सिंह राशि विरोधी दया भाव प्रदर्शित करेंगे, सावधान रहें ये कुचक्र भी हो सकता है, कन्या राशि सार्वजिनक क्षेत्र पर आपकी नई पहचान बनने से जीवन को नई दिशा मिलेगी

सिंह राशि विरोधी दया भाव प्रदर्शित करेंगे, सावधान रहें ये कुचक्र भी हो सकता है, कन्या राशि सार्वजिनक क्षेत्र पर आपकी नई पहचान बनने से जीवन को नई दिशा मिलेगी


           

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🌤️  दिनांक – 12 अक्टूबर  2024
🌤️ दिन – शनिवार
🌤️ विक्रम संवत – 2081            (गुजरात-महाराष्ट्र अनुसार  2080)
🌤️ शक संवत -1946
🌤️ अयन – दक्षिणायन
🌤️ ऋतु – शरद ॠतु
🌤️ मास – अश्विन
🌤️ पक्ष – शुक्ल
🌤️ तिथि – नवमी सुबह 10:58 तक दशमी
🌤️ नक्षत्र – श्रवण 13 अक्टूबर प्रातः 04:27 तक तत्पश्चात धनिष्ठा
🌤️ योग – धृति रात्रि 12:22 तक तत्पश्चात शूल

⚛️सूर्य व चन्द्र से संबंधित गणनाएँ-:👇👇
           (दिल्ली समयानुसार)
सूर्योदय——-06:20

सूर्यास्त——–17:54

सूर्य राशि——- कन्या

चन्द्र राशि——-मकर

चन्द्रोदय——–14:39

चन्द्रास्त——–25:23

⚫अशुभ समय (अशुभ मुहूर्त)-:👇👇

दुष्टमुहूर्त06:20 से 07:52 तक,

कुलिक 07:06 से 07:52 तक,

राहु काल09:13 से 10:40 तक

🌑दिशा शूल —- पूर्व दिशा


⚛️शुभ समय (शुभ मुहूर्त)-:👇👇

ब्रह्म मुहूर्त 4:00 से 5:00 तक

अभिजीत11:44 से 12:30 तक

विजय मुहूर्त 14:02 14:49 तक

गोधूलि बेला 18:10 से 18:50 तक,

सर्वार्थ सिद्धि योग06:20 से28:28 तक

🌞 ~ वैदिक पंचांग ~ 🌞

          🌹 आज के व्रत-त्योहार🌹
➡️ *आज विजयदशमी।
➡️ *आज दशहरा पर्व।
➡️ *आज दुर्गा विसर्जन।
➡️ *आज सरस्वती विसर्जन।
➡️ *आज शारदीय नवरात्र समाप्त।
➡️ *आज नवरात्र पारणा।
             (पूरा दिन शुभ मुहूर्त),
➡️ *आज विजय मुहूर्त।
         (दोपहर 02:10 से दोपहर 02:57 तक),(संकल्प,शुभारम्भ,नूतन कार्य,सीमोल्लंघन के लिए),
➡️ *आज अपराजिता -शमी-वृक्ष पूजन ।
➡️ *आज अस्त्र-शस्त्र  -आयुध वाहन पूजन।
➡️ *आज गुरू पूजन।

              🌞 ~ वैदिक पंचांग ~ 🌞

💥 विशेष – नवमी को लौकी खाना गोमांस के समान त्याज्य है।(ब्रह्मवैवर्त पुराण, ब्रह्म खंडः 27.29-34)

              🌞 ~ वैदिक पंचांग ~ 🌞

          🌹विजयदशमी पूजन-मुहूर्त🌹
⏩ *विजयदशमी का पूजन समय अपराह्न 13:16 से 15:35 तक रहेगा/
⏩ *विजयदशमी का पूजन अभिजीत मुहूर्त व विजय मुहूर्त के समय भी किया जा सकता है/
⏩ *12 अक्टूबर को दोपहर 12:07 से शाम 16:27 तक क्रमशः चर, लाभ व अमृत के अच्छे चौघड़िये भी विद्यमान रहेंगे/

             🌞 ~ वैदिक पंचांग ~ 🌞

             🌑आज शनिवार विशेष🌑
💥▪️आज वार शनिवार श्री हनुमान जी की उपासना- अनुष्ठान के लिए उत्तम दिन है।

