बिना लाइसेंस बेटे को बाइक देना पिता को पड़ा भारी, कोर्ट ने सुनाई 3 माह की जेल

बिना लाइसेंस बेटे को बाइक देना पिता को पड़ा भारी, कोर्ट ने सुनाई 3 माह की जेल


🛑सड़क हादसे में एक युवक की मौत और दूसरा गंभीर रूप से हुआ था घायल, वाहन चालक बेटे को 5 साल का सश्रम कारावास

दुर्ग, 1 नवंबर 2026। बिना वैध ड्राइविंग लाइसेंस के अपने बेटे को मोटरसाइकिल चलाने देना पिता को महंगा पड़ गया। सड़क दुर्घटना में एक युवक की मौत और दूसरे के गंभीर रूप से घायल होने के मामले में दुर्ग सत्र न्यायालय ने वाहन चलाने वाले बेटे के साथ-साथ उसे मोटरसाइकिल देने वाले पिता को भी दोषी ठहराया है। न्यायालय ने पिता मोहन लाल बघेल को मोटरयान अधिनियम की धारा 5/180 के तहत 3 माह के साधारण कारावास और 5 हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई है। वहीं, मोटरसाइकिल चालक मोहित कुमार बघेल को विभिन्न धाराओं में 5 वर्ष के सश्रम कारावास सहित अन्य सजाएं सुनाई गई हैं।

पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार, घटना 4 अगस्त 2025 की रात करीब 8:30 बजे की है। सुपेला थाना क्षेत्र के स्मृतिनगर पुलिस चौकी अंतर्गत इंदु आईटी स्कूल, कोहका के पास मोटरसाइकिल क्रमांक CG 07 CW-2768 के चालक मोहित कुमार बघेल ने तेज एवं लापरवाहीपूर्वक वाहन चलाते हुए एक्टिवा क्रमांक CG 19 A-2771 को टक्कर मार दी थी। हादसे में एक्टिवा चालक शादान अली की मौत हो गई थी, जबकि पीछे बैठे उत्तम पांडेय गंभीर रूप से घायल हो गए थे।

मामले में स्मृतिनगर पुलिस चौकी में अपराध क्रमांक 1025/2025 दर्ज कर विवेचना की गई। जांच के दौरान पता चला कि मोटरसाइकिल चालक मोहित के पास वैध ड्राइविंग लाइसेंस नहीं था और उसके पिता मोहन लाल बघेल ने ही उसे मोटरसाइकिल चलाने के लिए दी थी। पुलिस ने साक्ष्य जुटाकर दोनों के विरुद्ध न्यायालय में अभियोग पत्र प्रस्तुत किया।

पिता-पुत्र दोनों को न्यायालय ने ठहराया दोषी

प्रकरण की सुनवाई सत्र प्रकरण क्रमांक 55/2026 के तहत दुर्ग सत्र न्यायालय में हुई। 31 अक्टूबर 2026 को न्यायालय ने फैसला सुनाते हुए मोटरसाइकिल चालक मोहित कुमार बघेल को भारतीय न्याय संहिता की धारा 105(2) के तहत 5 वर्ष का सश्रम कारावास एवं 1 हजार रुपये अर्थदंड तथा धारा 110(2) के तहत 3 वर्ष का सश्रम कारावास एवं 1 हजार रुपये अर्थदंड से दंडित किया।

इसके अलावा मोटरयान अधिनियम की धारा 184 के तहत 10 माह का साधारण कारावास एवं 3 हजार रुपये अर्थदंड तथा धारा 3/181 के तहत 3 माह का साधारण कारावास एवं 5 हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई गई।

वहीं, पिता मोहन लाल बघेल को बिना वैध ड्राइविंग लाइसेंस वाले व्यक्ति को वाहन चलाने देने के मामले में मोटरयान अधिनियम की धारा 5/180 के तहत 3 माह का साधारण कारावास एवं 5 हजार रुपये अर्थदंड से दंडित किया गया। अर्थदंड जमा नहीं करने पर 7 दिन का अतिरिक्त साधारण कारावास भुगतना होगा।

लोक अभियोजक ने की प्रभावी पैरवी

इस प्रकरण में स्मृतिनगर पुलिस चौकी, थाना सुपेला की टीम ने विवेचना कर साक्ष्यों के आधार पर न्यायालय में अभियोग पत्र प्रस्तुत किया। राज्य की ओर से लोक अभियोजक द्रोण ठाकुर ने प्रभावी पैरवी की, जिसके परिणामस्वरूप न्यायालय ने वाहन चालक पुत्र और वाहन उपलब्ध कराने वाले पिता दोनों को दोषसिद्ध कर दंडित किया।

अभिभावकों से दुर्ग पुलिस की अपील

दुर्ग पुलिस ने अभिभावकों एवं वाहन मालिकों से अपील की है कि 18 वर्ष से कम आयु के बच्चों को किसी भी परिस्थिति में मोटर वाहन चलाने न दें। किसी को भी वाहन सौंपने से पहले उसकी निर्धारित आयु और वैध ड्राइविंग लाइसेंस की जांच अवश्य करें। नाबालिगों को वाहन चलाने देना न केवल उनके जीवन के लिए, बल्कि सड़क पर चलने वाले अन्य लोगों की सुरक्षा के लिए भी गंभीर खतरा है। यातायात नियमों का पालन कर सड़क सुरक्षा में सहयोग करें।