सीजी न्यूज ऑनलाइन 25 दिसंबर । छत्तीसगढ़ में नगर निगम और नगर पालिकाओं के महापौर और अध्यक्षों के निर्वाचन हेतु चुनावी खर्च की नई सीमा निर्धारित कर दी गई है। राज्य निर्वाचन आयोग ने इस संबंध में आदेश जारी करते हुए चुनाव में पारदर्शिता और निष्पक्षता बनाए रखने के लिए यह निर्णय लिया है।
आयोग के अनुसार, महापौर पद के उम्मीदवार अब निर्धारित सीमा के भीतर ही खर्च कर सकेंगे। नगर पालिकाओं और नगर पंचायतों के अध्यक्षों के लिए भी अलग-अलग व्यय सीमा तय की गई है। यह कदम उम्मीदवारों के चुनावी अभियान में अनावश्यक खर्चों पर अंकुश लगाने के उद्देश्य से उठाया गया है।
5 लाख या उससे अधिक आबादी वाले नगर निगमों में मेयर प्रत्याशी 25 लाख, 3-5 लाख की आबादी वाले नगर निगम के लिए यह सीमा 20 लाख और 3 लाख से अधिक आबादी वाले निगम 10 लाख रु खर्च कर सकेंगे। 50000 से अधिक आबादी वाले नगर पालिका अध्यक्ष 10 लाख रुपए तक एवं 50000 से कम आबादी वाले नगर पालिका 8 लाख ऊपर खर्च कर सकेंगे। इसके अलावा नगर पंचायत के लिए अध्यक्ष पद के उम्मीदवार अधिकतम 6 लाख खर्च कर सकेंगे। छत्तीसगढ़ राजपत्र में अधिसूचना प्रकाशित कर दी गई है।
इस बार मेयर चुनाव होगा डायरेक्ट
नगरीय निकाय चुनावों में अब मेयर और अध्यक्ष का चुनाव प्रत्यक्ष रूप से होगा। यानी पार्षद के साथ ही मेयर और अध्यक्ष के लिए भी जनता ही वोट करेगी। साय कैबिनेट की बैठक में यह फैसला लिया गया था। 2018 में प्रदेश में कांग्रेस की सरकार आने के बाद नियम बदला गया था।
इसमें मेयर चुनने का हक पार्षदों को दिया गया था। हालांकि भूपेश कार्यकाल से पहले भी जनता ही पार्षदों के साथ मेयर को चुनती थी।

