🛑वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक दुर्ग विजय अग्रवाल ने की कार्यवाही
दुर्ग, 26 अक्टूबर 2026। मृतक के परिजनों से अवैधानिक रूप से राशि प्राप्त करने और भ्रष्ट आचरण के आरोप में दुर्ग पुलिस के प्रधान आरक्षक बद्री सिंह भुवाल को अनिवार्य सेवानिवृत्ति का दंड दिया गया है। विभागीय जांच में उनके विरुद्ध लगाए गए आरोप प्रमाणित पाए गए। यह आदेश दुर्ग के उप पुलिस महानिरीक्षक एवं वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक विजय अग्रवाल ने जारी किया है।

प्राप्त जानकारी के अनुसार, प्रधान आरक्षक क्रमांक 1116 बद्री सिंह भुवाल की पूर्व में थाना नंदनी में तैनाती थी। वर्तमान में वे थाना पुरानी भिलाई में पदस्थ थे। थाना नंदनी नगर के मर्ग क्रमांक 100/2025 तथा अपराध क्रमांक 06/2026 से जुड़े मामले में मृतक के परिजनों से अवैधानिक रूप से राशि प्राप्त करने का आरोप उन पर लगाया गया था। इसे पुलिस रेगुलेशन और मध्यप्रदेश सिविल सेवा आचरण नियमों का उल्लंघन माना गया।
मामले में 28 फरवरी 2026 को विभागीय जांच के आदेश जारी किए गए थे। इसके बाद 24 मार्च 2026 को उप पुलिस अधीक्षक (अजाक) दिलीप सिसोदिया को जांचकर्ता अधिकारी तथा अजाक थाना प्रभारी निरीक्षक शिव प्रसाद चंद्रा को प्रस्तुतकर्ता अधिकारी नियुक्त किया गया। जांच पूरी होने के बाद 31 अगस्त 2026 को जांच प्रतिवेदन प्रस्तुत किया गया, जिसमें प्रधान आरक्षक के विरुद्ध आरोप प्रमाणित होना बताया गया।

जांच प्रतिवेदन और संबंधित अभिलेखों के परीक्षण के बाद पुलिस अधीक्षक कार्यालय ने 5 सितंबर 2026 को संबंधित कर्मचारी को अभ्यावेदन नोटिस जारी कर अपना पक्ष रखने का अवसर दिया। इसके बाद आरोप की गंभीरता और मामले के गुण-दोष के आधार पर प्रधान आरक्षक को आदेश प्राप्ति की तिथि से अनिवार्य सेवानिवृत्ति का दंड दिया गया।
आदेश में यह भी स्पष्ट किया गया है कि 20 जनवरी 2026 से 28 फरवरी 2026 तक की निलंबन अवधि सभी प्रयोजनों के लिए निलंबन अवधि ही मानी जाएगी। दंडादेश के विरुद्ध नियमानुसार 30 दिनों के भीतर पुलिस महानिरीक्षक, दुर्ग रेंज, दुर्ग के समक्ष अपील की जा सकती है।