💥▪️श्री हनुमान चालीसा या सुंदरकांड के पाठ करने व हनुमानजी के सिंदूर का चोला चढ़ाने से हनुमान जी की कृपा बनी रहती है।

💥▪️शनिवार के दिन पीपल वृक्ष को दोनों हाथों से स्पर्श करते हुए “ऊं नमः शिवाय” के जप करने से कष्टों का निवारण होता है।

💥▪️शनिवार के दिन पीपल की जड़ में जल चढ़ाने और दीपक जलाने से रोग व कष्टों से मुक्ति मिलती है।

            🌞 ~ वैदिक पंचांग ~ 🌞

       🌷 एकादशी के दिन करने योग्य 🌷
13 अक्टूबर 2024 रविवार को सुबह 09:08 से 14 अक्टूबर, सोमवार को सुबह 06:41 तक एकादशी है ।

               🌞 ~ वैदिक पंचांग ~ 🌞

💥 विशेष – 13 अक्टूबर 2024 रविवार को पापांकुशा-पाशांकुशा एकादशी (स्मार्त) एवं 14 अक्टूबर, सोमवार को त्रिस्पृशा पापांकुशा-पाशांकुशा एकादशी (भागवत)

14 अक्टूबर, सोमवार को एकादशी का व्रत (उपवास) रखें ।

🌹🙏🏻 एकादशी को दिया जला के विष्णु सहस्त्र नाम पढ़ें । विष्णु सहस्त्र नाम नहीं हो तो १० माला गुरुमंत्र का जप कर लें l अगर घर में झगडे होते हों, तो झगड़े शांत हों जायें ऐसा संकल्प करके विष्णु सहस्त्र नाम पढ़ें तो घर के झगड़े भी शांत होंगे l

           🌞 ~ वैदिक पंचांग ~ 🌞

    🌷 एकादशी के दिन ये सावधानी रहे 🌷
🌹🙏🏻 महीने में १५-१५ दिन में  एकादशी आती है एकादशी का व्रत पाप और रोगों को स्वाहा कर देता है लेकिन वृद्ध, बालक और बीमार व्यक्ति एकादशी न रख सके तभी भी उनको चावल का तो त्याग करना चाहिए एकादशी के दिन जो  चावल खाता है…  तो एक- एक चावल एक- एक कीड़ा खाने का पाप लगता है…ऐसा डोंगरे जी महाराज के भागवत में डोंगरे जी महाराज ने कहा

                 🌞 ~ वैदिक पंचाग ~ 🌞

                🌷 त्रिस्पृशा का महायोग 🌷
🌹🙏🏻 त्रिस्पृशा का महायोग : हजार एकादशियों का फल देनेवाला व्रत
14 अक्टूबर 2024 सोमवार को त्रिस्पृशा-पापांकुशा पाशांकुशा एकादशी है ।

🌹🙏🏻 एक ‘त्रिस्पृशा एकादशी’ के उपवास से एक हजार एकादशी व्रतों का फल प्राप्त होता है । इस एकादशी को रात में जागरण करनेवाला भगवान विष्णु के स्वरूप में लीन हो जाता है ।

🌹🙏🏻 ‘पद्म पुराण’ में आता है कि देवर्षि नारदजी ने भगवान शिवजी से कहा : ‘‘सर्वेश्वर ! आप त्रिस्पृशा नामक व्रत का वर्णन कीजिये, जिसे सुनकर लोग कर्मबंधन से मुक्त हो जाते हैं ।”

🌹🙏🏻 महादेवजी : ‘‘विद्वान् ! देवाधिदेव भगवान ने मोक्षप्राप्ति के लिए इस व्रत की सृष्टि की है, इसीलिए इसे ‘वैष्णवी तिथि कहते हैं । भगवान माधव ने गंगाजी के पापमुक्ति के बारे में पूछने पर बताया था : ‘‘जब एक ही दिन एकादशी, द्वादशी तथा रात्रि के अंतिम प्रहर में त्रयोदशी भी हो तो उसे ‘त्रिस्पृशा’ समझना चाहिए । यह तिथि धर्म, अर्थ, काम और मोक्ष देनेवाली तथा सौ करोड तीर्थों से भी अधिक महत्त्वपूर्ण है । इस दिन भगवान के साथ सदगुरु की पूजा करनी चाहिए ।”

