बाक़ी कुछ बचा, तो “महँगाई” मार गई… 😭 होटल का 37 साल पुराना बिल देख आपके भी उड़ जाएंगे “होश”

बाक़ी कुछ बचा, तो “महँगाई” मार गई… 😭 होटल का 37 साल पुराना बिल देख आपके भी उड़ जाएंगे “होश”



🟦 शाही पनीर-दाल मखनी की कीमत देखिए
सीजी न्यूज आनलाईन डेस्क, 26 नवंबर। होटल का 37 साल पुराना बिल सोशल मीडिया पर यूं वायरल हुआ कि 1974 की फिल्म “रोटी कपडा और मकान” का गीत महंगाई मार गई, सहज ही जुबां पर दौड़ गया।
छुट्टियों के दिन या किसी गेस्ट के साथ बाहर खाने की स्थिति में जब हम खाना खाने रेस्टारेंट जाते हैं तो यही कोशिश रहती है कि स्वादिष्ट और पौष्टिक भोजन किया जाए। ऐसा काम पुराने जमाने में भी होता था, इन दिनों सोशल मीडिया पर एक तस्वीर वायरल हो रही है जिसमें एक होटल के बिल का विवरण छपा हुआ है। यह वर्ष 1985 का बिल है और इसमें दिख रहा है कि तब लजीज खाने की जितनी कीमत थी उतने में आजकल पीने के पानी की बोतल तक ही नसीब हो सकती है।
दरअसल, आज सोशल मीडिया पर पीले रंग का एक बिल वायरल हो रहा है जिसमें दिख रहा है कि यह बिल वर्ष 1985 का है। बिल में शाही पनीर, दाल मखनी, रायता और रोटी ऑर्डर की गई हैं। इन चीजों की रेट लिस्ट भी लिखी गई है। देखकर लग रहा है कि उस समय शाही पनीर केवल 8 रुपए में था, वहीं दाल मखनी और रायता सिर्फ 5 रुपए में मिल जाता था। इतना ही नहीं इसके आलावा रोटी की कीमत सिर्फ 70 पैसे थी। इसमें दिख रहा है कि कुल मिलाकर यह पूरा बिल 26 रुपये 30 पैसे का है। मजे की बात यह है कि इसमें 2 रुपए का सर्विस चार्ज भी जुड़ा हुआ है। इसका मतलब यह है कि यह एक अच्छे रेस्टोरेंट का बिल है। इस बिल के वायरल होते ही लोग अंदाजा लगाने लगे कि उस जमाने में खाने का क्या दाम था। जैसे ही यह वायरल हुआ लोग इसकी तुलना आज के दाम से करने लगे। एक तरफ जहां 1985 में जहां शाही पनीर का दाम 8 रुपए था वहीं आज इसका दाम काफी बढ़ गया है। वास्तविकता यही है कि आज इस पूरे खाने के बिल से महज़ एक नार्मल मिनरल वाटर बाॅटल ही बमुश्किल मिले। अच्छा रेस्टारेंट हुआ तो न ही आप इतने में पानी बाॅटल ले सकेंगे और न ही चाय पी सकते हैं। और तो और अच् रेस्टारेंट में तो बिल के बराबर टीप छोड़ने में भी आप वेटर की नजर में “खास” छवि नहीं बना पायेंगे। सचमुच रोटी कपडा और मकान फिल्म का वह गीत यथार्थ के कितना करीब था, इसे आज भी बेहतर ढंग से समझा जा सकता है।