28 एवं 29 मार्च की हड़ताल वैध, भ्रामक प्रचार से रहें सावधान, पूरे देश में 12 ट्रेड यूनियन एवं किसान संगठन होंगे शामिल सीटू यूनियन
भिलाई नगर 27 मार्च । हिन्दुस्तानल स्टील एम्प्लाइज यूनियन सीटू की ओर से कर्मियों को 28 एवं 29 मार्च की हड़ताल के खिलाफ चल रहे भ्रामक प्रचार से सावधान रहने की अपील की गई है।
यूनियन के महासचिव एस.पी.डे ने स्पष्ट रुप से कहा कि हड़ताल को किसी भी न्यायालय द्वारा अवैध घोषित नहीं किया गया है। किसी यूनियन द्वारा हड़ताल को वापस लेने की कोई घोषणा भी नहीं की गई है।
धारा 22 के तहत दी गई हड़ताल की सूचना
सीटू नेता ने स्पष्ट किया कि औद्योगिक विवाद अधिनियम की धारा 22 के तहत हड़ताल की सूचना भिलाई में कार्यरत 7 यूनियनों द्वारा 11 मार्च को दे दी गई है। जिसमें हिंदुस्तान स्टील एंप्लाइज यूनियन (सीटू) भिलाई स्टील मजदूर सभा (एटक), भिलाई श्रमिक सभा (एचएमएस), सेंटर ऑफ स्टील वर्कर्स (ऐक्टू), स्टील वर्कर्स यूनियन, इस्पात श्रमिक मंच और हिंदुस्तान इस्पात ठेका श्रमिक यूनियन(सीटू) शामिल है। इनमें से किसी भी यूनियन ने हड़ताल वापस लेने की घोषणा नहीं की है।
20 करोड़ से अधिक लोग शामिल होंगे इस हड़ताल में
इस हड़ताल में 20 करोड़ से अधिक लोगों के शामिल होने की संभावना है, जिसमें इस्पात, कोयला, भारी उद्योग, गोदी, जल परिवहन, बैंक, बीमा, दवा उद्योग, सड़क परिवहन, आंगनबाड़ी, खाद एवं उर्वरक क्षेत्र के अलावा आशा, मध्यान्ह भोजन सहित सभी योजना कर्मियों के 12 ट्रेड यूनियनों, स्वतंत्र फेडरेशनों के अलावा किसानों , खेत मजदूर के संगठनों से जुड़े लगभग 20 करोड़ से अधिक कर्मी इस हड़ताल में शामिल होंगे।

