जीवित को मृत बताकर NPS से 1.19 करोड़ की बीमा धोखाधड़ी का पर्दाफाश

जीवित को मृत बताकर NPS से 1.19 करोड़ की बीमा धोखाधड़ी का पर्दाफाश


🔷दुर्ग पुलिस ने मुख्य आरोपी को किया गिरफ्तार

दुर्ग, 17 फरवरी 2026। राष्ट्रीय पेंशन योजना (एनपीएस) से जुड़ी लगभग 1 करोड़ 19 लाख रुपये की बड़ी बीमा धोखाधड़ी का खुलासा करते हुए दुर्ग पुलिस ने मुख्य आरोपी को गिरफ्तार किया है। आरोप है कि जीवित व्यक्तियों को मृत दर्शाकर फर्जी मृत्यु दावा प्रस्तुत कर बीमा राशि निकाली गई। प्रकरण में भारतीय न्याय संहिता की विभिन्न धाराओं के तहत अपराध क्रमांक 74/2026 पंजीबद्ध कर वैधानिक कार्यवाही की जा रही है।

अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक मणि शंकर चंद्र ने बताया कि 16 फरवरी 2026 को एचडीएफसी लाईफ कंपनी लिमिटेड, बोकारो (झारखंड) के प्रबंधक द्वारा लिखित शिकायत प्रस्तुत की गई थी। शिकायत में बताया गया कि एनपीएस खातों से संबंधित फर्जी मृत्यु दावा प्रस्तुत कर करीब 1.19 करोड़ रुपये की राशि अनुचित रूप से आहरित की गई है।
जांच में सामने आया कि आरोपीगणों ने आपराधिक साजिश के तहत जीवित व्यक्तियों को मृत दर्शाते हुए जाली मृत्यु प्रमाण पत्र, फर्जी आधार कार्ड तथा अन्य केवाईसी दस्तावेजों का उपयोग कर बीमा दावा प्रस्तुत किया। एक सेवानिवृत्त कर्मचारी के नाम से भी मृत्यु दावा प्रस्तुत किया गया, जबकि संबंधित व्यक्ति जीवित पाए गए।
मुख्य आरोपी राजेश कनोजिया (44 वर्ष), निवासी पंचशील सेक्टर-01, बोरसी, दुर्ग, क्षेत्र में एक ऑनलाइन सेवा केंद्र संचालित करता है। वह एनपीएस निकासी के नाम पर ग्राहकों से आधार, पैन एवं बैंक संबंधी जानकारी प्राप्त कर फर्जी दस्तावेज तैयार करता था। जांच में यह भी पाया गया कि मृत्यु दावों में समान पते का उल्लेख, अमान्य क्यूआर कोड वाले प्रमाण पत्र तथा संदिग्ध बैंक खातों के माध्यम से लेन-देन जैसी गंभीर अनियमितताएं थीं।
प्रकरण में एचडीएफसी लाईफ के पूर्व कर्मचारी राजेश कुमार ठाकुर की भूमिका भी संदिग्ध पाई गई है। आरोप है कि उसने अपने पद का दुरुपयोग करते हुए जाली दस्तावेज अपलोड किए और सत्यापन प्रक्रिया को दरकिनार किया।
मामले में एक आरोपी को गिरफ्तार कर न्यायालय में प्रस्तुत किया गया है। अन्य आरोपियों की तलाश जारी है। पुलिस ने आरोपी के कब्जे से 10,000 रुपये नगद एवं फर्जी दस्तावेजों से संबंधित डिजिटल साक्ष्य जब्त किए हैं।
उक्त कार्रवाई में थाना पाटन के थाना प्रभारी निरीक्षक राजेश मिश्रा एवं उनकी टीम की महत्वपूर्ण भूमिका रही। पुलिस का कहना है कि तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर आरोपी की पहचान कर उसे विधिवत गिरफ्तार किया गया।

दुर्ग पुलिस की अपील

पुलिस ने आम नागरिकों से अपील की है कि बीमा अथवा पेंशन योजनाओं से संबंधित व्यक्तिगत जानकारी साझा करते समय सतर्कता बरतें। किसी भी संदेहास्पद गतिविधि की सूचना तत्काल पुलिस को दें। वित्तीय धोखाधड़ी में संलिप्त व्यक्तियों के विरुद्ध कठोर कानूनी कार्रवाई की जाएगी।