🛑भारत निर्वाचन आयोग ने दूर किया संशय, पहले मतदाता रहे नागरिकों के खिलाफ केवल फॉर्म-6 भरने पर नहीं होगी दंडात्मक कार्रवाई
सीजी न्यूज ऑनलाइन, 04 नवंबर 2026। विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) कार्यक्रम के तहत प्रारूप मतदाता सूची में नाम शामिल नहीं होने पर पूर्व में पंजीकृत मतदाता भी अपना नाम जुड़वाने के लिए फॉर्म-6 भर सकते हैं। भारत निर्वाचन आयोग ने इस संबंध में स्पष्ट निर्देश जारी कर मतदाताओं के बीच व्याप्त भ्रम और कानूनी कार्रवाई की आशंका को दूर किया है।
आयोग ने स्पष्ट किया है कि पहले मतदाता सूची में नाम दर्ज होने के बावजूद यदि किसी नागरिक का नाम वर्तमान प्रारूप मतदाता सूची में नहीं है, तो वह नए सिरे से फॉर्म-6 प्रस्तुत कर सकता है। केवल इस आधार पर कि आवेदक पूर्व में मतदाता के रूप में पंजीकृत था, उसके आवेदन को गलत या झूठी घोषणा नहीं माना जाएगा।
फॉर्म-6 भरने को लेकर क्यों था संशय?
विशेष गहन पुनरीक्षण के दौरान कई ऐसे मतदाता सामने आए, जिनका नाम पहले मतदाता सूची में दर्ज था, लेकिन वर्तमान प्रारूप सूची में शामिल नहीं है। फॉर्म-6 में पहली बार मतदाता सूची में नाम शामिल किए जाने संबंधी घोषणा के कारण ऐसे मतदाता आवेदन करने से हिचक रहे थे।
उन्हें आशंका थी कि पूर्व में मतदाता होने के बावजूद फॉर्म-6 भरने पर इसे गलत घोषणा माना जा सकता है और लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम, 1950 की धारा 31 के तहत उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई हो सकती है।
दिल्ली हाईकोर्ट के फैसले का दिया हवाला
भारत निर्वाचन आयोग ने इस मामले में दिल्ली उच्च न्यायालय के निर्णय का हवाला देते हुए स्थिति स्पष्ट की है। याचिका संख्या W.P. (C) No. 14955/2026, निलोत्पल दत्ता एवं अन्य बनाम भारत निर्वाचन आयोग एवं अन्य में 14 अक्टूबर 2026 को दिए गए आदेश के अनुरूप आयोग ने कहा कि ऐसी परिस्थितियों में गलत घोषणा को लेकर मतदाताओं की आशंका निराधार है।
केवल पूर्व पंजीकरण के आधार पर नहीं होगी कार्रवाई
आयोग ने सभी निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारियों (ERO) को निर्देश दिया है कि केवल इस कारण किसी आवेदक के खिलाफ लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम, 1950 की धारा 31 के तहत कार्रवाई नहीं की जाए कि उसका नाम पहले किसी मतदाता सूची में दर्ज था।
हालांकि, आवेदक को यह सुनिश्चित करना होगा कि उसका नाम किसी अन्य संसदीय या विधानसभा क्षेत्र की वर्तमान मतदाता सूची में पहले से पंजीकृत न हो तथा आवेदन निर्धारित कानूनी नियमों के अनुरूप हो।
नाम जांचें, छूटने पर समय रहते भरें फॉर्म-6
मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी, छत्तीसगढ़ ने नागरिकों से अपील की है कि वे वर्तमान प्रारूप मतदाता सूची में अपना नाम अवश्य जांचें। यदि सूची में नाम नहीं मिलता है, तो बिना किसी संकोच के समय रहते फॉर्म-6 भरकर निर्वाचक नामावली में अपना पंजीकरण सुनिश्चित कराएं।
आयोग के इस स्पष्टीकरण से उन पूर्व मतदाताओं को राहत मिलने की उम्मीद है, जो प्रारूप मतदाता सूची में नाम नहीं होने के बावजूद कानूनी कार्रवाई की आशंका से आवेदन करने में हिचक रहे थे।


