CSVTU भिलाई में PhD शोधार्थियों से 9.44 लाख की वित्तीय धोखाधड़ी

CSVTU भिलाई में PhD शोधार्थियों से 9.44 लाख की वित्तीय धोखाधड़ी



🔴कनिष्ठ सलाहकार पर नेवई थाने में FIR, फर्जी रसीदें देकर शुल्क वसूली और गबन का आरोप

भिलाईनगर, 03 फरवरी 2026। छत्तीसगढ़ स्वामी विवेकानंद तकनीकी विश्वविद्यालय (CSVTU), भिलाई में PhD शोधार्थियों से शुल्क के नाम पर की गई बड़ी वित्तीय धोखाधड़ी का मामला सामने आया है। विश्वविद्यालय प्रशासन की शिकायत पर थाना नेवई पुलिस ने पीएचडी शाखा में पदस्थ कनिष्ठ सलाहकार सुनील कुमार प्रसाद के खिलाफ धोखाधड़ी, जालसाजी एवं गबन के आरोप में अपराध पंजीबद्ध कर विवेचना प्रारंभ कर दी है।

नेवई पुलिस से प्राप्त जानकारी के अनुसार CSVTU के प्रभारी कुलसचिव द्वारा पत्र क्रमांक 453/छगस्वावितविवि/प्रशा./2026, दिनांक 27.01.2026 के माध्यम से थाना नेवई को विधिक कार्यवाही हेतु आवेदन प्रस्तुत किया गया था। आवेदन के अवलोकन एवं जांच में प्रथम दृष्टया यह पाया गया कि विश्वविद्यालय के पीएचडी पंजीकृत शोधार्थियों से निर्धारित शुल्क जमा कराने के नाम पर गंभीर अनियमितताएं की गई हैं।

दो सदस्यीय जांच समिति ने गबन की पुष्टि की

विश्वविद्यालय प्रशासन द्वारा गठित दो सदस्यीय जांच समिति की प्रारंभिक जांच में कुल ₹9,44,500 (नौ लाख चौवालीस हजार पांच सौ रुपये) के गबन की पुष्टि हुई है। जांच में यह भी सामने आया कि पीएचडी शाखा में कार्यरत कनिष्ठ सलाहकार सुनील कुमार प्रसाद द्वारा शोधार्थियों से नकद राशि लेकर उन्हें फर्जी शुल्क रसीदें प्रदान की गईं। कुछ मामलों में राशि को उनके निजी बैंक खाते में ऑनलाइन ट्रांसफर कराया गया।

कार्य परिषद की बैठक में FIR करने लिया गया निर्णय

जांच समिति के समक्ष पूछताछ में सुनील कुमार प्रसाद ने राशि प्राप्त करना स्वीकार किया, हालांकि उसने यह दावा किया कि वह यह रकम तत्कालीन प्रभारी कुलसचिव अंकित अरोरा को सौंप देता था और बदले में रसीदें प्राप्त होती थीं। लेकिन इस संबंध में वह कोई ठोस प्रमाण प्रस्तुत नहीं कर सका।
मामले पर विश्वविद्यालय की कार्य परिषद की बैठक दिनांक 22.01.2026 में सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया कि आरोपी के विरुद्ध प्राथमिकी दर्ज कराई जाए। साथ ही इस पूरे प्रकरण में अन्य अधिकारियों/कर्मचारियों की संलिप्तता की भी आशंका जताई गई है।

नेवई थाने में अपराध दर्ज

उक्त तथ्यों के आधार पर थाना नेवई में अपराध क्रमांक 0062/26 अंतर्गत धारा
316(2), 336(3), 338 एवं 340(2) भारतीय न्याय संहिता (BNS) के तहत आरोपी सुनील कुमार प्रसाद के विरुद्ध अपराध पंजीबद्ध कर विवेचना में लिया गया है। मामले की जांच निरीक्षक अनिल साहू के नेतृत्व में की जा रही है।
पुलिस का कहना है कि विवेचना के दौरान यदि अन्य किसी अधिकारी या कर्मचारी की संलिप्तता पाई जाती है, तो उनके विरुद्ध भी कड़ी वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।