छत्तीसगढ़ में लेखपाल एवं पटवारी को रिश्वत लेते हुए एंटी करप्शन ब्यूरो ने रंगे हाथों पकड़ा

छत्तीसगढ़ में लेखपाल एवं पटवारी को रिश्वत लेते हुए एंटी करप्शन ब्यूरो ने रंगे हाथों पकड़ा


सीजी न्यूज ऑनलाइन 20 सितंबर । मनेन्द्रगढ़ जिले के जनपद पंचायत लेखापाल सत्येंद्र सिन्हा 20 हजार की रिश्वत लेते रंगे हाथ गिरफ्तार किया गया है। दूसरे मामले में अंबिकापुर में पटवारी ₹5000 की रिश्वत लेते रंगे हाथों पकड़ा गया।

एंटी करप्शन ब्यूरो के मुताबिक प्रार्थी महेन्द्र सिंह ग्राम पंचायत लालपुर का सरपंच है। उसने एसीबी अंबिकापुर कार्यालय में शिकायत की थी कि ग्राम पंचायत लालपुर में पूर्व में डी.एम.एफ. मद से एलईडी स्ट्रीट लाईट की स्थापना की गई थी जिसकी अंतिम किश्त 2,88,460 रू0 की राशि का भुगतान किया जाना शेष था। उक्त कार्य के लिये प्रार्थी ने आरोपी सत्येन्द्र सिन्हा, सहायक श्रेणी-2 (लेखापाल), जनपद पंचायत, मनेन्द्रगढ़ से सम्पर्क किया तो आरोपी ने उक्त भुगतान हेतु 19,000 रू० रिश्वत की मांग की। प्रार्थी रिश्वत नहीं देना चाहता था अपितु आरोपी को रिश्वत लेते पकड़वाना चाहता था। शिकायत सत्यापन के पश्चात् आज ट्रेप आयोजित कर आरोपी सत्येन्द्र सिन्हा को प्रार्थी से 19,000 रू० रिश्वत लेते रंगे हाथों पकड़ा गया।

दूसरे मामले में प्रार्थी डोमन राम राजवाड़े, ग्राम भिट्टीकला, अंबिकापुर ने एसीबी, अंबिकापुर कार्यालय में शिकायत की थी कि उसके पिता के नाम ग्राम मिट्टीकला में पैतृक भूमि थी, पिता की मृत्यु हो जाने से उक्त भूमि उसकी माता एवं 04 भाईयों के नाम राजस्व रिकार्ड में दर्ज होना था। प्रार्थी ने इस हेतु वीरेन्द्र पांडेय, पटवारी, ग्राम भिट्टीकला, अंबिकापुर से सम्पर्क किया तो उसने उपरोक्त कार्य को करने हेतु 5000 रू० रिश्वत की मांग की। प्रार्थी रिश्वत नहीं देना चाहता था अपितु आरोपी को रिश्वत लेते पकड़वाना चाहता था। शिकायत सत्यापन के पश्चात् आज ट्रेप आयोजित कर आरोपी वीरेन्द्र पांडेय को प्रार्थी से 5,000 रू० रिश्वत लेते रंगे हाथों पकड़ा गया। ज्ञातव्य हो कि ग्रामवासी आरोपी पटवारी के भ्रष्टाचार से व्यथित थे अतः एकजुट होकर एसीबी कार्यालय में शिकायत किये थे । उपरोक्त दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर उनके विरुद्ध धारा 7 पीसीएक्ट 1988 के प्रावधानों के तहत कार्यवाही की जा रही है।