डॉक्टर बन चुके एक्स स्टूडेंट की कहानियां सुनकर हुआ मोटिवेट, अब जरूरतमंदों का इलाज करके मिलती है शांति पढ़िए डॉक्टर चेतन साहू की सफलता की कहानी
भिलाई नगर 19 जनवरी । बालोद जिला के दल्लीराजहरा के रहने वाले डॉ. चेतन साहू को 12 वीं बोर्ड के बाद मेडिकल एंट्रेंस की पढ़ाई बहुत टफ लगती थी। वो कई बार सोचते कि पता नहीं इतना सिलेबस मैं पढ़ भी पाऊंगा या नहीं। इसी उधेड़बुन में अपनी काबिलियत को हर बार चैलेंज करते। बेटे के हुनर पर पिता को ज्यादा भरोसा था उन्होंने कहा कि तू मन लगाकर पढ़ाई करके देख एक दिन जरूर बड़ा डॉक्टर बनेगा। पिता की इसी बात को गांठ बांधकर दो साल ड्रॉप लेकर आखिरकार डॉ. चेतन साहू ने सीजी पीएमटी क्वालीफाई कर ही लिया। वे कहते हैं एक वक्त ऐसा भी था जब क्लासरूम में मैं खुद को असहाय महसूस करता था। इंग्लिश में भी खासी दिक्कत होती थी जिसके कारण पढ़ाई भी बोझिल लगने लगा था। धैर्य और एक्स स्टूडेंट्स की मोटिवेशनल कहानियां सुनकर अपना हौसला बढ़ाया और अपनी मंजिल तक पहुंच गया।
एक साल घर में रहकर की तैयारी
डॉ. चेतन ने बताया कि 12 वीं की पढ़ाई के दौरान उन्हें मेडिकल एंट्रेंस के बारे में ज्यादा जानकारी नहीं थी। ऐसे में पापा ने भिलाई जाकर कोचिंग करने की सलाह दी। पहले साल तो कोचिंग में बेसिक क्लीयर करने और सब्जेक्ट को समझने में निकल गया। इसलिए पहले ड्रॉप में सलेक्शन नहीं हो पाया। दूसरे साल मैंने सारे नोट्स और बुक्स घर लाकर सेल्फ स्टडी करने का निर्णय लिया। घर में भी कोई डिस्टर्ब नहीं करता था और अपनी तैयारी परखने के लिए मैं सचदेवा की टेस्ट सीरिज दिलाने भिलाई जाता था। सालभर टेस्ट सीरीज दिलाने के कारण खुद के अंदर कॉन्फिडेंस आया जो सीजी पीएमटी तक बरकरार रहा।
सचदेवा में जाकर सीखा मन लगाकर पढऩा
मेडिकल एंट्रेंस की तैयारी सचदेवा न्यू पीटी कॉलेज भिलाई से करने वाले डॉ. चेतन कहते हैं मैंने सही मायने में सचदेवा जाकर ही मन लगाकर पढ़ाई करना सीखा। वहां के ड्रॉपर स्टूडेंट्स और डॉक्टर बन चुके एक्स स्टूडेंट्स की कहानियां मोटिवेशनल सेशन में सुनकर बहुत ऊर्जा मिलती थी। यहां के टीचर्स भी हर कदम पर हौसला बढ़ाते थे। फेंडली माहौल और समय-समय पर काउंसलिंग की बदौलत निराशा मन में ज्यादा हावी नहीं हुई। सचदेवा की डायरेक्टर चिरंजीव जैन सर पर्सनल होकर जरूरत पडऩे पर बच्चों की काउंसलिंग करते थे। उनसे बात करके नेगेटिविटी मन से दूर हो जाती थी। सचदेवा के नोट्स इतने परफेक्ट होते थे कि आपको और ज्यादा स्टडी मटेरियल बाहर से पडऩे की जरूरत नहीं पड़ती थी।
मोबाइल से रहें दूर
नीट की तैयारी कर रहे स्टूडेंट्स से कहना चाहता हूं कि आप किसी भी एग्जाम में अगर सफल होना चाहते हैं तो आपको मोबाइल से दूरी बनानी पड़ेगी। मोबाइल और सोशल मीडिया के कारण पढ़ाई बहुत डिस्टर्ब होती है। आप अपने जरूरत के हिसाब से मोबाइल का इस्तेमाल करना सीखें। इससे टाइम मैनेजमेंट भी होगा और पढ़ाई में मन भी लगेगा।