोई तुरंत समाधान नहीं मिला।
NTA ने बाद में इसे तकनीकी गड़बड़ी (Technical Glitch) बताया। उनका कहना है कि डेटा मिसमैच के कारण यह गलती हुई।
NTA का जवाब
NTA ने आश्वासन दिया कि छात्र को नागपुर में ही सेंटर अलॉट कर दिया जाएगा और संशोधित एडमिट कार्ड आज शाम तक जारी कर दिया जाएगा। बाद में NTA ने पुष्टि की कि अब्दुल्लाह को नागपुर का सेंटर मिल गया है।
यह घटना NEET री-एग्जाम से पहले NTA पर सवाल उठा रही है। मूल NEET परीक्षा पेपर लीक के कारण रद्द कर दी गई थी और अब 21 जून को री-एग्जाम हो रहा है। कई छात्रों ने एडमिट कार्ड में गड़बड़ियों की शिकायत की है।
छात्र के पिता मोहम्मद तालिब ने कहा, “हमारा बच्चा रात भर रोता रहा। पासपोर्ट नहीं है, विदेश भेजने के पैसे नहीं हैं। NTA बच्चों के भविष्य के साथ खिलवाड़ कर रही है।”
राहुल गांधी का तंज़,
नीट की परीक्षा दे रहे एक छात्र ने जब परीक्षा का एडमिट कार्ड डाउनलोड किया तो उसे संयुक्त अरब अमीरात की राजधानी अबू धाबी में परीक्षा का केंद्र मिला.
इस मामले पर कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने एक्स पर एक पोस्ट में एनटीए (नेशनल टेस्टिंग एजेंसी) की कार्यशैली पर टिप्पणी की है.
राहुल गांधी ने लिखा, “न पासपोर्ट, न परिवार के पास विदेश भेजने के पैसे, न अब कोई वक़्त बचा है. वो (छात्र) रातभर रोता रहा, और परीक्षा देने से ही मना कर रहा है. क्या इस तनाव की कल्पना भी की जा सकती है?”
“आख़िर ऐसा किस तरह हुआ? कल किसी भी छात्र को सेंटर तक न पहुँच पाने की शिकायत नहीं होनी चाहिए. एनटीए असल में देश के बच्चों और उनके माता-पिता का सिर्फ़ धीरज की जांच कर रही है.”
राहुल गांधी ने लिखा, “जो सिस्टम एक बच्चे को अपने ही शहर में एक सेंटर नहीं दे सकती, उल्टा विदेश भेज सकती है, उसे परीक्षा करवाने का कोई हक़ नहीं.”
“हमारे बच्चों के भविष्य के साथ जुआ खेलना बंद कीजिए. वो एक संवेदनशील, ज़िम्मेदार और जवाबदेह शिक्षा व्यवस्था और परीक्षा के अधिकारी हैं – और हम ये उन्हें दिलवा कर रहेंगे.”
इस मामले पर एनटीए ने सोशल मीडिया एक्स पर लिखा, “शिकायत पर कार्रवाई की गई है और ज़रूरी जांच-पड़ताल के बाद, अगले कुछ घंटों में उम्मीदवार को नागपुर में एक सेंटर अलॉट कर दिया जाएगा.”
नीट की परीक्षा 3 मई, 2026 को हुई थी, लेकन बाद में पेपर लीक के आरोपों के बाद यह परीक्षा रद्द कर दी गई और अब दोबारा यह परीक्षा रविवार, 21 जून को होगी.
परीक्षा का संचालन कर रही एजेंसी ‘एनटीए’ पर लगातार सवाल खड़े किए हैं. जा रहे हैं.

