पति ने बेटों के साथ मिलकर घर में ही बना दिया पत्नी का मंदिर, कोरोना से हुई थी मौत
सीजी न्यूज आनलाईन डेस्क, 27 सितंबर। गांव हो या शहर हर जगह आपको विभिन्न देवी-देवताओं के मंदिर मिल जाएंगे, लेकिन शाजापुर में एक शख्स ने अपनी पत्नी की मौत के बाद अपने बेटों के साथ मिलकर उसका मंदिर ही बना दिया। रिश्तों को भगवान का दर्जा देने वाले यह अनोखी प्रेम कहानी शाजापुर जिला मुख्यालय से महज 3 किलोमीटर दूर सांपखेड़ा गांव में रहने वाले नारायण सिंह की है। सांपखेड़ा गांव में रहने वाले नारायण सिंह की पत्नी गीताबाई का निधन कोरोना के चलते हो गया। मौत के बाद पत्नी प्रेम को मिस कर रहे नारायण ने पत्नी का मंदिर ही बना दिया। धार्मिक प्रवृत्ति के नारायण सिंह का अपनी पत्नी से बेहद लगाव था। बेटे भी अपनी मां की मौत के बाद टूट से गए थे। ऐसे में नारायण सिंह ने बेटों के साथ अपनी पत्नी की स्मृति में घर के बाहर एक मंदिर बनाने का सोचा। आखिरकार परिजनों की इच्छा पर मंदिर बनवाने की सोच को मूर्त रूप दिया गया। पत्नी की मौत के तीसरे ही दिन इनके बेटों ने अलवर राजस्थान में गीता बाई की मूर्ति बनवाने का ऑर्डर दिया और डेढ़ माह बाद तीन फ़ीट बड़ी यह सुंदर प्रतिमा बनकर आ गई। परिजनों ने अपने घर के बाहर एक छोटा सा मंदिर बनाकर पूरे विधि-विधान के साथ मूर्ति की प्राण प्रतिष्ठा करवाई। अब हर रोज सुबह शाम नारायण सिंह और उनके बेटे नियमित पूजा अर्चना करते हैं। बेटे भी चाहते थे कि मां भले ही इस दुनिया से चली गई हो लेकिन इस प्रतिमा के तौर पर सदैव उनके साथ रहे। नारायण सिंह भी अपनी पत्नी को देवी स्वरूप मानते हैं और उनके आचरण और संयमित जीवन शैली की तारीफ़ करते नही थकते।

