सूर्या रेजिडेंसी में IT की बड़ी कार्रवाई: मकान सील, ढोल बजाकर कराई गई मुनादी

सूर्या रेजिडेंसी में IT की बड़ी कार्रवाई: मकान सील, ढोल बजाकर कराई गई मुनादी


भिलाई, 22 सितंबर। छत्तीसगढ़ के चर्चित कोयला लेवी मामले से जुड़ी संपत्तियों पर आयकर विभाग ने एक बार फिर कार्रवाई की है। रायपुर की बेनामी संपत्ति प्रभाग की टीम ने भिलाई के जुनवानी स्थित सूर्या रेजिडेंसी में एक मकान को अपने कब्जे में लेकर सील कर दिया। कार्रवाई के दौरान तहसीलदार और पुलिस बल भी मौजूद रहा।

जानकारी के मुताबिक आयकर विभाग की टीम सोमवार को सूर्या रेजिडेंसी पहुंची और मकान नंबर A-1 में कार्रवाई शुरू की। टीम ने पहले मौके पर आवश्यक कानूनी प्रक्रिया पूरी की। इसके बाद संपत्ति का भौतिक कब्जा लेते हुए मकान को सील कर दिया गया। कार्रवाई के दौरान ढोल बजाकर मुनादी भी कराई गई और संपत्ति पर विभाग की ओर से सूचना संबंधी बोर्ड लगाया गया।

मनीष उपाध्याय के नाम से जुड़ी संपत्ति पर कार्रवाई

विभाग की जांच में उक्त संपत्ति को बेनामी संपत्ति के तौर पर चिन्हित किए जाने की बात सामने आई है। उपलब्ध न्यायिक रिकॉर्ड में जांच एजेंसियों की ओर से यह दावा दर्ज है कि संपत्ति का संबंध सूर्यकांत तिवारी से बताया गया और मनीष उपाध्याय का नाम इस संपत्ति से जुड़ा है। रिकॉर्ड में मनीष उपाध्याय के इसी मकान में रहने का भी उल्लेख मिलता है।

बताया गया है कि संपत्ति खसरा नंबर 2028/38 पर स्थित है और इसका क्षेत्रफल करीब 0.02 हेक्टेयर है। आयकर विभाग की बेनामी संपत्ति इकाई ने जांच के आधार पर संपत्ति के संबंध में कार्रवाई आगे बढ़ाई है।

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जांच रिकॉर्ड में लेन-देन का भी उल्लेख

न्यायिक रिकॉर्ड में आयकर विभाग द्वारा जब्त की गई डायरी की कुछ प्रविष्टियों का भी उल्लेख है। इनमें मनीष उपाध्याय से संबंधित भूमि सौदों और रकम के लेन-देन का जिक्र किया गया है। हाईकोर्ट के रिकॉर्ड में इन प्रविष्टियों के आधार पर जांच एजेंसी की ओर से किए गए दावों को दर्ज किया गया है।

हालांकि संपत्ति के स्वामित्व और बेनामी लेन-देन से जुड़े आरोपों की अंतिम कानूनी स्थिति संबंधित न्यायिक प्रक्रिया पर निर्भर है। बेनामी संपत्ति कानून के तहत सक्षम अधिकारी उपलब्ध सामग्री के आधार पर नोटिस और आगे की कार्रवाई कर सकता है।

A-22 मकान पर भी कार्रवाई का नोटिस

इसी सूर्या रेजिडेंसी परिसर में स्थित मकान नंबर A-22 भी पहले से आयकर विभाग की कार्रवाई के दायरे में रहा है। उपलब्ध रिकॉर्ड के मुताबिक इस संपत्ति पर बेनामी संपत्ति कानून के तहत कार्रवाई संबंधी नोटिस चस्पा किया गया था।

A-22 संपत्ति को लेकर भी जांच एजेंसियों की ओर से पूर्व में दावे सामने आए हैं। इसे सौम्या चौरसिया और उनके परिजनों से जुड़े संपत्ति रिकॉर्ड के संदर्भ में जांचा गया था। इस मामले में भी संपत्ति और उससे जुड़े आरोपों की अंतिम स्थिति कानूनी प्रक्रिया के अधीन है।

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कोयला लेवी मामले से जुड़ी संपत्तियों पर बढ़ी कार्रवाई

कोयला लेवी मामले से जुड़े मामलों में आयकर विभाग और अन्य जांच एजेंसियां पहले भी कई संपत्तियों पर कार्रवाई कर चुकी हैं। ताजा कार्रवाई के बाद भिलाई की सूर्या रेजिडेंसी एक बार फिर जांच एजेंसियों की कार्रवाई के केंद्र में आ गई है।