🌹🙏🏻 यह व्रत सम्पूर्ण पाप-राशियों का शमन करनेवाला, महान दुःखों का विनाशक और सम्पूर्ण कामनाओं का दाता है । इस त्रिस्पृशा के उपवास से ब्रह्महत्या जैसे महापाप भी नष्ट हो जाते हैं । हजार अश्वमेघ और सौ वाजपेय यज्ञों का फल मिलता है । यह व्रत करनेवाला पुरुष पितृ कुल, मातृ कुल तथा पत्नी कुल के सहित विष्णुलोक में प्रतिष्ठित होता है । इस दिन द्वादशाक्षर मंत्र (ॐ नमो भगवते वासुदेवाय) का जप करना चाहिए । जिसने इसका व्रत कर लिया उसने सम्पूर्ण व्रतों का अनुष्ठान कर लिया ।
  
                🌞 ~ वैदिक पंचांग ~ 🌞

                   🌑👇पंचक👇🌑
🌑➡️ *अक्टूबर 13 अक्टूबर, रविवार 3:39 अपराह्न से 17 अक्टूबर, गुरुवार 4:20 अपराह्न तक।
🌑➡️ *नवंबर 09 नवंबर, शनिवार 11:23 अपराह्न से 14 नवंबर, गुरुवार 3:11 पूर्वाह्न तक।

                  🌹👇एकादशी👇🌹
💐👉 आश्विन माह के शुक्ल पक्ष की एकादशी तिथि 13 अक्टूबर को सुबह 09 बजकर 08 मिनट पर शुरू हो रही है।            ⏩वहीं इस तिथि का समापन 14 अक्टूबर को सुबह 06 बजकर 41 मिनट पर होने जा रहा है।

                 🌹👇भौम प्रदोष👇🌹
💐👉 *अश्विन मा​ह के शुक्ल पक्ष की त्रयोदशी तिथि 15 अक्टूबर को तड़के 3 बजकर 42 मिनट से प्रारंभ होगी.।
          ⏩ *इस तिथि का समापन 16 अक्टूबर को 12 बजकर 19 एएम पर होगा. प्रदोष व्रत के पूजा मुहूर्त को देखते हुए भौम प्रदोष व्रत 15 अक्टूबर मंगलवार को रखा जाएगा.

                 🌞~वैदिक पंचांग~🌞
            🙏🏵️🌷💐🌹💐🌷🏵️🙏              

🌹👉 राहुकाल ज्ञानाय समय चक्र 👈🌹
➡️ रविवार – सायं काल -16:30 से 18:00 तक
➡️ सोमवार- प्रातःकाल -07:30 से 09:00 तक
➡️ मंगलवार -दिवा काल -15:00 से 16:30 तक
➡️ बुधवार – दिवा काल -12:00 से 13:30 तक
➡️ गुरुवार – दिवा काल -13:30 से 15:00 तक
➡️ शुक्रवार- प्रातःकाल -10:30 से 12:00 तक
➡️ शनिवार -प्रातःकाल -09:00 से 10:30 तक

      🌹👉 अभिजीत मुहूर्त का समय 👈🌹
➡️मध्यम माननें दोपहर ( दिन में) -11:36 से 12:24 बजे तक के मध्य अभिजीत मुहूर्त वर्तमान रहता है। जिसमें सभी दोष निवारण की क्षमता कहीं गयी है। किसी मुहूर्त विशेष में लग्न की शुद्धता परिलक्षित न हो तो अभिजीत मुहूर्त में कार्य सम्पादन कर लाभ के भागीदार बन सकते हैं। विशेष विवरण पंचांग के मुहूर्त प्रकरण में देखें। धन्यवाद।
                            
                🌞~वैदिक पंचांग~🌞
            🙏🏵️🌷💐🌹💐🌷🏵️🙏  

    🌷इन पुण्यदायी तिथियों व                     योगों का अवश्य उठायें लाभ🌷

➡️ 12 अक्टूबर : विजयादशमी (सब शुभ कार्यों में सिद्धि देनेवाली, पूरा दिन शुभ मुहूर्त), विजय मुहूर्त (दोपहर 02:10 से 02:57 तक) (संकल्प, शुभारम्भ, नूतन कार्य, सीमोल्लंघन के लिए), दशहरा, गुरु-पूजन, अपराजिता-शमी वृक्ष-अस्त्र- शस्त्र-वाहन पूजन

