हेमचंद यादव विश्वविद्यालय दुर्ग का प्रथम दीक्षांत समारोह, 126 को स्वर्णपदक,13 पीएचडी डिग्री वितरित, विश्वविद्यालय में स्थापित होगी डॉ. नरेन्द्रदेव वर्मा शोधपीठ, मुख्यमंत्री, उषा बारले को विश्वविद्यालय ने दी डॉक्टर ऑफ फिलॉसफी की मानद उपाधि

<em>हेमचंद यादव विश्वविद्यालय दुर्ग का प्रथम दीक्षांत समारोह, 126 को स्वर्णपदक,13 पीएचडी डिग्री वितरित, विश्वविद्यालय में स्थापित होगी डॉ. नरेन्द्रदेव वर्मा शोधपीठ, मुख्यमंत्री, उषा बारले को विश्वविद्यालय ने दी डॉक्टर ऑफ फिलॉसफी की मानद उपाधि</em>


दुर्ग 24 अप्रैल । आज के युग में नये-नये अविष्कार समाजिक परिवर्तन हेतु प्रमुख रूप से सहायक है। प्रत्येक विद्यार्थी को अच्छे नागरिक बनने के साथ-साथ समाज एवं देश के उत्थान पर भी ध्यान केन्द्रित करना चाहिए ये उद्गार छत्तीसगढ़ के राज्यपाल विश्वभूषण हरिचंदन ने व्यक्त किये। राज्यपाल आज बीआईटी, दुर्ग के ऑडिटोरियम में आयोजित हेमचंद यादव विश्वविद्यालय, दुर्ग के प्रथम दीक्षांत समारोह में कुलाधिपति के रूप में अध्यक्षीय उद्बोधन दे रहे थे। श्री हरिचंदन ने ऑफलाईन तथा ऑनलाईन रूप से जुड़े सैंकड़ो विद्यार्थियों, शोधार्थियों, प्राध्यापकों, कर्मचारियों तथा अन्य गणमान्य नागरिकों से कहा कि प्रत्येक विद्यार्थी की सफलता के पीछे बहुत सारे लोगों का योगदान होता है। इनमें उनके पालक, शिक्षक, मित्र, तथा अन्य परिवार जन प्रमुख हैं ये सभी लोग आज दीक्षांत समारोह में बधाई के पात्र है। वास्तव में दीक्षांत समारोह में स्वर्णपदक अथवा डिग्री प्राप्त हो जाने के पश्चात् प्रत्येक विद्यार्थी की जिम्मेदारी और बढ़ जाती है। राज्यपाल ने नेल्सन मंडला के विचारों को प्रस्तुत करते हुए कहा कि शिक्षा ऐसा महत्वपूर्ण साधन है जिससे सूमचे विश्व का बदला जा सकता है स्वस्थ्य गत कारणों से राज्यपाल दीक्षांत समारोह में ऑनलाईन रूप से जुड़े।

दीक्षांत समारोह में समाजिक सेवा में विशिष्ट योगदान के लिए हेमचंद यादव विश्वविद्यालय दुर्ग द्वारा डॉक्टर ऑफ फिलॉसफी की दो मानद उपाधियां प्रदान की गई।

विश्वविद्यालय की कुलपति डॉ. अरूणा पल्टा द्वारा सर्वप्रथम छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल को पर्यावरण संरक्षण के क्षेत्र में उनकी योजना नरवा, गरवा घुरवा बाड़ी के माध्यम से अभूतपूर्व योगदान के लिए मानद डॉक्टर ऑफ फिलॉसफी की उपाधि से नवाजा गया। द्वितीय क्रम में प्रसिद्ध पंडवानी गायिका पदमश्री श्रीमती उषा बारले को भी डॉक्टर ऑफ फिलॉसफी की मानद उपाधि प्रदान की गई। उक्त दोनों उपाधियों के प्रदान किये जाने के दौरान समूचा ऑडिटोरियम देर तक तालियों की गड़गड़ाहट से गुंजता रहा।

छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री एवं दीक्षांत समारोह के मुख्य अतिथि भूपेश बघेल ने विश्वविद्यालय के प्रथम दीक्षांत समारोह की बधाई देते हुए कहा कि दीक्षांत समारोह प्रत्येक विद्यार्थी का हक होता है। इस समारोह को प्रत्येक विद्यार्थी सम्पूर्ण जीवन भर याद रखता है। श्री बघेल ने छत्तीसगढ़ शासन द्वारा उच्च शिक्षा के क्षेत्र में किये गये उल्लेखनीय कार्यों का विस्तार से वर्णन करते हुए बताया कि छत्तीसगढ़ शासन ने दुर्ग जिले में 06 नये महाविद्यालय आरंभ किये हैं तथा अगले सत्र से नगपुरा में नया महाविद्यालय खोले जाने की घोषणा हो चुकी है। श्री भूपेश बघेल ने हेमचंद यादव विश्वविद्यालय, दुर्ग में छत्तीसगढ़ अंचल के प्रसिद्ध साहित्यकार एवं प्राध्यापक स्वर्गीय डॉ. नरेन्द्रदेव वर्मा शोधपीठ 01 जुलाई 2023 से स्थापित किये जाने की घोषणा की। श्री बघेल ने विश्वविद्यालय के नये भवन के समीप छत्तीसगढ़ राज्य शासन द्वारा नये ऑडिटोरियम निर्माण की घोषणा किये एवं विश्वविद्यालय के नये भवन का निर्माण कार्य शीघ्र पूर्ण होने का आश्वासन भी दिया। श्री बघेल ने कहा कि जब किसी को कोई बड़ी डिग्री प्राप्त होती है तो उसके माता-पिता साथ आते हैं आज मेरे साथ मानद उपाधि प्राप्त करते समय मेरी पत्नी श्रीमती मुकतेश्वरी बघेल तथा मेरी दोनों बेटियां एवं अन्य परिजन साथ आये हैं।
उच्च शिक्षा मंत्री, उमेश पटेल पैर में चोट के कारण ऑनलाईन रूप से इस दीक्षांत समारोह में शामिल हुए। अपने उद्बोधन में श्री पटेल ने आशा व्यक्त की कि नये शिक्षा सत्र में विश्वविद्यालय अपने नव निर्मित भवन में प्रवेश कर सकेगा। उच्च शिक्षा मंत्री ने हेमचंद यादव विश्वविद्यालय दुर्ग से सम्बद्ध महाविद्यालयों द्वारा नैक मूल्यांकन के दौरान किये गये उत्कृष्ट प्रदर्शन की प्रशंसा की।


