🛑राजस्थान के अंतरराज्यीय गिरोह के 6 सदस्य गिरफ्तार
दुर्ग, 06 अक्टूबर 2026। ज्वेलर्स व्यापारी का विश्वास जीतने के बाद नकली सोने की पत्तियां असली बताकर 19 लाख 32 हजार रुपये की ठगी करने वाले अंतरराज्यीय गिरोह का दुर्ग पुलिस ने पर्दाफाश किया है। पुलिस ने गिरोह के 6 सदस्यों को गिरफ्तार कर उनके कब्जे से 23 नकली सोने की पत्तियां, एक असली सोने की पत्ती, नकदी, मोटरसाइकिल सहित ठगी में इस्तेमाल की जाने वाली अन्य सामग्री बरामद की है। गिरफ्तार आरोपी राजस्थान के अलवर जिले के रहने वाले हैं।
पुलिस के मुताबिक 24 सितंबर 2026 को पाटन के पुराना बाजार स्थित लक्ष्मी ज्वेलर्स के संचालक आनंद सोनी ने शिकायत दर्ज कराई थी। आरोपी ओमी सिंह और लाखन सिंह ने दुकान पहुंचकर 18 सोने की पत्तियां, करीब 180 ग्राम वजन की, असली सोना बताकर गिरवी रखीं और इसके बदले 15 लाख 93 हजार रुपये प्राप्त किए। इसके अलावा तीन सोने की अंगूठियां और एक जोड़ी चांदी की पायल भी करीब 3 लाख 39 हजार रुपये की उधारी में ले गए।
आरोपियों ने एक सप्ताह में ब्याज सहित रकम लौटाने का भरोसा दिलाया, लेकिन रकम वापस नहीं की। संदेह होने पर जब सोने की पत्तियों की जांच कराई गई तो उनमें केवल करीब 10 प्रतिशत सोना और 90 प्रतिशत अन्य धातु होने का खुलासा हुआ। इसके बाद थाना पाटन में अपराध क्रमांक 347/2026, धारा 318(4), 3(5) बीएनएस के तहत मामला दर्ज किया गया।
पहले असली सोने से जीतते थे भरोसा, फिर करते थे बड़ा खेल
जांच में सामने आया कि आरोपी राजस्थान के अलवर क्षेत्र से जुड़े हैं और अलग-अलग इलाकों में घूमकर ज्वेलर्स को निशाना बनाते थे। गिरोह के सदस्य शुरुआत में चटाई बेचने के बहाने कस्बों और ग्रामीण इलाकों में घूमते और स्थानीय ज्वेलर्स से संपर्क बनाते थे।
विश्वास हासिल करने के लिए पहले असली सोने की अंगूठी या आभूषण गिरवी रखकर समय पर रकम चुका देते थे। जब व्यापारी को उन पर भरोसा हो जाता था, तब दोबारा दुकान पहुंचकर असली सोने के साथ नकली सोने की पत्तियां मिलाकर बड़ी रकम हासिल करते थे। नकली पत्तियों पर सोने की पॉलिश होने के कारण शुरुआती जांच में उनका नकली होना आसानी से पकड़ में नहीं आता था।
ठगी की रकम को सुरक्षित रखने के लिए आरोपी कमर में बांधने वाली विशेष गुप्त कपड़े की थैलियों का इस्तेमाल करते थे।
ज्वेलर्स को अलर्ट करने के बाद मिली बड़ी सफलता
पाटन की घटना के बाद दुर्ग पुलिस ने आसपास के जिलों के ज्वेलर्स और ज्वेलर्स एसोसिएशन से संपर्क कर गिरोह के अपराध करने के तरीके की जानकारी साझा की। इसी दौरान बालोद जिले के अर्जुन्दा क्षेत्र में इसी तरीके से करीब 25 लाख रुपये हासिल करने का प्रयास कर रहे संदिग्धों की सूचना पुलिस को मिली।
पुलिस ने तत्काल कार्रवाई करते हुए संदिग्धों को पकड़ा। पूछताछ और सुरागों के आधार पर राजनांदगांव शहर में किराये के मकान में गिरोह के अन्य सदस्यों के ठहरने की जानकारी मिली। पुलिस के पहुंचने से पहले कुछ आरोपी ट्रेन से फरार हो गए।
सीसीटीवी फुटेज और तकनीकी सुरागों के आधार पर उनकी तलाश की गई। आरपीएफ नागपुर के सहयोग से ट्रेन से फरार हो रहे दो महिला और दो पुरुष आरोपियों को पकड़ लिया गया। इस कार्रवाई के बाद गिरोह के कुल छह सदस्य पुलिस गिरफ्त में आ गए।
23 नकली पत्तियां समेत यह सामान बरामद
पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से 23 नकली सोने की पत्तियां और एक असली सोने की पत्ती बरामद की। कुल 24 पत्तियों का वजन करीब 240 ग्राम बताया गया है। इसके अलावा मोटरसाइकिल, 16,190 रुपये नकद, छह गुप्त कपड़े की थैलियां, ज्वेलर्स दुकान का कोरा बिल, आधार कार्ड, एटीएम कार्ड, हथौड़ी, पेचकस, स्क्रूड्राइवर और वाहन बिक्री पत्र भी जब्त किए गए हैं।
पुलिस अब आरोपियों की दुर्ग, पाटन, राजनांदगांव, अर्जुन्दा, गुंडरदेही सहित आसपास के क्षेत्रों में गतिविधियों और इसी तरीके से की गई अन्य ठगी अथवा ठगी के प्रयासों की जांच कर रही है।
गिरफ्तार आरोपी
- श्याम सिंह उर्फ लाखन नायक (31), ग्राम कठुमर, जिला अलवर, राजस्थान।
- गोविन्द नायक उर्फ गिरीराज (39), ग्राम कठुमर, जिला अलवर, राजस्थान।
- प्रहलाद नायक (65), चैनपुरा, जिला अलवर, राजस्थान।
- अर्जुन नायक (28), चैनपुर, जिला अलवर, राजस्थान।
- राजबती नायक (61), चैनपुर, जिला अलवर, राजस्थान।
- मंजू नायक (35), ग्राम रेटी, जिला अलवर, राजस्थान।
दुर्ग पुलिस ने ज्वेलर्स व्यापारियों से अपील की है कि सोना या अन्य कीमती धातु गिरवी रखते समय उसकी वैज्ञानिक एवं प्रमाणित जांच जरूर कराएं। बड़ी रकम का लेन-देन पर्याप्त सत्यापन के बाद ही करें और संदिग्ध गतिविधि की सूचना तत्काल पुलिस को दें।