➡️ 13 अक्टूबर : पापांकुशा/पाशांकुशा एकादशी (स्मार्त) [इस एकादशी से शरद पूर्णिमा (16 अक्टूबर) तक रात्रि में चन्द्रमा को कुछ समय एकटक देखें व शरद पूर्णिमा की रात में सूई में धागा पिरोयें । इससे नेत्रज्योति बढ़ती है ।]

➡️ 14 अक्टूबर : त्रिस्पृशा पापांकुशा /पाशांकुशा एकादशी (भागवत) (इसका उपवास करने से कभी यमयातना नहीं प्राप्त होती । यह आरोग्य, सुंदर स्त्री, धन, मित्र, स्वर्ग व मोक्ष प्रदायक तथा माता, पिता एवं पत्नी के पक्ष की 10-10 पीढ़ियों का उद्धार कर देनेवाला व्रत है।) (त्रिस्पृशा एकादशी के दिन उपवास करने से 1000 एकादशी व्रतों का फल प्राप्त होता है । – पद्म पुराण)

➡️ 16 अक्टूबर : शरद पूर्णिमा (इसकी रात्रि में चन्द्रमा की किरणों में रखी हुई दूध-चावल की खीर का सेवन पित्तशामक है ।)

➡️ 17 अक्टूबर : कार्तिक व्रत-स्नान आरम्भ (कार्तिक मास में आँवले की छाया में भोजन करने से पाप नष्ट व पुण्य कोटि गुना हो जाता है ।)

➡️ 24 अक्टूबर : गुरु पुष्यामृत योग (सूर्योदय से 25 अक्टूबर सूर्योदय तक)
                              
                🌞~वैदिक पंचांग~🌞
            🙏🏵️🌷💐🌹💐🌷🏵️🙏  

🌹👉जिनका आज जन्मदिन है उनको हार्दिक शुभकामनायें बधाई और शुभाशीष।

🌹👉दिनांक 12 को जन्मे व्यक्तियों का अंक ज्योतिष के अनुसार मूलांक तीन आता है। यह बृहस्पति का प्रतिनिधि अंक है।

🌹👉आप दार्शनिक स्वभाव के होने के बावजूद एक विशेष प्रकार की स्फूर्ति रखते हैं। आपकी शिक्षा के क्षेत्र में पकड़ मजबूत होगी। आप एक सामाजिक प्राणी हैं।

🌹👉आप सदैव परिपूर्णता या कहें कि परफेक्शन की तलाश में रहते हैं यही वजह है कि अकसर अव्यवस्थाओं के कारण तनाव में रहते हैं।

🌹👉 ऐसे व्यक्ति निष्कपट, दयालु एवं उच्च तार्किक क्षमता वाले होते हैं। अनुशासनप्रिय होने के कारण कभी-कभी आप तानाशाह भी बन जाते हैं।

शुभ दिनांक : 3, 12, 21, 30

शुभ अंक : 1, 3, 6, 7, 10

शुभ वर्ष : 2028, 2030, 2031, 2034, 2043, 20410, 2052

ईष्टदेव : देवी सरस्वती, देवगुरु बृहस्पति, भगवान विष्णु

शुभ रंग : पीला, सुनहरा और गुलाबी

🌹👉कैसा रहेगा यह वर्ष
घर या परिवार में शुभ कार्य होंगे। यह वर्ष आपके लिए अत्यंत सुखद है। नवीन व्यापार की योजना भी बन सकती है। दांपत्य जीवन में सुखद स्थिति रहेगी।

🌹👉 किसी विशेष परीक्षा में सफलता मिल सकती है। नौकरीपेशा के लिए प्रतिभा के बल पर उत्तम सफलता का है। मित्र वर्ग का सहयोग सुखद रहेगा। शत्रु वर्ग प्रभावहीन होंगे। महत्वपूर्ण कार्य से यात्रा के योग भी है।
                             
