जामताड़ा झारखंड में 5 दिन तक दुर्ग पुलिस ने ठेकेदार बन किया कैंप, देशभर में धोखाधड़ी करने वाले कुख्यात ठग को धर दबोचा, 2 माह पूर्व बीएसपी कर्मी से की थी डेढ़ लाख की ठगी

जामताड़ा झारखंड में 5 दिन तक दुर्ग पुलिस ने ठेकेदार बन किया कैंप, देशभर में धोखाधड़ी करने वाले कुख्यात ठग को धर दबोचा, 2 माह पूर्व बीएसपी कर्मी से की थी डेढ़ लाख की ठगी



भिलाई नगर 24 सितंबर । पुलिस अधीक्षक दुर्ग के बिजली बिल के नाम पर स्कैम करने वाले कुख्यात जामताड़ा गिरोह का पर्दाफाश किया है। दुर्ग पुलिस टीम द्वारा जामताड़ा में लगातार 05 दिनों तक रोड़ ठेकेदार बनकर खुफिया तरीके से रैकी करके आरोपी को गिरफ्तार किया। आरोपी देश के अलग – अलग राज्यों के लोगों को शिकार बना चुका है । मामले में 01 आरोपी गिरफ्तार एवं अन्य 03 आरोपी का फरार होना बताया गया है। घटना में प्रयुक्त 02 नग एण्ड्रायड मोबाईल व सिम कार्ड , 01 नग लैपटॉप , 02 नग की – पेड मोबाईल फोन एवं 35,500 रूपये नगद बरामद किए गए हैं।
आरोपियों के बैंक खाते सील किये गये। एन्टी क्राईम एवं सायबर यूनिट दुर्ग एवं थाना भिलाई नगर , थाना सुपेला , चौकी स्मृति नगर ने संयुक्त कार्यवाही की है।

पुलिस अधीक्षक डॉ अभिषेक पल्लव ने पत्र वार्ता में बताया कि पुष्पेन्द्र गजेन्द्र निवासी सुंदर नगर कोहका सुपेला भिलाई ने चौकी स्मृतिनगर थाना सुपेला में 14 जुलाई को रिपोर्ट दर्ज करायी कि 10 जुलाई को मोबाईल नम्बर पर एक अज्ञात व्यक्ति के मोबाईल नम्बर से व्हाट्सअप मैसेज आया कि बिजली बिल जमा नहीं हुआ है । यदि बिजली कनेक्शन कटने से रोकना चाहते है तो बिजली विभाग के मोबाईल नम्बर पर अधिकारी से बात करें । तब प्रार्थी के द्वारा व्हाट्सअप पर भेजे गये मोबाईल नम्बर पर सम्पर्क कर बिजली कनेक्शन काटने से रोकने हेतु अपने वरिष्ठ अधिकारी से बात करने को बोलकर एक नया मोबाईल नम्बर दिया गया। जिस पर प्रार्थी के द्वारा सम्पर्क करने पर उसके द्वारा Quick Support नामक एप्लीकेशन डाउनलोड कराया गया , जिससे प्रार्थी के बैंक खाते से 148030 / – रूपये कट गया है । अज्ञात आरोपी के द्वारा प्रार्थी के बिजली कनेक्शन कट जाने का झांसा देकर धोखाधड़ी किया गया है । रिपोर्ट पर चौकी स्मृति नगर थाना सुपेला में अपराध क्रमांक 647/2022 धारा 420 भादवि का पंजीबद्ध कर विवेचना में लिया गया । ए.सी.सी.यू प्रभारी निरीक्षक संतोष मिश्रा तथा थाना प्रभारी निरीक्षक दुर्गेश शर्मा , थाना प्रभारी भिलाई नगर निरीक्षक राजेश साहू , चौकी स्मृतिनगर प्रभारी उप निरीक्षक युवराज देशमुख के नेतृत्व में एक संयुक्त टीम गठित कर टीम को कार्यवाही हेतु लगाया गया ।


