महादेव सट्टा ऐप : सौरभ चंद्राकर सीबीआई कोर्ट में पेश, 14 दिन की मांगी रिमांड

महादेव सट्टा ऐप : सौरभ चंद्राकर सीबीआई कोर्ट में पेश, 14 दिन की मांगी रिमांड


🛑 दिल्ली से पहुंचे वकील तुषार गिरी ने की पैरवी, भारी सुरक्षा के बीच पेशी

सीजी न्यूज़ ऑनलाइन, 4 नवंबर। महादेव ऑनलाइन सट्टा एप के प्रमुख संचालक सौरभ चंद्राकर को सीबीआई ने बुधवार को रायपुर स्थित विशेष अदालत में पेश किया। सीबीआई ने उससे पूछताछ के लिए अदालत से 14 दिन की रिमांड मांगी है। इस पर अदालत में सुनवाई चल रही है। सौरभ की पैरवी के लिए दिल्ली से अधिवक्ता तुषार गिरी सहित अन्य वकील रायपुर पहुंचे हैं। भारी सुरक्षा व्यवस्था के बीच उसे अदालत में पेश किया गया।

सौरभ चंद्राकर को मंगलवार को सीबीआई रायपुर लेकर पहुंची थी। इसके बाद उसे सीधे सीबीआई मुख्यालय ले जाया गया था। बुधवार को उसे विशेष अदालत में पेश किया गया। दिल्ली में हुई सुनवाई के दौरान सौरभ के वकील तुषार गिरी ने सीबीआई की हिरासत की मांग का विरोध किया था। बचाव पक्ष की दलील थी कि सौरभ को ओमान से धनशोधन के मामले में प्रत्यर्पित किया गया है, न कि सीबीआई के मामले में। प्रत्यर्पण से जुड़े दस्तावेज पेश नहीं किए जाने पर भी आपत्ति जताई गई थी। हालांकि अदालत ने सीबीआई की अर्जी स्वीकार करते हुए दो दिन की ट्रांजिट रिमांड मंजूर की थी।

छह हजार करोड़ के कथित घोटाले की जांच

सीबीआई के मुताबिक सौरभ चंद्राकर महादेव ऑनलाइन सट्टेबाजी एप से जुड़े करीब छह हजार करोड़ रुपये के कथित घोटाले के प्रमुख आरोपियों में शामिल है। सीबीआई और ईडी सट्टा नेटवर्क, फर्जी बैंक खातों, हवाला लेन-देन और विदेशों में कथित निवेश की जांच कर रही हैं। ईडी के अनुसार सौरभ और रवि उप्पल इस नेटवर्क के कथित मुख्य संचालक थे। जांच में रेड्डी अन्ना, फेयरप्ले, स्काईएक्सचेंज और लोटस 365 जैसे ऑनलाइन प्लेटफॉर्म से जुड़े वित्तीय लेन-देन की भी पड़ताल की गई है।

जांच एजेंसियों का आरोप है कि भारत और यूएई में हजारों ऑनलाइन पैनल के जरिए सट्टे का नेटवर्क संचालित किया जाता था। इसके लिए बैंक खातों, मोबाइल फोन और इंटरनेट का इस्तेमाल होता था। सट्टे से प्राप्त रकम को विभिन्न बैंक खातों में बांटकर नकद और हवाला के जरिए विदेश भेजने तथा दुबई में संपत्तियों में निवेश करने के आरोपों की भी जांच की गई है।

दुबई में शादी पर 200 करोड़ खर्च का आरोप

फरवरी 2023 में यूएई के रास अल खैमाह में सौरभ चंद्राकर की शादी भी जांच के दायरे में है। ईडी के अनुसार, शादी और उससे जुड़े आयोजनों पर करीब 200 करोड़ रुपये खर्च किए जाने का आरोप है।

एजेंसी ने इवेंट कंपनियों, होटलों, ट्रैवल एजेंटों और विमान सेवा प्रदाताओं के रिकॉर्ड की जांच की है। सौरभ पहले भिलाई में जूस की दुकान चलाता था। महादेव एप नेटवर्क के विस्तार के बाद उसकी आर्थिक गतिविधियों में तेजी से बदलाव आया।

मामले में रवि उप्पल, विकास छपरिया और शुभम सोनी सहित अन्य कथित सहयोगियों की भूमिका की भी जांच की जा रही है। जांच एजेंसियां कुछ आरोपियों को गिरफ्तार कर चुकी हैं और कई संपत्तियां जब्त या अटैच की गई हैं। अब रायपुर की विशेष अदालत में सीबीआई की 14 दिन की रिमांड अर्जी पर फैसला महत्वपूर्ण होगा।