इससे पूर्व स्वागत भाषण एवं दीक्षांत प्रतिवेदन प्रस्तुत करते हुए विश्वविद्यालय की कुलपति डॉ. अरूणा पल्टा ने विश्वविद्यालय के 08 वर्ष के सफर की उपलब्धियों का उल्लेख किया। समारोह में उपस्थित अतिथियों ने हेमचंद यादव विश्वविद्यालय, दुर्ग के 08 वें स्थापना दिवस पर एक स्मारिका का विमोचन भी किया। कुलपति डॉ. पल्टा ने उपाधि वितरण के पूर्व दीक्षोपदेश दिया। विश्वविद्यालय के कुलसचिव, भूपेन्द्र कुलदीप ने दीक्षांत समारोह की सम्पूर्ण प्रक्रिया का संपादन कर अंत में धन्यवाद ज्ञापन किया। विश्वविद्यालय की डीसीडीसी, डॉ. प्रीता लाल ने कार्यक्रम का संचालन किया। आरंभ में राष्ट्रगान, राज्यगीत, कुलगीत की संगीतमय प्रस्तुति भी की गई।


विश्वविद्यालय के अधिष्ठाता छात्र कल्याण, डॉ. प्रशांत श्रीवास्तव ने बताया कि दीक्षांत समारोह का आरंभ शोभायात्रा के साथ हुआ जिसमें कुलसचिव भूपेन्द्र कुलदीप, नेतृत्व कर रहे थे उनके पश्चात् शोभा यात्रा में विश्वविद्यालय के कार्यपरिषद एवं विद्यापरिषद् के सदस्य, विभिन्न संकाय अध्यक्ष, कुलपति, मुख्यमंत्री तथा अन्य अतिथिगण शामिल थे। दीक्षांत समारोह के दौरान छत्तीसगढ़ शासन के कबिनेट मंत्री ताम्रध्वज साहू, विजय बघेल, विधायक अरुण वोरा, देवेन्द्र यादव, महापौरगण, विभिन्न विश्वविद्यालय के कुलपति एवं कुलसचिवगण, सभी स्वर्णपदक दानदातागण, पूर्वकुलपतिगण तथा विश्वविद्यालय के समस्त अधिकारी एवं कर्मचारीगण, जिला प्रशासन के अधिकारी, विभिन्न महाविद्यालयों के प्राचार्य, प्राध्यापकगण, प्रसिद्ध शिक्षा विद् डॉ. आई. पी. मिश्रा, बीआईटी, दुर्ग के डॉयरेक्टर, डॉ. अरूण अरोरा सहित बड़ी संख्या में गणमान्य नागरिक उपस्थित थें।


दीक्षांत समारोह के दौरान 2020, 2021 तथा 2022 की परीक्षाओं में मेरिट में सर्वोच्च अंक प्राप्त करने वाले मेधावी 126 छात्र-छात्राओं को स्वर्णमंडित पदक प्रदान किये गये इसके साथ-साथ मेरिट में प्रथम स्थान प्राप्त विद्यार्थियों को विश्वविद्यालय की ओर से पांच हजार रूपये का चैक भी प्रदान किया गया। पीएचडी की डिग्री 13 शोधार्थियों को मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल द्वारा प्रदान की गई। कोसे रंग की साड़ी एवं सिर पर पगड़ी धारण की छात्राएं तथा सफेद कुर्ता पजामा पहने सिर पर पगड़ी धारण किये हुए छात्र दीक्षांत समारोह में उत्साहपूर्वक शामिल थें। कार्यपरिषद् एवं विद्यापरिषद् के सदस्य तथा विभिन्न संकाय अध्यक्ष सिर पर पगड़ी धारण किये हुए थें ।

विश्वविद्यालय की कुलपति, डॉ. अरूणा पल्टा तथा कुलसचिव, भूपेन्द्र कुलदीप ने दीक्षांत समारोह के अंत में अतिथियों को स्मृति चिन्ह भेंट किये।
दीक्षांत समारोह परिसर में शैल देवी महाविद्यालय, अण्डा तथा मंसा शिक्षा महाविद्यालय, कोहका भिलाई द्वारा छत्तीसगढ़ की संस्कृति पर केन्द्रित दो सेल्फी जोन बनाये गये थे जिनमें अतिथियों सहित सभी स्वर्णपदक विजेताओं, पीएचडी उपाधि प्राप्तकर्ता, तथा स्वर्णपदक दानदाता एवं कार्यपरिषद् तथा विद्यापरिषद् के सदस्यों ने खूब फोटो खिचवाई। स्टेज साज-सज्जा रूंगटा कॉलेज, भिलाई तथा तकनीकी संयोजन में सांई महाविद्यालय, सेक्टर 06 भिलाई द्वारा सहयोग प्रदान किया गया।