जगदगुरू शंकराचार्य कॅालेज ऑफ एजुकेशन में मनाया गया अंतर्राष्ट्रीय साक्षरता दिवस

भिलाई नगर 11 सितंबर । जगदगुरू शंकराचार्य कॅालेज ऑफ एजुकेशन में 8 सितम्बर को अंतराष्ट्रीय साक्षरता दिवस के रूप में मनाया गया इस अवसर पर सारे प्राध्यापकगण अपने रूचि अनुसार एक घंटे तक विभिन्न प्रकार के किताबें पढे़ एवं विश्व साक्षरता दिवस की विशेष थीम “मानव केन्द्रीत पुनप्र्राप्ति के लिए साक्षरता डीजिटल विभाजन को कम करना“ पर परिचर्चा किए। इस परिचर्चा में सर्वप्रथम प्राचार्य डाॅ. व्ही. सुजाता ने अंतराष्ट्रीय साक्षरता दिवस पर साक्षरता की गहराई पर विषेष उल्लेख करते हुए कहा कि ह्युमन स्टेंडर्ड रिकवरी के लिए साक्षरता डिजिटल डिवाइड को कम करना है ऐसे में डिजिटल साक्षरता के बारे में लोगों को अधिक जागरूकता पैदा करना है। और साथ ही इस बात पर भी बल देते हुए कहा कि अंतराष्ट्रीय साक्षरता दिवस विशेष रूप से कोरोना काल में डिजिटल माध्यम का अत्यधिक उपयोग करना है। महाविद्यालय की विभागाध्यक्ष श्रीमती मधुमिता सरकार ने जागरूकता की आवश्यकता पर बल देते हुए कहा कि साक्षरता का मतलब केवल पढना-लिखना या शिक्षित होना ही नहीं है बल्कि मानव विकास और समाज के लिए उनके अधिकारों का जानने और साक्षरता की ओर मानव चेतना को बढावा देना है।
महाविद्यालय की सहा. प्राध्यापक श्रीमती राधा देवी मिश्रा ने कहा कि आज साक्षरता अनुकुलन पर्यावरण के लिए बहुत आवष्यक है। सहा. प्राध्यापक कु. संतोषी चक्रवर्ती ने कहा कि कोरोना वायरस संक्रमण महामारी के कारण बदले वैश्विक परिदृश्य में ऑनलाइन एजुकेशन नया विकल्प सामने आई है। आज इस अंतराष्ट्रीय साक्षरता डिजिटल माध्यम को शिक्षण प्रशिक्षण कार्य में उपयोग में लाना है। सहा. प्राध्यापक श्रीमती अमिता जैन ने व्यक्त किया कि साक्षरता न केवल लोगों को सम्मानपूर्वक जीना सिखाती है बल्कि उन्हें आत्मनिर्भर भी बनाती है। साथ ही उन्होंने कहा कि एक षिक्षित समाज ही राष्ट्र के स्वर्णिम भविष्य को गाढता है। अतः विकास के लिए साक्षरता आवष्यक है आज अंतराष्ट्रीय साक्षरता दिवस पर हम सब संकल्प लें कि पढेंगे पढायेंगे षिक्षा की ज्योति हर घर तक पहुँचायेंगे। अंत में महाविद्यालय की ग्रंथालय प्रभारी श्रीमती पुष्पा पांडेय ने अपने शब्दों में व्यक्त किया कि केवल पढना लिखना या षिक्षित होना काफी नहीं है बल्कि यह लोगों को उनके अधिकारों और कत्र्तव्यों के प्रति जागरूक बनाने और सामाजिक विकास का आधार भी है। इस परिचर्चा में महाविद्यालय के प्रशिक्षणार्थि ऑनलाइन माध्यम से जुडे़।

