सीजी न्यूज़ ऑनलाइन डेस्क 23 जुलाई । हाल में एक पत्र सामने आया है जिसमें उच्च न्यायालय के एक न्यायाधीश ने उन पुलिस अधिकारियों को निलंबित करने की मांग की है जो उनके आवास के दरवाजे को बंद रखने में विफल रहे, जिसके परिणामस्वरूप उनका पालतू कुत्ता खो गया।
हाल में एक पत्र सामने आया है जिसमें उच्च न्यायालय के एक न्यायाधीश ने उन पुलिस अधिकारियों को निलंबित करने की मांग की है जो उनके आवास के दरवाजे को बंद रखने में विफल रहे, जिसके परिणामस्वरूप उनका पालतू कुत्ता खो गया।
दिल्ली उच्च न्यायालय के पूर्व न्यायाधीश न्यायमूर्ति गौरांग कंठ (अब कलकत्ता उच्च न्यायालय में स्थानांतरित) ने दिल्ली संयुक्त पुलिस आयुक्त (सुरक्षा) को यह पत्र लिखकर पुलिस अधिकारी के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई कि मांग की।
पत्र कहता है:
मैं यह पत्र बहुत दर्द और पीड़ा के साथ लिख रहा हूं। मेरे सरकारी बंगले पर सुरक्षा प्रदान करने वाले अधिकारियों कि निष्ठा की कमी और अक्षमता के कारण, मैंने अपना पालतू कुत्ता खो दिया है। बार-बार दरवाज़ा बंद रखने के लिए कहने के बावजूद, मेरे आवास पर तैनात सुरक्षा अधिकारी मेरे निर्देशों का पालन करने और अपने पेशेवर कर्तव्य को निभाने में विफल रहे हैं। कर्तव्य के प्रति ऐसी लापरवाही और अक्षमता पर तत्काल ध्यान देने की आवश्यकता है क्योंकि इससे मेरे जीवन और स्वतंत्रता को गंभीर खतरा हो सकता है।
उक्त सुरक्षा कर्मियों द्वारा अपने कर्तव्यों का पालन करने में इस तरह की लापरवाही से मेरे आवास पर कोई अप्रिय घटना हो सकती है और मुझे अपनी सुरक्षा को लेकर डर है। मेरे आवास के प्रवेश द्वार पर निगरानी न रखना और प्रवेश तथा निकास पर नजर रखने में समर्पण की कमी असहनीय है। मैं आपसे अनुरोध करूंगा कि उन अधिकारियों को तुरंत निलंबित करें जो एक सरकारी कर्मचारी के लिए अशोभनीय हैं और उपरोक्त मुद्दे के संबंध में गहन जांच करें जो मेरे और मेरे परिवार के जीवन के लिए गंभीर खतरा हो सकता था।
इस संबंध में की गई कार्रवाई रिपोर्ट आज से 3 (तीन) कार्य दिवसों के भीतर प्रस्तुत की जाएगी।”
हाल ही में सीजेआई डीवाई चंद्रचूड़ ने उच्च न्यायालय के सभी मुख्य न्यायाधीशों को एक पत्र लिखकर प्रोटोकॉल के उपयोग पर चिंता व्यक्त की, जो सार्वजनिक आलोचना को आमंत्रित करता है और जनता को असुविधा का कारण बनता है।

