🛑 सेल BSP प्रत्येक कार्मिक के लिए बना यादगार क्षण
भिलाई नगर 6 जून । जम्मू कश्मीर के लोगों को दशक के इंतजार के बाद चिनाब ब्रिज मिलने जा रहा है. चिनाब ब्रिज का सबसे ऊंचा रेलवे आर्च ब्रिज है. देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज 6 जून को समर्पित कर दिया है।
भिलाई स्टील प्लांट में बना मजबूत लोहा दुनिया के सबसे ऊंचे पुल में लगा है. भिलाई स्टील प्लांट में कार्य करने वाले लोगों के लिए ये एक बड़ी उपलब्धि है. रेलवे ब्रिज के निर्माण के लिए स्टील अथॉरिटी ऑफ़ इंडिया लिमिटेड सेल से 16000 मैट्रिक टन स्टील की आपूर्ति की गई. जिसमें भिलाई इस्पात संयंत्र का 12432 मेट्रिक टन स्टील लगा है।
भिलाई स्टील प्लांट ने एक और कीर्तिमान अपने नाम कर लिया है. विश्व के सबसे ऊंचे बने रेलवे पुलिस में भिलाई स्टील प्लांट का बना लोहा इस्तेमाल किया गया है. 16 हजार मेट्रिक टन में प्लेट्स, टीएमटी बार और स्ट्रक्चरल्स मेटल शामिल है. देश का मस्तक कहे जाने वाले जम्मू कश्मीर में चिनाब नदी पर ये ब्रिज बना है. चिनाब नदी के ऊपर बना यह पुल नदी तल से करीब 359 मीटर उंची है.
दुनिया के सबसे ऊंचे बने रेलवे पुल में लगा भिलाई स्टील प्लांट का बना लोहा:
भिलाई स्टील प्लांट के मुताबिक पुल के निर्माण में करीब 29 हजार मिट्रिक टन स्टील और दस लाख क्यूबिक मीटर अर्थवर्क का इस्तेमाल हुआ है. इसके साथ ही 66 हजार क्यूबिक मीटर से अधिक कंक्रीट का इस्तेमाल किया गया है. पुल को मजबूती देने के लिए कॉक बोल्ट और केबल एंकर का इस्तेमाल किया गया है. 1.3 किलोमीटर लंबा यह पुल पेरिस के प्रतिष्ठित एफिल टॉवर से 35 मीटर ऊंचा है. इसे इंजीनियरिंग की नायाब कारिगरी मानी जा रही है. भिलाई स्टील प्लांट दशकों से देश में होने वाले विकास कार्यो में अपनी अग्रणी भूमिका निभाता चला आ रहा है.
देश के विकास में बीएसपी का बड़ा योगदान:
देश के विकास के लिए जब भी बड़े पैमाने पर पुल और बांधों का निर्माण किया जाता है, तब भिलाई स्टील प्लांट का लोहा और स्टील ही उसमें इस्तेमाल किया जाता है. सालों की अथक मेहनत के बाद भिलाई स्टील प्लांट ने ये विश्वास और भरोसा बनाया है. भिलाई स्टील प्लांट में काम करने वाले मजदूरों से लेकर अफसरों तक के लिए ये एक सम्मान की बात है.
भिलाई स्टील प्लांट में बना लोहा और स्टील देश के रक्षा क्षेत्र से लेकर बिजली के क्षेत्र में इस्तेमाल किया जाता रहा है. भिलाई स्टील प्लांट में बना मेटल मुंबई के फेमस बांद्रा-वर्ली सी-लिंक, चंद्रयान के साथ अटल सेतु तक में इस्तेमाल किया जा चुका है. अरुणाचल प्रदेश में सेला सुरंग, हिमाचल प्रदेश में अटल सुरंग और राष्ट्रीय महत्व की कई अन्य इन्फ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स के निर्माण में भिलाई का बना लोहा काम आ चुका है. सेल-भिलाई इस्पात संयंत्र ने दिल्ली में बने सेंट्रल विस्टा परियोजना में भी अपना योगदान दिया है.
सेल एवं बीएसपी के प्रत्येक कार्मिक के लिए यादगार क्षण
भिलाई इस्पात संयंत्र के महाप्रबंधक संपर्क प्रशासन एवं जनसंपर्क अमूल प्रियदर्शी ने सीजी न्यूज ऑनलाइन को बताया कि देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के द्वारा चिनाब नदी में बने विश्व के सबसे उंचे पुल का आज उद्घाटन किया गया है। यह सेल एवं भिलाई परिवार के लिए खुशी एवं गौरव का क्षण है। इस प्रोजेक्ट के निर्माण में सर्वाधिक भिलाई इस्पात संयंत्र परिवार का योगदान रहा है।
दुनिया के सबसे उंचे पुल में सेल का 29000 मेट्रिक टन लोहे में से कुल 16000 मैट्रिक टन स्टील लगा है। जिसमें भिलाई इस्पात संयंत्र का 12432 मेट्रिक टन स्टील लगा है । इसमें स्ट्रक्चर प्लेट एवं टीएमटी बार जैसे प्रोडक्ट शामिल है। देश के और भी प्रतिष्ठित प्रोडक्ट में भिलाई इस्पात संयंत्र का योगदान रहा है। बीएसपी एवं सेल परिवार के लिए यह यादगार पल रहेगा । सेल एवं विशेष कर भिलाई इस्पात संयंत्र के प्रत्येक कार्मिक के लिए गर्व एवं खुशी का क्षण होगा।