                🌞~वैदिक पंचांग~🌞
            🙏🏵️🌷💐🌹💐🌷🏵️🙏           

                🌹 आज का राशिफल 🌹
🌹👉मेष🐐 (चू, चे, चो, ला, ली, लू, ले, लो, अ)
आज के दिन आपमे धैर्य की कमी रहेगी। किसी भी कार्यो को लेकर पहले लापरवाही करेंगे बाद में उसे जल्दबाजी में करने पर कुछ ना कुछ कमी रह जायेगी। धन संबंधित मामलों में जल्दबाजी ना करें अन्यथा आज के दिन का उचित लाभ लेने से वंचित रह जाएंगे कार्य व्यवसाय से आरंभ में ज्यादा आशा नही रहेगी लेकिन धीरे धीरे जमने पर अकस्मात धन के मार्ग खुलने से उत्साह बढेगा। दान-पुण्य के साथ किसी की सहायता पर खर्च करना पड़ेगा परोपकार की भावना के कारण अखरेगा नही। आज घर मे समय पर आवश्यकता पूर्ति ना करने पर विवाद हो सकता है। स्वास्थ्य आज सामान्य ही रहेगा। क्रोध से बचें।

🌹वृष🐂 (ई, ऊ, ए, ओ, वा, वी, वू, वे, वो)
आज का दिन लाभदायक रहेगा कार्य क्षेत्र पर आज आपसे प्रतिस्पर्धा करने वाले बहुत रहेंगे फिर भी अपने हिस्से का लाभ थोडे बौद्धिक परिश्रम से प्राप्त कर लेंगे। व्यवसायी वर्ग को दैनिक कार्यो की जगह आज जोखिम वाले कार्य से अधिक लाभ की संभावना है पूर्व में अथवा आज किया निवेश शीघ्र ही फलती होकर धन की आमद बढ़ाएगा। उधारी के व्यवहारों के कारण आज मन मे क्रोध भी रहेगा लेन देन को लेकर किसी से तीखी बहस हो सकती है धैर्य से काम लें अन्यथा आगे नुकसान हो सकता है। घर के सदस्यों पर नाजायज हुकुम चलाना नई समस्या को जन्म देगा परिजन आपके सामने ही उद्दंडता करेंगे। सेहत संध्या तक ठीक रहेगी इसके बाद कुछ विकार आ सकता है।

🌹मिथुन👫 (का, की, कू, घ, ङ, छ, के, को, हा)
आज का दिन आपके लिये सिद्धि दायक रहेगा कोई भी कार्य करने से पहले उसके विषय मे बारीकी से अध्ययन करें आज थोड़े से परिश्रम से बड़ा कार्य पूर्ण कर सकेंगे। पहले से चल रही किसी योजना के पूर्ण होनेपर भी लाभ मिलेगा लेकिन जल्दबाजी करने पर कुछ अभाव भी रह सकता है। कार्य व्यवसाय से धन की प्राप्ति निश्चित होगी लेकिन आज उधार के व्यवहार भी परेशानी में डालेंगे यथा सम्भव इनपर नियंत्रण रखें। पारिवारिक वातावरण में छोटी मोटी गलतफहमियां बनेगी आपसी तालमेल से इनपर विजय पा सकते है। महिलाए मामूली बातो का बतंगड़ बनाएंगी जिससे घर मे अशान्ति रहेगी। सेहत आज लगभग ठीक ही रहेगी।

🌹कर्क🦀 (ही, हू, हे, हो, डा, डी, डू, डे, डो)
आज के दिन आपको दैनिक कार्यो के अतिरिक्त भाग दौड़ करनी पड़ेगा लेकिन इसका कोई सकारात्मक परिणाम नही मिलेगा। आज अधिकांश कार्य किसी अन्य पर निर्भर रहने के कारण अधूरे रह सकते है जोर जबरदस्ती करने पर हानि ही होगी। कार्य व्यवसाय अथवा सरकारी क्षेत्र से अशुभ समाचार मिलने या किसी अप्रिय घटना की संभावना मन को बेचैन  रखेगी। धन की आमद सीमित रहेगी लेकिन ख़र्च अनियंत्रित होने पर बजट प्रभावित होगा। कार्य क्षेत्र पर सहकर्मी अथवा अधिकारी वर्ग से गलतफहमी बनेगी फिर भी मामला गंभीर नही होने देंगे। परिवार के सदस्य से हानि हो सकती है धैर्य से काम लें। सेहत में अकस्मात नरमी आएगी। बुजुर्गो के प्रति आदर भाव बढेगा।

