गंजपारा दुर्ग में अलसुबह लगी आग चार दुकाने जलकर खाक, आग बुझाने में लगी 5 दमकल, कारण शार्ट सर्किट

गंजपारा दुर्ग में अलसुबह लगी आग चार दुकाने जलकर खाक, आग बुझाने में लगी 5 दमकल, कारण शार्ट सर्किट



दुर्ग 16 अक्टूबर ।. दुर्ग थाना क्षेत्र अंतर्गत गंजपारा में रविवार तड़के शार्ट सर्किट से चार दुकानों में आग लग गई। पहले एक दुकान में लगी धीरे धीरे तीन दुकानों को अपनी चपेट में ले लिया। दुकानों से आग की लपटें उठती देखीं गईं तो लोगों ने शोर मचाया। आगजनी की जानकारी मिलते ही दुर्ग कोतवाली पुलिस और दमकल के वाहन पहुंचे और आग बुझाने के कार्य में जुट गए। आग लगने से करोड़ों रुपए का नुकसान होना बताया जा रहा है।


दुर्ग कोतवाली पुलिस के मुताबिक गंजपारा में निगम कॉम्पलेक्स में कृषि कार्य से संबंधित बीज और पेस्टीसाइड की दुकाने है। बगल से हार्ड वेयर की दुकान है। रविवार तड़के तीन बजे के करीब हार्ड वेयर की दुकान में शार्ट सर्किट से आग लग गई। धीरे-धीरे आग ने फैलते हुए गई पड़ोस की दुकान को भी अपनी चपेट में ले लिया। इससे पहले की फायर ब्रिगेड वहां पहुंचती प्रथम कल के दो गोडाउन को भी आग ने चपेट में ले लिया। दुकान के मालिक को सुबह 5.15 बजे सूचना मिली। वह मौके पर पहुंचा।

कोतवाली पुलिस ने तुरंत नगर सेना विभाग की दमकल को बुलाया गया। 5-6 दमकल वाहनों ने आग और फोम से आग बुझाने का कार्य किया। खबर लिखे जाने तक आग बुझाने का कार्य जारी है।
प्रथम तल स्थित गोडाउन में पहुंचने का रास्ता नहीं
दुकान के ऊपर बने गोडाउन में जाने का रास्ता न होने से आग बुझाने में परेशानी हुई। दमकल कर्मी एक छोटी खिड़की से आग बुझाने का प्रयास कर किया गया, लेकिन आग नहीं बुझने पर निगम व पुलिस प्रशासन गोडाउन के सामने की दीवार तोड़कर गोडाउन की आग को बुझाया ।

शहर के सभी प्रतिष्ठान अग्निशमन नियमों का करे पालन

जिला आपातकालीन एवं अग्निशमन सेवा प्रभारी एवं नगर सेनानी नागेंद्र कुमार सिंह ने लोगों से अपील की है कि शहर में जितने भी व्यापारिक प्रतिष्ठान हॉस्पिटल स्कूल कंपनी एवं बड़े बड़े व्यापारिक केंद्रों में अग्निशमन नियमों के अनुसार अपने अपने प्रतिष्ठानों में फायर सुरक्षा से संबंधित उपकरण लगाने चाहिए जिससे कि स्वयं को एवं दूसरों को आगजनी की घटना में हानि ना पहुंचे उन्होंने आज की आज आगजनी घटना के संबंध में बताया कि प्रारंभ में केवल एक दुकान में आग लगी थी इस आग में फैलते हुए 4 दुकानों को अपनी चपेट में ले लिया और प्रथम तल के दो गोडाउन में जाने का रास्ता नहीं होने के कारण रेस्क्यू टीम को भी परेशानियों का सामना करना पड़ा।