ऑनलाइन सट्टे के कारोबार से यश बैंक सुपेला शाखा के जुड़े तार, मैनेजर से लेकर कैशियर तक की भूमिका संदिग्ध, बैंक के आधा दर्जन से अधिक अधिकारियों एवं कर्मचारियों के खिलाफ सुबूत जुटा रही दुर्ग पुलिस
भिलाई नगर 15 अप्रैल । ऑन लाइन सट्टे के कारोबार में यश बैंक सुपेला शाखा के करीब आधा दर्जन से ज्यादा अधिकारियों एवं कर्मचारियों के तार जुड़े होने के सबूत पुलिस के हाथ लगे हैं । जिस पर जांच की जा रही है साथ ही यश बैंक सुपेला शाखा के खाताधारक हरि कांत द्विवेदी की स्वीकृति के बिना खाते में 3 लाख 85 हजार रुपए जमा करने एवं निकालने तक पूरी प्रक्रिया में सुपेला शाखा के अधिकारी एवं कर्मचारी भी शामिल है। इस पूरी वैधानिक प्रक्रिया में बैंक मैनेजर एवं कैशियर की भूमिका भी संदिग्ध रही है। इस संबंध में पुलिस के द्वारा जांच प्रारंभ कर दी गई है । इसके अलावा ऑनलाइन सट्टे के कारोबार में यश बैंक के साथ-साथ अन्य निजी बैंक की संलिप्तता की भी पुलिस के द्वारा जाट की जा रही है।।

दुर्ग पुलिस ने किया बैंक अकाउंट किराए पर देने के खेल का आज भंडाफोड़ किया है । एक ही व्यक्ति के द्वारा यस बैंक सुपेला शाखा के मैनेजर के साथ मिलीभगत करके दर्जनों अकाउंट खुलवाए है। अकाउंट होल्डर को पता ही नही, हो रहा उसके अकाउंट पर लाखो करोड़ों का खेल हो रहा है। मामले में यश बैंक सुपेला ब्रांच के खिलाफ दूर पुलिस के द्वारा जांच शुरू कर दी गई है हरि कांत द्विवेदी के खाते का चेक देने वाले मनीष मिश्रा के साथ रुपए निकासी में कौन कौन बैंक का अधिकारी एवं कर्मचारी शामिल था एवं बैंक अकाउंट होल्डर की स्वीकृति के बिना चेक में हस्ताक्षर के बिना किस प्रकार से रुपयों की निकासी हुई इस पूरे मामले की जांच प्रारंभ कर दी गई है सुपेला पुलिस के द्वारा बैंक अधिकारियों एवं कर्मचारियों के भूमिका से संबंधित पुख्ता सुबूत इकट्ठा किए जा रहे हैं ताकि इन के खिलाफ कार्यवाही की जा सके । ऑन लाईन सट्टे के खिलाफ वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक बी एन मीना के नेतृत्व में एवम अति पुलिस अधीक्षक संजय ध्रुव के निर्देश में सुपेला थाने में 13 अप्रैल को अपने तरह का पहला मामला दर्ज हुआ जब प्रार्थी हरिकांत द्विवेदी ने थाने में आकर यह बताया कि मेल के जरिए जब उसको उसके यश बैंक सुपेला ब्रांच के अकाउंट में बहुत सारे पैसे जमा होने की सूचना मिली तो वह डर गया वह ब्रांच में जाकर अकाउंट क्लोज करना चाहा तो बैंक कर्मियों ने उसकी पिटाई कर दी थी।
उसने यह भी बताया की उसके एक परिचित साहिल महिलांग के जिद पर उसने अपना केवाईसी वगेरह दिया था और अकाउंट खुलवाया था। पर उसे इस तरह ज्यादा मात्रा में पैसे अकाउंट में आने से शंका हुई की उसके अकाउंट का दुरुपयोग तो नही हो रहा है..थाना सुपेला में प्रार्थी हरिकांत द्विवेदी की रिपोर्ट पर अप क्र 22 धारा 323,294,506, 417 34 आईपीसी के तहत साहिल महिलांग व यश बैंक सुपेला ब्रांच के कर्मचारियों के खिलाफ दर्ज किया गया।
जांच के दौरान पता चला की 13 अप्रैल को ही प्रार्थी के जानकारी के बगैर उसके अकाउंट में डला लगभग सारा पैसा 3.85 लाख रू चेक के जरिए आनन फानन में निकाल लिया गया है..जबकि प्रार्थी ने ऐसे किसी चेक में दस्तखत नही किया था..बैंक में पता किया गया तो मनीष मिश्रा नाम के किसी व्यक्ति के द्वारा चेक जमा करने और पैसे निकालने की सूचना मिली..मनीष मिश्रा को पकड़ कर पूछताछ किया गया तो उसने फर्जी साइन के जरिए बैंक वालो की मदद से पैसे निकलना कुबूल किया उससे सारे रकम भी बरामद किए गए…पूछताछ पर मनीष मिश्रा ने बताया की इसने तथा साहिल महिलांग ने मिलकर किसी हनी गुप्ता के लिए इसी बैंक में 15 से 20 अकाउंट खुलवाकर दिए है । प्रत्येक अकाउंट के लिए नया मोबाइल नंबर हनी गुप्ता देता है। अकाउंट ओपन करते समय डाला जाता था..जिसमे ओटीपी सहित अन्य जानकारियां आती थी..फिर उस अकाउंट को ऑन लाइन कर अकाउंट का उपयोग ऑन लाइन सट्टे के लिए किया जाता था।
प्रतेक अकाउंट के पीछे हनी व मनीष साहिल को 10 हजार रु देता था।
जब प्रार्थी ने बैंक में अपना अकाउंट बंद करना चाहा तो उसके अकाउंट के सारे पैसे निकाल कर उसके अकाउंट को बंद करने की कोशिश की गई।.चेक में साइन किसने किया जबकि मनीष मिश्रा ने बैंक में कोरे चेक देना बताया है.. पैसे बैंक से कैसे निकल गए..बैंक वालो ने ग्राहक से मारपीट क्यों की इन बिंदुओं पर पुलिस जांच कर रही है। कितने ऐसे करेंट अकाउंट है शाखा में उसकी भी जांच की जा रही है।
साहिल और हनी गुप्ता की तलाश पुलिस कर रही है.. जो अपने घरों से फरार है..जांच पर और भी नए तथ्यो के खुलासे की संभावना है । आरोपी मनीष मिश्रा से 3.85 नगदी, दर्जनों अकाउंट के चेकबुक कई एटीएम , पासबुक आदि बरामद किया गया है तथा उसे धारा 420,417 के तहत गिरफ्तार कर रिमांड पर भेजा जा रहा है।

