वित्त मंत्री ने 1 फरवरी 2023 को बजट पेश करते हुए आयकर विधान की धारा 43B में एक नई उपधारा h को जोड़ दिया है , यह धारा किसी भी लघु एवं सूक्ष्म उद्यम द्वारा प्रदान की गई वस्तु एवं सेवा के एक निश्चित समय सीमा के भीतर भुगतान प्राप्त करने से संबंधित है यह धारा 1 April 2024 अर्थात ,वित्तीय वर्ष 2023 – 24 से लागू होगी ।
उपरोक धारा सूक्ष्म लघु एवं मध्यम उद्यम विकास अधिनियम 2006 (MSMED ACT 2006 )से संदर्भित है , यह अधिनियम किसी भी उद्यम को किसी अन्य उद्यम से प्राप्त वस्तु और सेवा के प्रतिफल स्वरूप निश्चित समय सीमा के भीतर भुगतान करने को निर्देशित करता है ।
MSMED ACT 2006 की धारा 15 के अनुसार अगर किसी भी दो उद्यमों के बीच में भुगतान के संबंध में कोई लिखित अनुबंध है तो उसे लिखित अनुबंध के अनुसार भुगतान करना होगा , यह समय सीमा अनुबंध में उल्लेखित दिवस या 45 दिन जो भी पहले होगी , वही भुगतान की अंतिम समयसीमा होगी ।
किसी भी लिखित अनुबंध के अभाव में भुगतान की अधिकतम समय सीमा 15 दिन होगी ।
आयकर की धारा 43 B(h) में भी इसी MSMED ACT 2006 की धारा 15 का संदर्भ लिया गया है , तय समय सीमा में भुगतान नहीं करने पर संबंधित उद्यम के ऊपर कुछ दंडात्मक कार्यवाही भी की जाएगी , लेकिन इस कानून में उल्लेखित सूक्ष्म लघु और मध्यम उद्यम में से मध्यम उद्यम से वस्तु एवं सेवा प्राप्त करने पर यह दंडात्मक कार्यवाही लागू नहीं होगी।
लघु एवं सूक्ष्म उद्यम की परिभाषा
सूक्ष्म उद्यम उन्हें कहेंगे कि प्लांट , मशीनरी और इक्विपमेंट में उनका इन्वेस्टमेंट एक करोड़ रुपए एवं टर्नओवर 5 करोड़ से ज्यादा नहीं होना चाहिए ।
लघु उद्योग उन्हें कहेंगे उनका प्लांट, मशीनरी और इक्विपमेंट में इन्वेस्टमेंट 10 करोड़ से ज्यादा तथा टर्नओवर 50 करोड़ से ज्यादा नहीं होना चाहिए ।
तय समय सीमा पर भुगतान नहीं करने का परिणाम
आपके द्वारा प्राप्त की ऐसी समस्त वस्तु एवं सेवाएं जिनका भुगतान अपने निर्दिष्ट समय सीमा के भीतर नहीं किया गया तो उन्हें आपकी आय से नहीं घटाया जाएगा , जिसके कारण आपकी आय बढ़ जाएगी तथा आपको अधिक आयकर देना होगा ।
एक प्रश्न यह उठता है कि अगर निर्दिष्ट समय के बाद भुगतान कर दिया जाएगा तब उस भुगतान की छूट मिलेगी या नहीं मिलेगी , निश्चित तौर पर जिस भी वित्तीय वर्ष में उसका भुगतान किया जाएगा उस वित्तीय वर्ष में उसकी छूट मिलेगी ।
उदाहरण के लिए अगर भुगतान की लिए नियत तिथि 29 मार्च 2024 थी और उसने उसका भुगतान 3 अप्रैल 2024 को किया तो उसे उस खर्च की छूट वित्तीय वर्ष 24-25 में प्राप्त होगी ना कि वित्तीय वर्ष 23 – 24 में
एक उदाहरण के द्वारा और समझते हैं कि अगर देय तिथि 5 मई 2023 है और उसका भुगतान 7 अगस्त 2023 को किया गया तो उस खर्च की छूट उसी वित्तीय वर्ष 2023-24 में ही मिल जाएगी ।
31 मार्च 2024 को बैलेंस शीट में उपस्थित लेनदारों का क्या प्रभाव होगा
चूंकि यह धारा 43 B ( h) वित्तीय वर्ष 2023 – 24 से लागू हो रही है अतः 31 मार्च 2024 को ऐसे सारे देय भुगतान जो कि समय सीमा के भीतर नहीं किए गए उसे खर्च के रूप में मान्यता नहीं मिलेगी तथा उस खर्च को संबंधित उद्यम की आय में जोड़कर आयकर ले लिया जाएगा ।
हो सकता है की अगले वित्तीय वर्ष यानी 2024 – 25 में आप उन सारे देय भुगतानों का भुगतान कर उसको खर्च के रूप में छूट ले ले लेकिन वित्तीय वर्ष 2023- 24 में आपने जो अधिक आयकर दिया है वह भी एक तरह से दंडात्मक कार्यवाही है ।
ब्याज का प्रावधान
सूक्ष्म एवं लघु उद्यम को तय समय सीमा में भुगतान नहीं करने पर बैंक दर के तीन गुना की दर से चक्रवृद्धि ब्याज लगाया जाएगा , यह बैंक दर रिजर्व बैंक द्वारा घोषित रेपो रेट होगी जो कि वर्तमान में 6.75 है अर्थात 20.25% की वार्षिक दर से हर महीने चक्रवृद्धि ब्याज लगाया जाएगा ।
