सीजी न्यूज ऑनलाइन 16 मई। भारत दुनिया के उन टॉप 6 देशों में शामिल हो गया है, जिन्होंने 6G पेटेंट फाइल किया है। 6जी आने के बाद इंटरनेट डेटा ट्रांसफर की स्पीड 1 टेराबिट प्रति सेकंड तक पहुंच जाएगी। यह 5जी से 100 गुना तेज होगा।
भारत-पाकिस्तान तनाव के बीच देश की तरक्की से जुड़ी अहम खबर आई है। ऐसी खबर जिसके बारे में पाकिस्तान सपने में भी नहीं सोच सकता है। भारत दुनिया के उन टॉप 6 देशों में शामिल हो गया है, जिन्होंने 6G पेटेंट फाइल किया है। 6जी आने के बाद देश में इंटरनेट डेटा ट्रांसफर की स्पीड 1 टेराबिट प्रति सेकंड तक पहुंच जाएगी और यह 5जी से 100 गुना अधिक तेज होगा। कहा जाता है कि 6जी टेक्नोलॉजी इतनी फास्ट होगी कि सेकंडों में फिल्म डाउनलाेड की जा सकेगी। हाल ही में BHARAT 6G 2025 सम्मेलन में केंद्रीय मंत्री चंद्र शेखर पेम्मासानी ने भारत के 6जी पेटेंट को लेकर जानकारी दी।
केंद्रीय मंत्री ने कहा कि देश में टैलंट की कोई कमी नहीं है। 6जी के लिए अभी समय है और दुनिया में हमें लीड करने से कोई नहीं रोक सकता। गौरतलब है कि भारत दुनिया के उन चुनिंदा देशों में शुमार है, जिन्होंने अपने यहां बहुत तेजी से 5जी मोबाइल इंटरनेट नेटवर्क को रोलआउट किया है। केंद्रीय मंत्री ने दावा किया कि भारत एक ग्लोबल टेक्नोलॉजी लीडर बनने की ओर बढ़ रहा है। उन्होंने कहा कि 6जी इसमें अहम भूमिका निभाएगा और देश की तरक्की में भी इसका रोल होगा।
दुनिया के कौन से देश 6जी में आगे
रिपोर्टों के अनुसार, मौजूदा वक्त में 6जी तकनीक को विकसित करने में अमेरिका, चीन, जापान, दक्षिण कोरिया और यूरोपियन यूनियन सबसे आगे हैं। भारत भी इस रेस में तेज दौड़ रहा है। 6जी तकनीक को विकसित करने के लिए भारत सरकार इंस्टिट्यूटों और प्राइवेट कंपनियों के साथ मिलकर काम कर रही है। वह रिसर्च और डेवलपमेंट को आगे बढ़ा रही है।
मेड इन इंडिया होगी 6जी तकनीक
सरकार 6जी टेक्नोलॉजी को मेड इन इंडिया यानी पूरी तरह से देश में ही विकसित करना चाहती है। रिपोर्टों के अनुसार, सरकार ने इस काम में देश के आईआईटी, ग्लोबल यूनिवर्सिटीज और टेक कंपनियों को जिम्मेदारी दी है। रिपोर्टों के अनुसार, सरकार अगले दो साल में 6जी पेटेंट में 10 फीसदी हिस्सेदारी हासिल करना चाहती है। केंद्रीय मंत्री के अनुसार, कुल 111 रिसर्च प्रोजेक्ट्स को 300 करोड़ रुपये की मंजूरी दी गई है।
क्या फायदा होगा देश को 6जी
6जी तकनीक के आने से देशभर में मोबाइल नेटवर्क पर इंटरनेट स्पीड मौजूदा स्पीड से 100 गुना फास्ट हो जाएगी। इससे नई इंडस्ट्रियों का जन्म होगा और पुराने उद्योगों में क्रांति आएगी। 6जी के आने से 2035 तक देश की इकॉनमी में 1 ट्रिलियन अमेरिकी डॉलर का इजाफा हो सकता है। 6जी तकनीक के स्वदेशी होने से यह फायदा भी होगा कि देश में चीनी कंपनियों के इक्विपमेंट नहीं आएंगे।

