16 दिसंबर की हड़ताल को सफल बनाने सीटू द्वारा किया गया पर्चा वितरण, मंत्रालय की मंजूरी से प्रबंधन की मनमानी के खिलाफ जारी है जन जागरण
भिलाई नगर 10 दिसंबर । इस्पात मंत्रालय की मंजूरी से कर्मियों पर थोपे गए एक तरफा वेतन पुनर्निर्धारण आदेश एवं हितों तथा सामाजिक सुरक्षा में कटौती के खिलाफ सीटू / एस.डब्ल्यू.एफ.आई. के आह्वान पर भिलाई इस्पात संयंत्र के सभी विभागो में 16 दिसंबर की हड़ताल को सफल बनाने के लिए हिंदुस्तान स्टील एम्प्लॉइज़ यूनियन (सीटू) द्वारा आज बोरिया गेट पर सामान्य पाली एवं द्वितीय पाली में पर्चा वितरण किया गया।
पर्चा वितरण के पश्चात यूनियन द्वारा जारी बयान में कहा गया है कि प्रबंधन द्वारा की जा रही एक तरफा कार्यवाही का उद्देश्य इस्पात कर्मियों को उनके अधिकारों से वंचित रख कर, अत्यंत अल्प वेतन पर ठेका कर्मियों को सभी वैधानिक अधिकारों से वंचित रखते हुए, सेल के सभी इकाइयों के साथ पूरे भिलाई इस्पात संयंत्र को भी अत्यंत कम वेतन पर ठेका कर्मी/ आउटसोर्सड कर्मियों से चलवाना है ताकि आसानी से प्लांट का निजीकरण किया जा सके।

ग्रेच्युटी सीलिंग से वास्तविक वेतन वृद्धि में कटौती
यूनियन द्वारा यह स्पष्ट किया गया कि ग्रेच्युटी द्वारा सेवानिवृत्त पश्चात लाखों रुपए के वैधानिक अधिकारों से वंचित रखकर प्रबंधन ने वास्तविक वेतन वृद्धि में कटौती की है। जिन कर्मियों को अपने कुल वेतन में 15 से 20 हजार की वृद्धि दिख रही है, ग्रेच्युटी सीलिंग द्वारा उनके सेवानिवृत्त पश्चात लाभ में कटौती की गणना यदि की जाय तो यह 10 से 15 हजार रुपए प्रतिमाह होता है। जिससे वेतन में 15 से 20 हजार दिखने वाली वृद्धि वास्तव में मात्र 5 हजार है ।
युवा कर्मियों के एंट्री लेवल अपग्रेडेशन एवं अन्य लंबित विषयों पर कोई चर्चा ना करना प्रबंधन की हठधर्मिता
यूनियनों द्वारा बार-बार मांग करने के बावजूद भी प्रबंधन ने एंट्री लेवल अपग्रेडेशन, सम्मानजनक पदनाम तथा 2003 से प्रशिक्षण काल को सेवा काल मानकर पदोन्नति देने की माँग पर सहमति बनने के बावजूद विगत 2 वर्षों से इसका निराकरण नहीं किया गया ।