उपरोक्त देय ब्याज की आयकर में किसी भी प्रकार की छूट नहीं मिलेगी अर्थात यह ब्याज संबंधित उद्यम की आय में से नहीं घटाया जाएगा ।
धारा 43 b (h) का अनुपालन करने के लिए आपको क्या करना चाहिए
कानून का अनुपालन करने के लिए वस्तु एवं सेवा प्राप्त करने वाला उद्यम का यह कर्तव्य हो जाता है कि वह अपने ऐसे सारे संबंधित उद्यम जो कि उन्हें वस्तु एवं सेवा प्रदान करते हैं उनसे एक डिक्लेरेशन प्राप्त कर ले कि वह एमएसएमई में एक पंजीकृत सूक्ष्म एवं लघु उद्यम है या नहीं है और अगर पंजीकृत है तो एमएसएमई का पंजीयन प्रमाण पत्र भी प्राप्त कर ले ।
वस्तु एवं सेवा प्रदान करने वाले उद्यम का भी यह कर्तव्य हो जाता है कि वह अपने टैक्स इनवॉइस में यह प्रिंट करवा ले कि वह एमएसएमई में पंजीकृत सूक्ष्म एवं लघु उद्यम है तथा अपने एमएसएमई पंजीकरण नंबर तथा दिनांक का भी अपने टैक्स इनवॉइस में उल्लेख करें ऐसा करने से संबंधित दूसरे उद्यम को कानून की अनुपालना करने में आसानी होगी ।
धारा 43 b (h)का उपयोग करके आप किस तरह से फायदा प्राप्त कर सकते हैं
ऐसे उद्यम जिन्हें वस्तु एवं सेवा प्रदान करने के बदले में अपना भुगतान लेना है उनके लिए यह एक सुनहरा अवसर है वह अपने स्वहित में ऐसे सारे उद्यम को अपना एमएसएमई पंजीकरण प्रमाण पत्र एक सूचना के साथ भेज दें कि वह एमएसएमई में पंजीकृत उद्यम है तथा एमएसएमइ डी कानून के तहत उन्हें अपना भुगतान एक निश्चित समय सीमा के अंदर प्राप्त करने का अधिकार है और ऐसा नहीं करने पर आयकर की धारा 43 b (h)अंतर्गत उन्हें उस खर्च की छूट संबंधित वित्तीय वर्ष में प्राप्त नहीं होगी ।
साथियों पुनः संक्षेप में बताना चाहूंगा कि अगर आपने किसी सूक्ष्म एवं लघु उद्योग से किसी भी तरह की कोई वस्तु या सेवा प्राप्त की है तो उसे निर्दिष्ट समय सीमा के भीतर जो की 45 दिन से अधिक नहीं हो सकती उनका भुगतान कर दें अन्यथा आपको बैंक दर से तीन गुना दर से चक्रवृद्धि ब्याज का भुगतान करना होगा तथा वित्तीय वर्ष के अंत में उपस्थित ऐसे सारे खर्च जिनका कि आपने निर्दिष्ट समय सीमा के भीतर भुगतान नहीं किया है उन्हें आपकी आय मानकर उस पर भी आयकर ले लिया जाएगा ।
निर्दिष्ट समय सीमा की परिभाषा
- अगर कोई लिखित अनुबंध है तो लिखित अनुबंध में उल्लेखित तिथि अथवा 45 दिन जो भी पहले हो
- लिखित अनुबंध के अभाव में अधिकतम 15 दिन
अतः: 31 मार्च से पहले उन सारे सूक्ष्म और लघु उद्योगों से संबंधित बिलों का भुगतान कर दें जिन की समय सीमा उपरोक्त समय अनुसार निकल चुकी है और जिनकी समय सीमा अभी बाकी है उन्हें भी 31 मार्च 2024 के बाद तय समय सीमा में भुगतान कर दें , दूसरे शब्दों में इसे इस तरह से समझे कि 31 मार्च 2024 को आपके लेनदारों की सूची में केवल वही नाम बाकी रहे जिनके भुगतान की अभी समय सीमा बाकी है ।
साथियों आयकर कानून में समय-समय पर बदलाव होते रहते हैं उन बदलाव के बारे में हमें अघ्यतन रहकर होने वाले किसी भी तरह के नुकसान से बच सकते हैं तथा कानून की अनुपालन भी बहुत अच्छे से कर सकते हैं ।
पंजीकरण का अनुरोध
मैं सभी संबंधित उद्यम से यह निवेदन भी करना चाहूंगा कि अगर अपने अपने उद्यम को सूक्ष्म लघु एवं मध्यम उद्यम की रुप में पंजीकृत नहीं किया है तो संबंधित विभाग से ऑनलाइन जाकर आप अपने उद्यम को पंजीकृत कर सकते हैं यह पंजीकरण प्रमाण पत्र आपके व्यापार व्यवसाय के सुचारू संचालन में बहुत महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा तथा आपके द्वारा प्रदान की गई वस्तु एवं सेवा का भुगतान भी सुनिश्चित होगा ।
साथियों हमेशा की तरह आपकी प्रतिक्रियाओं का इंतजार रहेगा ।
धन्यवाद
CA सुरेश कोठारी
दुर्ग
छत्तीसगढ़
94252 46039

