🔴सैकड़ों जुआरी जमा रहे दावत
सीजी न्यूज ऑनलाइन 13 सितंबर। नांदघाट क्षेत्र जुआरियों का गढ़ बन चुका है। आदतन नालदार ने उच्च अधिकारियों से सेटिंग का हवाला देकर यहां अवैध कारोबार को खुली छूट दे रखी है। नतीजा यह है कि हर रोज़ सैकड़ों की संख्या में जुआरी यहां पहुंचते हैं और दावत उड़ाई जाती है।
ग्रामीणों का आरोप है कि शिकायतें करने के बावजूद पुलिस सख्त कार्रवाई से बच रही है। ग्रामीण सूत्र बताते हैं – “यहां सब कुछ सेटिंग पर चल रहा है। पुलिस आती है, देखती है और लौट जाती है। जुआ खुलकर चल रहा है, जिससे गंभीर किस्म के अपराध बढ़ने का खतरा है,”
वहीं पुलिस सूत्रों का कहना है कि “सूचना मिलते ही छापेमारी की जाती है, लेकिन कई बार आरोपी पहले से खबरदार हो जाते हैं। मामले की जांच की जा रही है।”
रहवासियों का कहना है कि अगर जल्द ही इस गोरखधंधे पर नकेल नहीं कसी गई तो नांदघाट अवैध जुए का सबसे बड़ा अड्डा बन जाएगा।
आखिर कौन है वो उच्च अधिकारी जिसकी सेटिंग से नांदघाट में चल रहा है जुआ?
छत्तीसगढ़ में जुआ सट्टा के अवैध कारोबार को लेकर जहां उच्च अधिकारी सख़्त कार्यवाही के निर्देश देते नज़र आ रहे है तो वहीं नांदघाट में आख़िर कौन ऐसे उच्च अधिकारी पदस्थ है, जिस अधिकारी से सेटिंग का हवाला देकर बिलासपुर जिले के आदतन नालदार जुआ खिला रहे हैं।
विश्वसनीय सूत्र की मानें तो उनकी पक्की जानकारी अनुसार बिलासपुर शहर के तड़ीपार आदतन बदमाशों की टोली जिनका काम सिर्फ जुआ खिलाना और ब्याज चलाना है, जुआ में सूदखोरी करने वाले इन आदतन नालदारो के द्वारा जुआरियों को 10 प्रतिशत प्रतिदिन ब्याज में रकम देकर अनाप शनाप ब्याज वसूला जाता है। सूत्र बताते हैं कि – कुछ जुआरी इन नालदारों की जबरिया उगाही के चलते आत्महत्या भी कर चुके हैं, फिर भी बेमेंतरा जिला के वे कौन से उच्च अधिकारी है जो इन तड़ीपार आदतन नालदारो को जुआ खिलाने के लिए छूट दे रखे है? बिलासपुर पुलिस की चाकचौबंद सख्ती को देखकर इन आदतन बदमाश नालदारो के द्वारा बेमेतरा जिला के नांदघाट थाना क्षेत्र में पुलिस के किसी उच्च अधिकारी से सेटिंग का हवाला देकर अलग -अलग जिलों के जुआरियों को बुलाकर खाईवाली जुआ खिलाया जा रहा है। बीते दिन नादघाट के 4 किलोमीटर समीप ग्राम टेमरी में पावर हाउस के सामने बायो प्लांट पौधारोपण के स्थान मैदान में 50 लाख रूपये लगभग रकम तक ताश के पत्तों में दांव लगवाया गया। जो नांदघाट पुलिस के ढुलमुल रवैए से कोई कार्यवाही नहीं हुई। आखिर इस बड़े सिंडिकेट की भनक नांदघाट थाना की पुलिस को कैसे नही लगी? दोपहर 2 बजे से शाम 7 बजे तक जुआ चलता रहा आखिर नांदघाट पुलिस ने क्यों और किसके इशारे पर रेड कार्यवाही नही की?

