🔴मजदूर-किसानों की मांगों को लेकर होगा आंदोलन
भिलाई नगर, 09 अगस्त 2026। भिलाई इस्पात संयंत्र और किसानों की विभिन्न मांगों को लेकर संयुक्त ट्रेड यूनियन के बैनर तले 10 अगस्त को भिलाई में एक दिवसीय संयुक्त प्रदर्शन किया जाएगा। आंदोलन में विभिन्न श्रमिक संगठनों के साथ किसानों की मांगों को भी प्रमुखता से उठाया जाएगा। यूनियनों ने श्रमिक हितों की अनदेखी स्वीकार नहीं करने और मांगें पूरी होने तक संघर्ष जारी रखने का ऐलान किया है।
प्रदर्शन 10 अगस्त 2026 को शाम 5:30 बजे मुर्गा चौक, भिलाई में प्रस्तावित है। इसमें श्रमिक संगठनों और सहयोगी संगठनों से बड़ी संख्या में शामिल होने की अपील की गई है।
39 माह के एरियर्स और वेतन समझौते की मांग
संयुक्त ट्रेड यूनियन की प्रमुख मांगों में 39 माह के एरियर्स का भुगतान तथा नए वेतन समझौते की प्रक्रिया तत्काल शुरू करना शामिल है। यूनियनों का कहना है कि लंबित वेतन संबंधी मुद्दों का जल्द निराकरण किया जाना चाहिए।
इसके अलावा सेक्टर-9 अस्पताल एवं चिकित्सा सुविधाओं को बचाने, ठेका श्रमिकों के लिए सम्मानजनक एवं पारदर्शी वेतन व्यवस्था लागू करने, बेहतर आवास एवं शिक्षा की व्यवस्था करने तथा लेबर कोड वापस लेने की मांग भी उठाई जाएगी।
आंदोलनकारियों ने समान काम के लिए समान वेतन लागू करने और ठेका श्रमिकों को सामाजिक सुरक्षा प्रदान करने की मांग भी रखी है।
किसानों की मांगें भी होंगी शामिल
प्रदर्शन में किसानों की विभिन्न समस्याओं को भी प्रमुखता से उठाया जाएगा। इनमें फसलों के उचित मूल्य यानी MSP की कानूनी गारंटी, किसानों को कर्ज माफी एवं सस्ती ब्याज दर पर ऋण उपलब्ध कराने तथा सिंचाई, बीज, खाद और बिजली की समुचित व्यवस्था की मांग शामिल है।
इसके साथ ही किसानों की उपज की खरीद समय पर और समर्थन मूल्य पर किए जाने, कृषि उपज पर मंडी शुल्क, टैक्स एवं अन्य अनावश्यक शुल्क समाप्त करने तथा भूमि अधिग्रहण के मामलों में उचित मुआवजा और पुनर्वास की मांग भी रखी गई है।
कई ट्रेड यूनियन संगठन होंगे शामिल
पोस्टरों में INTUC, CITU, AITUC, AICTU, AICCTU, HMS, एटक, एक्टू, सीटू सहित विभिन्न श्रमिक संगठनों और सहयोगी संगठनों के संयुक्त रूप से आंदोलन में शामिल होने का उल्लेख है।
संयुक्त ट्रेड यूनियनों ने इसे श्रमिक और किसान हितों से जुड़ा आंदोलन बताते हुए अधिक से अधिक श्रमिकों एवं किसानों से इसमें भाग लेने की अपील की है। आंदोलन के माध्यम से श्रमिक एकता और अधिकारों की लड़ाई को मजबूत करने का आह्वान किया गया है।

