पर्यावरण प्रेमी संगठनों ने चिपको आंदोलन के तहत पेड़ों की कटाई पर रोक लगाने उठाई आवाज, किया विरोध प्रदर्शन

पर्यावरण प्रेमी संगठनों ने चिपको आंदोलन के तहत पेड़ों की कटाई पर रोक लगाने उठाई आवाज, किया विरोध प्रदर्शन


पर्यावरण प्रेमी संगठनों ने चिपको आंदोलन के तहत पेड़ों की कटाई पर रोक लगाने उठाई आवाज, किया विरोध प्रदर्शन

दुर्ग 5 जून । विश्व पर्यावरण दिवस के मौके पर आज जहां अनेक स्थानों पर लोगों ने पौधरोपण का कार्यक्रम किया वहीं पर्यावरण के क्षेत्र में कार्य कर रहे अनेक संगठनों व पर्यावरण प्रेमियों ने इस बार पर्यावरण दिवस के मौके पर पौधरोपण करने की बजाय पेड़ों को बचाने प्रसिद्ध पर्यावरण प्रेमी स्वर्गीय गैंदलाल देशमुख द्वारा रोपित जिन पेड़ों को बिजली का तार खींचने काटे जा रहे हैं उससे चिपक कर ग्राम कोड़िया में सांकेतिक रूप से चिपको आंदोलन कर पेड़ों की कटाई पर रोक लगाने आवाज उठाई उन्होंने इस दौरान स्व श्री देशमुख द्वारा रोपित एवं हसदेव जंगल में पेड़ों की कटाई को लेकर विरोध प्रदर्शन किया।

 इसमें शामिल हरित क्रांति संगठन कोड़िया, हितवा संगवारी , आदर्श नवयुवक मंडल पोटिया सहित विभिन्न पर्यावरण संगठनों के पर्यावरण कार्यकर्ता तथा पर्यावरण प्रेमियों ने कहा कि वर्तमान में हर तरफ अंधाधुंध पेड़ों की कटाई हो रही है इनमें बहुत से ऐसे पेड़ है जिन्हें वर्षों की मेहनत से पर्यावरण प्रेमियों ने बच्चों की तरह पाल पोस कर बड़ा किए थे ऐसे ही पर्यावरण प्रेमी स्व गैंदलाल देशमुख द्वारा रोपित अनेक पेड़ भी काट दिए गए सड़क चौड़ीकरण में पुराने बरगद, पीपल, गस्ती, नीम के पेड़ों को भी अन्यत्र शिफ्ट करने की बजाय कांट दिए गए  इनमें कई पेड़ों को लोगों ने मांगलिक अवसरों को यादगार बनाने रोपे थे यही नहीं प्राकृतिक रूप जैव विविधता से भरे हसदेव जंगल में भी पेड़ो की कटाई की जा रही है ऐसे में वर्तमान में उनके  व पर्यावरण प्रेमियों द्वारा रोपे जा रहे पेड़ों को भी इसी तरह विकास के नाम पर काटा जाता है तो जिन उद्देश्यों को लेकर वे पौधे रोपित कर रहे हैं उसका कोई औचित्य नहीं रह जाएगा इसलिए पौधरोपण के साथ पहले से लगे पेड़ों की सुरक्षा ज्यादा जरूरी है इसीलिए वे इस बार पर्यावरण दिवस पर पौधरोपण न कर पहले से रोपित पेड़ों की सुरक्षा पर जोर दे रहे हैं

पहले से लगे पेड़ों के ऊपर से खुला बिजली तार खींचने की बजाय लगाए कवर कंडक्टर

उन्होंने मांग किया कि जहां पर पहले से पेड़ है उसके ऊपर से बिजली का तार न खींचा जाय और यदि जरूरी हो तो पेड़ों के ऊपर से खुला बिजली का तार खींचने की बजाय कवर कंडक्टर लगाई जाय इसी प्रकार सड़क चौड़ीकरण के नाम पर पेड़ों की कटाई न कर चौड़ीकरण की जद में आने वाले पुराने पेड़ों को अन्यत्र शिफ्ट किया जाय इसके लिए हर जिले में पेड़ शिफ्टिंग के लिए मशीन हो

हसदेव जंगल में पेड़ों कटाई का भी विरोध

पर्यावरण प्रेमियों ने हसदेव जंगल में पेड़ों की कटाई बंद करने कर हसदेव बचाने मांग की उन्होंने कहा कि कोयला खनन के लिए जंगल उजाड़ने की बजाय अन्य उर्जा स्रोतों जैसे सौर उर्जा आदि से बिजली तैयार करने पर जोर दिया जाय इस दौरान मौजूद पर्यावरण प्रेमी गैंदलाल देशमुख की धर्मपत्नी ने भी सरकार से पेड़ो को कटने से बचाने अपील की