4 टीम द्वारा प्रार्थी से विस्तृत पूछताछ कर आवश्यक जानकारी जुटाकर तकनीकी आधार पर अज्ञात आरोपी के द्वारा घटना में इस्तेमाल किये गये मोबाईल नम्बरों का विश्लेषण किया गया । आरोपी द्वारा रकम ट्रांसफर करने के लिये उपयोग में लाये गये बैंक खातों की विस्तृत जानकारी प्राप्त की गयी , जिसके परिणाम स्वरूप कुछ और मोबाईल नम्बर बैंक खातों से रजिस्टर्ड होना पता चला । घटना में प्रयुक्त तकरीबन सभी मोबाईल फोन घटना के बाद बंद हो चुके थे , किन्तु गहन तकनीकी विश्लेषण के परिणाम स्वरूप आरोपी मोबाईल धारक की उपस्थिति झारखण्ड के जामताड़ा के आस – पास होना पता चला , जिससे एण्टी क्राईम एवं सायबर युनिट एवं थानों की एक संयुक्त टीम सउनि शमित मिश्रा के नेतृत्व में सउनि बाबूलाल साहू चौकी स्मृति नगर , सउनि सुरेन्द्र सिंह राजपूत थाना मिलाई नगर , एसीसीयू से प्र . आर . संतोष मिश्रा , आरक्षक शहबाज खान , राकेश चौधरी , भावेश पटेल एवं आरक्षक सुशील चौधरी थाना भिलाई नगर की टीम को जामताड़ा रवाना किया गया । टीम द्वारा जामताड़ा से 50 कि.मी. दूर पहाड़ी एवं दुर्गम क्षेत्र में अपना ठिकाना बनाकर आरोपी की पतासाजी के प्रयास शुरू किये गये , जामताड़ा में बाहरी वाहन या व्यक्तियों की उपस्थिति पता चलने पर आरोपी तक पहुँच पाना संभव नहीं था । टीम द्वारा अपने वाहन का नम्बर प्लेट बदलकर तथा अपनी वेशभूषा को स्थानीय वेशभूषा के समान बनाकर पतासाजी व निगरानी की जा रही थी । इसी दौरान स्थानीय स्तर पर जानकारी जुटाने पर आरोपी की पहचान मुकेश मण्डल पिता सुरेश मण्डल उम्र 27 वर्ष निवासी ग्राम झिलुवा टोला , खरबनी थाना नारायणपुर जामताड़ा ( झारखण्ड ) के रूप में सुनिश्चित की जा सकी । आरोपी के संबंध में अन्य विस्तृत जानकारी जुटाने पर पता चला कि आरोपी मुकेश मण्डल वर्ष 2020 में सायबर ठगी के किसी मामले में पूर्व स्थानीय जामताड़ा पुलिस द्वारा पकड़कर जेल भेजा गया था । उक्त जानकारी के आधार पर स्थानीय पुलिस से संपर्क कर आरोपी का फोटो प्राप्त किया गया । फोटो प्राप्त हो जाने के उपरांत टीम द्वारा आरोपी की पतासाजी उसके आने – जाने के मार्गों , उठने – बैठने के स्थानों पर लगातार निगरानी रखी जा रही थी । आरोपी के संबंध में यह भी जानकारी टीम को मिली थी कि वह प्रतिदिन एक मटन की दुकान पर मटन खरीदने शाम के समय आता है । जिससे टीम मटन दुकान के पास स्थानीय ग्रामीण पहनावे में मौजूद रहकर आरोपी पर नजर रखे हुये थी । इसी दौरान शाम करीब 05:30 बजे आरोपी एक काले रंग की पल्सर मोटर सायकल में आया और मटन दुकान से मटन खरीदने लगा तभी आस – पास मौजूद टीम के सदस्यों द्वारा घेराबंदी कर आरोपी मुकेश मण्डल को पकड़ा गया ।

:: वारदात का तरीका :

