🔴बड़े खाताधारकों की जानकारी जुटाकर निवेश के नाम पर रकम लेने का आरोप, मुख्य आरोपी के खाते में जमा कराता था चेक
भिलाईनगर, 11 सितंबर 2026। गोल्ड ईटीवी में निवेश कर हर महीने 10 प्रतिशत लाभांश दिलाने का झांसा देकर निवेशकों से रकम लेने के मामले में सुपेला पुलिस ने HDFC बैंक के रिलेशनशिप मैनेजर राजकुमार तिवारी (37) को गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार आरोपी अपने बैंक पद का लाभ उठाकर बड़ी रकम वाले खाताधारकों की जानकारी प्राप्त करता था और उन्हें अधिक लाभ का लालच देकर निवेश के लिए तैयार करता था। आरोपी को न्यायिक रिमांड पर भेज दिया गया है।
पुलिस के मुताबिक सेक्टर-7 भिलाई निवासी राजू नामदेव ने थाना सुपेला में शिकायत दर्ज कराई थी कि आरोपी योगेश साहू और अन्य लोगों ने निवेश पर प्रतिमाह 10 प्रतिशत लाभांश देने का भरोसा दिलाया था। निवेश योजना को विश्वसनीय बताने के लिए अन्य ग्राहकों के बैंक खातों के स्टेटमेंट भी दिखाए गए। इसके बाद प्रार्थी ने 21 मार्च 2025 को 15 लाख रुपये आरोपियों द्वारा बताए गए बैंक खाते में ट्रांसफर किए।
शुरुआत में निवेश की रकम पर लाभांश दिया गया, लेकिन कुछ समय बाद भुगतान बंद कर दिया गया। रकम वापस करने का आश्वासन दिया जाता रहा। बाद में प्रार्थी को पता चला कि अन्य लोगों से भी इसी तरह बड़ी रकम ली गई है।
बैंक पद का उठाया फायदा
विवेचना के दौरान पुलिस ने प्रार्थी सहित अन्य निवेशकों के बयान दर्ज किए और बैंक खातों तथा लेन-देन की जांच की। निवेशकों मोहम्मद रफी, साधना मिश्रा, शिबा शेख सहित अन्य के कथनों और दस्तावेजों के आधार पर राजकुमार तिवारी की भूमिका सामने आई।
पुलिस के अनुसार राजकुमार तिवारी HDFC बैंक में रिलेशनशिप मैनेजर के पद पर रहते हुए बड़े रकम वाले खाताधारकों की जानकारी जुटाता था। इसके बाद ऐसे ग्राहकों को गोल्ड ईटीवी में निवेश और हर महीने 10 प्रतिशत लाभांश का लालच दिया जाता था।
मुख्य आरोपी के खाते में जमा कराता था चेक
जांच में पुलिस को ऐसे साक्ष्य मिले हैं कि राजकुमार तिवारी निवेशकों से चेक प्राप्त कर उन्हें मुख्य आरोपी योगेश साहू के खाते में जमा कराता था। वहीं निवेशकों का भरोसा बनाए रखने के लिए शुरुआती दौर में लाभांश की राशि अपने खाते से भुगतान करता था।
पर्याप्त साक्ष्य मिलने के बाद सुपेला पुलिस ने राजकुमार तिवारी को विधिवत गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर भेज दिया। मामले में आगे की विवेचना और साक्ष्य संकलन जारी है।
पुलिस ने बताया कि प्रकरण थाना सुपेला के अपराध क्रमांक 961/2026 में धारा 318(2), 318(4), 61(2), 111(4) बीएनएस के तहत दर्ज है।
निवेशकों को दुर्ग पुलिस की सलाह
दुर्ग पुलिस ने आम नागरिकों से अपील की है कि किसी भी निवेश योजना में पैसा लगाने से पहले संस्था, योजना और उसके अधिकृत होने की स्वतंत्र रूप से जांच करें। असामान्य रूप से अधिक या निश्चित लाभ का लालच देने वाली योजनाओं में बिना सत्यापन राशि जमा न करें। संदिग्ध निवेश प्रस्ताव, बैंक खाते या लेन-देन की जानकारी मिलने पर तत्काल पुलिस को सूचित करें।
कार्रवाई में थाना प्रभारी एस.एन. सिंह, उनि धनेश्वर साहू, आरक्षक कमल साहू और प्रदीप सिंह की महत्वपूर्ण भूमिका रही।