🌹सिंह🦁 (मा, मी, मू, मे, मो, टा, टी, टू, टे)
आज का दिन शारिरिक दृष्टिकोण से विपरीत रहेगा दिनचार्य अस्त व्यस्त रहेगी सहयोग मिलने पर भी अधिकांश कार्य समय पर पूरा नही कर सकेंगे। काम-धंधे को लेकर मन अशांत रहेगा किसी से पूर्व में किया वादा पूरा ना करने का डर मन मे रहेगा जिसका प्रभाव मानसिक दबाव बढ़ाएगा। विरोधी आपके ऊपर दया भाव प्रदर्शित करेंगे लेकिन फिर भी सावधान रहें ये कुचक्र भी हो सकता है। जल्द पैसा कमाने की मानसिकता आज कुछ ना कुछ नुकसान ही कराएगी इससे बचकर रहें। धन की आमद मध्यान बाद होगी लेकिन अनर्गल खर्च रहने से आवश्यक कार्यो पर खर्च नही कर पाएंगे। घर के सदस्यों का स्वार्थी व्यवहार मन दुख का कारण बनेगा।

🌹कन्या👩 (टो, पा, पी, पू, ष, ण, ठ, पे, पो)
आपके लिये आज का दिन शुभ फलदायी रहेगा आज दिन का आरंभिक भाग परिवार में मतभेद के कारण थोड़ा उदासीन रहेगा इसके बाद का समय सार्वजिनक क्षेत्र पर आपकी नई पहचान बनने से जीवन को नई दिशा मिलेगी लेकिन इसके लिये स्वयं को भी दृढ़ संकल्पित रहना पड़ेगा। लक्ष्य बनाए कर कार्य करने पर ही आज के दिन से उचित लाभ पाया जा सकता है। स्वभाव में थोड़ी तल्खी रहने के कारण किसी को भी मन की बाते समझाने में परेशानी आएगी। कार्य व्यवसाय में पल पल में स्थिति बदलने से असमंजस की स्थिति रहेगी कम मुनाफे में व्यापार करना पड़ेगा। परिवार की अपेक्षा बाहर से अधिक सहयोग मिलेगा। उच्च रक्तचाप अथवा अन्य रक्त पित्त संबंधित समस्या हो सकती है।

🌹तुला⚖️ (रा, री, रू, रे, रो, ता, ती, तू, ते)
आज का दिन संभावनाओं पर ज्यादा केंद्रित रहेगा। परिश्रम करने में कमी नही रखेंगे फिर भी सफलता असफलता संपर्क में रहने वालों पर निर्भर रहेगी। मध्यान तक का समय उदासीनता में बीतेगा इसके बाद व्यस्तता बढ़ेगी कार्य व्यवसाय में गति आने से लाभ की संभावना जागेगी लेकिन धन प्राप्ति में विलंब होगा फिर भी आज के दिन से वृद्धि की आशा रख सकते है भले ही इसमें विलंब क्यो ना हो। सहकर्मी अपने मनमाने व्यवहार से कुछ समय के लिये परेशानी में डालेंगे लेकिन इससे बाहर भी स्वयं ही निकालेंगे। गृहस्थ में शांति रहेगी परन्तु आज किसी व्यक्ति विशेष का अभाव भी अनुभव करेंगे। सेहत को लेकर थोड़ी समस्या बनेगी पर प्रदर्शित नही करेंगे।

🌹वृश्चिक🦂 (तो, ना, नी, नू, ने, नो, या, यी, यू)
आज का दिन बौद्धिक कार्यो से सफलता दिलाएगा सामाजिक क्षेत्र अथवा गृहस्थ में आपके महत्त्वपूर्ण सुझाव मिलने से किसी ना किसी के जीवन को नई दिशा मिलेगी आपके प्रति लोगो का आदर भाव बढेगा परन्तु स्वयं के प्रति लापरवाह ही रहेंगे कार्य क्षेत्र पर धीमी गति से कार्य करने पर किसी के ताने सुनने पड़ेंगे फिर भी स्वभाव में परिवर्तन नही होगा। काम-धंधा कुछ समय के लिये ही फलदायी रहेगा लापरवाही की तो आज खर्च चलाने के लिये भी किसी से उधार लेना पड़ सकता है। नौकरी वाले लोग व्यवसायियों की तुलना में बेहतर रहेंगे लेकिन धन संबंधित मामले आज सभी के लिये चिंता का विषय बनेंगे। छाती में संक्रमण होने की सम्भवना है तले भुने एवं ठंडे प्रदार्थ के सेवन से बचें।

