ओमिक्राॅन वैरिएंट को लेकर 10 दिन में ठोस नतीजे पर पहुंच सकता है भारत
नई दिल्ली, 8 दिसंबर। कोरोना वायरस के नए वैरिएंट ओमिक्राॅन को लेकर भारत अगले 10 दिनों में ठोस नतीजे पर पहुंच सकता है। यह जानकारी केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय से जुड़े शीर्ष सूत्रों ने दी है। सूत्रों ने कहा कि भारत सरकार दूसरे देशों और अपने यहां आ रहे मामलों पर नजर रख रही है. अभी तक किसी भी देश में ओमिक्राॅन से मौत का मामला सामने नहीं आया है। अस्पतालों में इस नए वैरिएंट के चलते दाखिल होने वालों की संख्या बढ़ने का भी कोई प्रमाण नहीं है। साथ ही कहा गया है कि क्या ओमिक्रॉन डेल्टा वैरिएंट से ज्यादा खतरनाक है, इसका भी कोई प्रमाण नहीं मिला है। टेस्टिंग के पुराना तरीके और ट्रीटमेंट में कोई बदलाव नहीं किया गया है।
दुनिया भर में 38 देशों में ओमिक्रॉन वैरिएंट के मामले सामने आए हैं, अब तक विश्व में 1300 से ज्यादा ओमिक्रॉन के मरीज आए हैं। दक्षिण अफ्रीका और यूके में ओमिक्रॉन के कुल मामले के 50 फीसदी मामले दर्ज हुए हैं. सबसे ज्यादा मामले वाले दक्षिण अफ्रीका और यूके में अस्पताल में दाखिल होने या उनमें मृत्यु के मामले का प्रमाण नहीं है।
सूत्रों ने साथ ही बताया कि, दक्षिण अफ्रीका के मामलों का अध्ययन करने पर यह जानकारी सामने आई है कि जब वहां 25 हजार कोरोना के मामले थे, तब 2 हजार लोग अस्पताल में थे. वहीं, अब जब 75 हजार कोरोना के मामले हैं तो अस्पताल में करीब 3 हजार लोग भर्ती हैं। यहां पर कोरोना का डेल्टा और ओमिक्रॉन दोनों ही वैरिएंट हैं।