आरोपी प्रारंभिक पूछताछ पर गुमराह करता रहा परन्तु टीम द्वारा सघन एवं तथ्यात्मक तकनीकी आधार पर पूछताछ करने पर आरोपी मुकेश मण्डल ने बताया कि वह कक्षा 9 वीं तक पढ़ा है , आस – पास के गांव के लोगों से सायबर ठगी का तरीका सीखकर , अपनी स्वयं की एक टीम बनाकर सायबर ठगी का काम करता है । विस्तृत पूछताछ पर आरोपी ने बताया कि वह अपने साथी अजय मण्डल , अक्षय उर्फ पिन्टू मण्डल तथा रंजीत मण्डल के साथ मिलकर काम करता है । मुकेश मण्डल Google के कस्टमर केयर से Developer से संपर्क करके 12 % नाम की एक App ID Create कराता है और उससे मोबाईल नम्बरों का डाटा खरीदता है Developer द्वारा 1000-1500 रूपये में 10,000 मोबाईल नम्बरों का डाटा उपलब्ध करा दिया जाता है इसके बाद अजय मण्डल और अक्षय मण्डल बिजली विभाग का कर्मचारी व अधिकारी बनकर मोबाईल फोन पर Whatsapp पर बिजली बिल बकाया होना , जमा नहीं करने पर बिजली कनेक्शन कट जाने का मैसेज भेजते है और साथ ही बिजली कनेक्शन कटने से बचाने के लिये बिजली विभाग के कर्मचारी व अधिकारी का सम्पर्क मोबाईल नम्बर देते हैं , जिस पर प्रार्थी के द्वारा फोन करने पर Quick support नाम का एक एप्लीकेशन प्रार्थी के मोबाईल पर डाउनलोड कराया जाता है और प्रार्थी के मोबाईल का एक्सेस आरोपियों के द्वारा अपने मोबाईल फोन पर लेकर प्रार्थी के बैंक खातों से रकम अपने फर्जी नाम व पता से विभिन्नखातों में ट्रांसफर करा लिया जाता है । रंजीत गण्डल बैंक अकाउण्ट का प्रबंधन व संचालन करता है । ठगी की रकम को आपस में बांट लेते है । आरोपी मुकेश मण्डल के द्वारा बताया गया कि दिनांक 10 जुलाई 2022 को प्रार्थी पुष्पेन्द्र गजेन्द्र के मोबाईल नम्बर पर बिजली बिल बकाया होना , जमा नहीं करने पर बिजली कनेक्शन कट जाने का मैसेज भेजा गया था

जिसमें बिजली कनेक्शन काटने से बचाने के लिये बिजली विभाग के कर्मचारी व अधिकारी का सम्पर्क मोबाईल नम्बर भेजा गया था । जिस पर प्रार्थी द्वारा फोन करने पर क्रमशः अजय मण्डल अपने आप को बिजली विभाग का कर्मचारी बताते हुये अपने अधिकारी से बात कहकर मोबाईल नम्बर दिया था । जिसमें प्रार्थी द्वारा फोन लगाने पर प्रार्थी के मोबाईल फोन पर Quick support नामक एप्प डाउनलोड कराया गया और प्राथी के खाते से 148030 / – रूपये को कोटक महिन्द्रा बैंक एवं MPL Gamming App में ट्रांसफर कर लिये थे । बाद में रंजीत मण्डल द्वारा बैंक में ट्रांसफर किये गये रकम को निकाल कर आपस में बांट लिये थे । जिससे आरोपी मुकेश मण्डल की निशान देही पर उसके घर से घटना में प्रयुक्त 02 नगः एण्ड्रायड मोबाईल व सिम कार्ड 01 नग लैपटॉप , 02 नग की – पेड मोबाईल फोन , 03 नग मोबाईल फोन के खाली डिब्बे तथा ठगी गई रकम 35,500 / – रु बरामद कर जप्त किया गया प्रकरण के अन्य आरोपी अजय मण्डल , अक्षय उर्फ पिन्टू मण्डल , रंजीत मण्डल की पतासाजी उनके निवास में दबिश देकर की गयी किन्तु मुकेश मण्डल के पकड़े जाने की जानकारी मिलने के कारण उक्त आरोपी फरार हो गये । फरार आरोपियों की पतासाजी सायबर पुलिस स्टेशन जामताड़ा के सहयोग से की जा रही है । 22 सितंबर को आरोपी मुकेश मण्डल को जामताड़ा से गिरफ्तार कर ट्रांजिट रिमाण्ड पर दुर्ग लाया गया । जिसे न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत कर पुलिस रिमाण्ड लिया गया है । प्रकरण में अग्रिम कार्यवाही चौकी स्मृतिनगर थाना सुपेला द्वारा की जा रही है । मामले में इनकी रही सराहनीय भूमिकाः सम्पूर्ण कार्यवाही में पुलिस अधीक्षक , दुर्ग के निर्देशन में एण्टी काईम एण्ड सायबर यूनिट दुर्ग से सउनि संतोष मिश्रा , प्र . आर . संतोष मिश्रा , चन्द्रशेखर बजीर , आरक्षक शहबाज खान , राकेश चौधरी , भावेश पटेल , विक्रांत यदु , जावेद खान एवं दिनेश विश्वकर्मा एवं चौकी स्मृति नगर से सउनि बाबूलाल साहू चौकी स्मृति नगर , थाना भिलाई नगर से सउनि सुरेन्द्र सिंह राजपूत , आरक्षक सुशील चौधरी की उल्लेखनीय भूमिका रही।