🌹धनु🏹 (ये, यो, भा, भी, भू, ध, फा, ढा, भे)
आज का दिन आपके लिये कलहकारी रहेगा दिन के आरंभ से ही इससे बचने का प्रयास करेंगे लेकिन परिजन आज आपकी गलतिया खोज खोज कर गिनाएंगे आपने जो गलती की ही नही उसपर भी ताने सुनने को मिलेंगे। मौन धारण ही शांति का उत्तम उपाय है लेकिन ज्यादा देर तक धैर्य नही रखने पर मामला गंभीर होगा। कार्य क्षेत्र पर भी अधिकारी अथवा अन्य के साथ गरमा गरमी बढ़ने पर संबंध विच्छेद की संभावना है। नौकरी वाले लोग आज विशेष सतर्क रहें छोटी से भूल जीवन की दिशा बदल सकती है। धन लाभ कही ना कही से हो जाएगा लेकिन मानसिक उलझने यथावत रहेंगी। सेहत में उतार-चढ़ाव लगा रहेगा।

🌹मकर🐊 (भो, जा, जी, खी, खू, खा, खो, गा, गी)
आज आपका व्यवहार पल-पल में बदलने से संपर्क में रहने वालों को परेशानी आएगी आप कहेंगे कुछ करेंगे उसके विपरीत ही। दिन का आरंभिक भाग आलस्य में खराब होगा किसी कार्य मे एक बार विलंब होने पर सारी दिनचार्य बदल जाएगी अधिकांश कार्य आज विलंब से ही पूर्ण होंगे अथवा अधूरे रह जाएंगे लेकिन फिर भी धन लाभ कही ना कहीं से अवश्य होगा आकस्मिक होने पर आश्चर्य में पड़ेंगे। कार्य व्यवसाय में उधारी के व्यवहार से बचें बाद में परेशानी बनेगी। धन को लेकर किसी से कलह हो सकती है। आज विवेक से काम लें अन्यथा मनोकामना पूर्ति सम्भव नही होगी। आरोग्य में कमी रहेगी।

🌹कुंभ🍯 (गू, गे, गो, सा, सी, सू, से, सो, दा)
आज का दिन कुछ ना कुछ अभाव के बाद भी संतोषजनक रहेगा। लेकिन महिलाए किसी भी बात को लेकर घर का वातावरण अशान्त बनाएंगी। दिन के आरंभिक भाग के अलावा अन्य समय बाहर ही शांति अनुभव होगी। आज आप जल्दी से किसी  के गलत आचरण का विरोध नही करेंगे लेकिन धैर्य सीमित ही रहेगा एक बार क्रोध आने पर शांत करना आपके वश में भी नही रहेगा जो लोग उद्दंडता कर रहे थे वो भी बचते नजर आएंगे। कार्य व्यवसाय में भी किसी कमी के कारण धन लाभ अल्प और विलंब से होगा। शेयर सट्टे में निवेश शीघ्र लाभ दिला सकता है इसके अतिरिक्त कार्यो में धन फसने की संभावना है। स्वास्थ्य में कमी आएगी।

🌹मीन🐳 (दी, दू, थ, झ, ञ, दे, दो, चा, ची)
आज के दिन आप अपनी ही धुन में रहेंगे। मन की ज्यादा सुनेंगे और करेंगे भी वैसा ही किसी का कार्यो में दखल देना कुछ ज्यादा ही अखरेगा जरासी बात पर नाराज हो जाएंगे जिससे मुख्य लक्ष्य से भटक सकते है। कार्य व्यवसाय आज अन्य दिन की तुलना में थोड़ा धीमा रहेगा इसका एक कारण आपका मानसिक रूप से तैयार ना होना भी रहेगा। लाभ हानि की परवाह किये बिना ही कार्य हाथ मे लेंगे बाद में ले देकर पूरा करने का प्रयास कुछ ना कुछ हानि ही कराएगा। घर में किसी ना किसी से व्यर्थ की बातों पर बहस कर समय खराब करेंगे। मानसिक रूप से बेचैनी अधिक रहने पर पूजा पाठ से भी विमुख रहेंगे एक साथ दो जगह मन भटकने के कारण आध्यात्मिकता का लाभ नही मिल सकेगा।
                           
                🌞~वैदिक पंचांग~🌞
            🙏🏵️🌷💐🌹💐🌷🏵️🙏