मेरी पत्नी कहीं चली गई, वो लौटी नहीं है साहब…! उसे ढूंढ दीजिए” कंकाल ने खोला पति का “राज”

मेरी पत्नी कहीं चली गई, वो लौटी नहीं है साहब…! उसे ढूंढ दीजिए” कंकाल ने खोला पति का “राज”



🔴 4 साल तक पत्नी को खोजने पुलिस को करता रहा परेशान
🔴 मास्टर माइंड पति, देवर और उसका साथी गिरफ्तार
रायपुर, 30 अक्टूबर। आरंग इलाके में हुए एक मर्डर केस का 4 साल बाद खुलासा हुआ है। महिला जिसकी हत्या की गई उसमें उसके पति का ही हाथ था। उसने अपने कुछ साथियों के साथ मिलकर ऐसी प्लानिंग रची कि इतने दिनों तक पुलिस को झांसा देने में कामयाब रहा। मगर महिला के कंकाल ने इस कांड से पर्दा उठा दिया।
4 वर्ष पुराने इस केस के सुलझने के बाद रायपुर के एसएसपी प्रशांत अग्रवाल ने बताया कि इस केस में हत्यारा और मास्टर माइंड महिला का पति देवचंद कुर्रे, उसका भाई देवदास कुर्रे और साथी तेजराम चतुर्वेदी को गिरफ्तार किया गया है।
वारदात की यह कहानी वर्ष 2018 में शुरू हुई जिसमें आरंग थाने में जाकर महिला के पति देवचंद कुर्रे ने पुलिस से कहा कि मेरी पत्नी अनिता बाई कुर्रे बिना घर में किसी को बताए, कहीं चली गई है। वो लौटी नहीं है साहब उसे ढूंढ दीजिए। पुलिस उसकी बातों में आ गई। गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज की। कुछ दिनों तक महिला को ढूंढने का प्रयास होता रहा, कोई सुराग नहीं मिला तो अनिता के केस की फाइल धूल से लदी दूसरी फाइल के बंडलों में चली गई। महीनों तक अनिता का कुछ भी पता नहीं चला। 2019 के अप्रैल के महीने में आरंग के ग्राम केशला की एक खदान में नर कंकाल पाया गया। पुलिस टीम ने नर कंकाल की शिनाख्त के लिए पुराने गुमशुदगी के केसेस से लिंक जोड़ना शुरू किया। अनिता के घर वालों को बुलाकर पूछताछ की गई। कंकाल के पास मिली टूटी हुई चूड़ी, पायल देखकर घर वालों ने दावा किया कि ये अनिता का ही कंकाल होगा। फॉरेंसिक टीम ने भी कंकाल महिला का होना बताया। कंकाल मिलने के बाद कंकाल की पहचान की पुष्टि के लिए अनिता बाई कुर्रे की मां का सुमित्रा बंजारे का डीएनए सैम्पल लिया गया। जांच में पुष्टि हो गई कि ये सुमित्रा की बेटी अनिता का ही कंकाल है। इसके बाद केस में नया मोड़ आया। पुलिस ने अनिता के परिजनों से पूछताछ की तो पता चला कि महिला का उसके पति से विवाद हुआ करता था। महिला के पति को शक था कि उसका किसी और मर्द से प्रेम संबंध है। इसके बाद पुलिस ने महिला के पति को हिरासत में लेकर पूछताछ की। देवचंद ने बताया कि उसने अपने दोस्त तेजराम को फोन कर एसयूवी मंगवाई और कहा कि कुछ सामान लेकर जाना है। इसके बाद देवचंद ने अपने भाई के साथ मिलकर कुल्हाड़ी मारकर पत्नी की हत्या कर बोरी में उसका शव डाला और दोस्त की एसयूवी में ले जाकर ग्राम केशला स्थित खदान में दफना दिया। बाद में जब खदान की खुदाई में कंकाल मिला तो मामला सामने आया। पुलिस पर पत्नी को खोजने का लगातार दबाव बनाने वाले उसके पति पर पुलिस ने नजर रखी और बयान के बाद उसे पकड़ जब कडा़ई से पूछताछ की गई तो वह टूट गया और सारी कहानी बताता चला गया। उसकी निशानदेही पर उसके भाई और दोस्त तक पुलिस पहुंची और इस हत्याकांड की गुत्थी पूरी तरह सुलझ गई।